खतरे में अंतरिक्ष स्टेशन, कभी भी हो सकती है तेज रफ्तार मलबे से टक्कर, नासा कर रहा है कक्षा बदलने की तैयारी
नासा ने अपने ब्लॉग में कहा है कि, अंतरिक्ष यात्री टॉम मार्शबर्न और कायला बैरोन ने मलबे के हमले के कारण टूटे हुए स्पेस स्टेशन के एंटीना को बदल दिया है, लेकिन बड़ा खतरा अभी बाकी है।
वॉशिंगटन, दिसंबर 03: टेक्नोलॉजी को विस्तार देने के लिए अंतरिक्ष एजेंसियां अंतरिक्ष में रॉकेट लॉंन्च करती हैं लेकिन, कुछ सालों के बाद ये रॉकेट वैज्ञानिकों के लिए ही मुसीबत बन जाते हैं। 1994 में लॉंच किया गया एक ऐसा ही रॉकेट अभी वैज्ञानिकों की नींद उड़ा रहा है। अंतरिक्ष स्टेशन के सामने आए इस मुसीबत से बचने के लिए अब स्पेस स्टेशन के ऑर्बिट को बदलने का फैसला लिया गया है और आज अंतरिक्ष स्टेशन के ऑर्बिट को बदला जाएगा।

स्पेस स्टेशन के ऑर्बिट में बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बाहर एक टूटे हुए एंटीना को बदलने के लिए अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने एक स्पेसवाक पूरा किया, लेकिन ठीक उसके बाद फ्लाइट कंट्रोलर्स ने अंतरिक्ष यात्रियों को बताया कि अंतरिक्ष में मलबे की वजह से स्पेस स्टेशन के सामने गंभीर खतरा मंडरा रहा है और अंतरिक्ष स्पेशन को बचाने के लिए उसे निचली कक्षा में ले जाना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरिक्ष में मौजूद एक रॉकेट का मलबा स्पेस स्टेशन के बेहद करीब से गुजर सकता है या फिर आशंका इस बात को लेकर भी है कि ये मलबा स्पेस स्टेशन से टकरा भी सकता है, जिसने नासा को टेंशन में डाल दिया है।

टक्कर की आशंका
रिपोर्ट के मुताबिक, नासा लगातार अंतरिक्ष स्पेशन की तरफ बढ़ रहे मलबे का आकलन कर रहा है और नासा का मिशन कंट्रोल लगातार मलबे से बचने की तैयारी कर रहा है। नासा द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेस स्टेशन को मलबे से बचाने के लिए नासा को कम से कम दो घंटे पहले इसके लिए अभ्यास करना होगा। हालांकि, पहले नासा को इस बात की आशंका थी, कि मलबे की टक्कर से अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद यात्रियों की जान को खतरा हो सकता है, लेकिन अब नासा ने साफ कर दिया है कि, अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को कोई तात्कालिक खतरा नहीं है।

मलबे से बचने की तैयारी
अमेरिकन अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि, "मिशन कंट्रोल नासा के अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम कर रहा है ताकि संभावित मलबे से बचाव की तैयारी की जा सके। नासा ने एक ब्लॉक पोस्ट में अपने मिशन के बारे में जानकारियां साझा की हैं, जिसमें बताया गया है कि, किस तरह से नासा को अंतरिक्ष स्टेशन को बचाने के लिए तैयारियां करनी होगी। नासा ने अपने ब्लॉक में बताया है कि, 19 मई 1994 को लॉन्च किए गए पेगासस रॉकेट के टूटने से 39 हजार 915 का मलबा उत्पन्न हुआ था। अंतरिक्ष में ये रॉकेट 3 जून 1996 को टूटा था और तब से ये मलबा अंतरिक्ष में चारों ओर निर्वात में तैर रहा है।

अंतरिक्ष में कामयाब स्पेसवाक
नासा ने अपने ब्लॉग में कहा है कि, अंतरिक्ष यात्री टॉम मार्शबर्न और कायला बैरोन ने मलबे के हमले के कारण टूटे हुए स्पेस स्टेशन के एंटीना को बदल दिया है। बैरन ने स्पेसवॉक के दौरान हटाए गए टूट चुके एंटीना पर कम से कम 11 छोटे मलबों के टक्कर की बात कही है। जिसमें कुछ छेद पुराने लग रहे थे। ये डिवाइस पिछले 20 से ज्यादा सालों से वहां मौजूद था और सितंबर में खराब हो गया था। वहीं, 61 वर्षीय मार्शबर्न स्पेसवॉक करने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति बन गये हैं और यह उनके करियर का चौथा स्पेसवाक था। 34 वर्षीय अंतरिक्षयात्री बैरोन ने पहले उसे बाहर निकाला।

मलबा बन रहा चिंता का विषय
पिछले महीने रूस ने मिसाइल परीक्षण में एक पुराने उपग्रह को नष्ट कर दिया था, जिसकी वजह से अंतरिक्ष में हर जगह टुकड़ा फैल गया था। हालांकि, नासा ने अभी तक साफ नहीं किया है कि, क्या उसी घटना के बाद उस मलबे से अंतरिक्ष स्टेशन का एंटीना खराब हुआ था। इस सप्ताह अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के नेतृत्व में पहली राष्ट्रीय अंतरिक्ष परिषद की बैठक के दौरान, पिछले महीने रूस के व्यापक मलबे-बिखरने की निंदा करने में अमेरिकी सरकार के शीर्ष अधिकारी उनके साथ शामिल हुए। टूटे हुए उपग्रह के 1,700 से अधिक बड़े आकार के टुकड़ों को ट्रैक किया जा रहा है और आशंका इस बात की है कि, सैकड़ों इतने छोटे टुकड़े हैं, जिन्हें धरती पर मौजूद वैज्ञानिक नहीं देख सकते हैं, लेकिन वो अंतरिक्ष में काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं।












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