दक्षिण कोरिया में बारिश का कहर: 17 की मौत, 11 लापता, भूस्खलन और बाढ़ से तबाही!
South Korea Floods: दक्षिण कोरिया में पांच दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। रविवार, 20 जुलाई 2025 तक, इस प्राकृतिक आपदा में 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 अन्य लापता हैं।
भूस्खलन, मकान ढहने, और अचानक आई बाढ़ ने दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। गृह एवं सुरक्षा मंत्रालय ने बताया कि बारिश की तीव्रता अब कम हो गई है, लेकिन राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

कहां-कहां हुई तबाही?
- गैप्योंग (उत्तरी क्षेत्र): सियोल से 70 किमी पूर्व में स्थित गैप्योंग काउंटी में रविवार सुबह 170 मिमी (6.7 इंच) बारिश दर्ज की गई। एक 70 वर्षीय महिला की मौत भूस्खलन से उनका घर ढहने के कारण हुई, जबकि एक 40 वर्षीय व्यक्ति उफनती नदी में बह गया। यहां पांच लोग लापता हैं।
- सांचियोंग (दक्षिणी क्षेत्र): दक्षिणी काउंटी सांचियोंग में बुधवार से 793.5 मिमी बारिश हुई, जिसके कारण भूस्खलन और बाढ़ में 10 लोगों की मौत हुई और चार लापता हैं।
- ग्वांगजू और अन्य क्षेत्र: ग्वांगजू में एक व्यक्ति की मौत हुई, और सात अन्य लोग ग्वांगजू, गैप्योंग, और अन्य क्षेत्रों में लापता हैं। ओसान में एक ओवरपास की दीवार ढहने से एक व्यक्ति की कार मलबे में दब गई, जिससे उसकी मौत हो गई। साउथ चुंगचियोंग प्रांत में एक डूबी कार, उफनती धारा, और बाढ़ग्रस्त बेसमेंट में तीन अन्य लोगों की जान गई।
प्रभाव और सरकारी कार्रवाई
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार से शुरू हुई बारिश ने दक्षिणी क्षेत्रों में 600-800 मिमी तक पानी बरसाया, जो रिकॉर्ड स्तर की बारिश है। रविवार शाम 4 बजे तक करीब 2,730 लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। बारिश रुकने के बाद पूरे देश में भारी बारिश की चेतावनी हटा ली गई है।
राष्ट्रपति ली जे म्यूंग ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित क्षेत्रों को विशेष आपदा क्षेत्र घोषित करने का आश्वासन दिया, ताकि वित्तीय और पुनर्वास सहायता प्रदान की जा सके। राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी और स्थानीय प्रशासन सांचियोंग और गैप्योंग में बचाव कार्यों में जुटे हैं, क्योंकि लापता लोगों की तलाश जारी है।
जलवायु परिवर्तन की मार
दक्षिण कोरिया में जुलाई में मॉनसून बारिश आम है, और देश आमतौर पर इसके लिए तैयार रहता है। लेकिन इस बार रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने तबाही मचा दी। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी चरम मौसमी घटनाएं अधिक तीव्र और बार-बार हो रही हैं। 2022 में भी दक्षिण कोरिया में भारी बारिश और बाढ़ ने 11 लोगों की जान ली थी, जिसमें सियोल के एक बेसमेंट में तीन लोग फंसकर मर गए थे, जैसा कि ऑस्कर विजेता फिल्म "पैरासाइट" में दर्शाया गया था।
जैसे-जैसे बचाव कार्य जारी हैं, सरकार और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने में जुटे हैं। सांचियोंग में अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। यह त्रासदी जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरों और बेहतर आपदा प्रबंधन की जरूरत को रेखांकित करती है। क्या दक्षिण कोरिया इस आपदा से सबक लेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाएगा? यह समय बताएगा।












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