अंतिम संस्कार के लिए अनाप शनाप वसूल रहे पुजारी, दक्षिण अफ्रीका के हिंदुओं का आरोप

एक तरह कोरोना विश्व में कहर बरपा रहा है लेकिन साउथ अफ्रीका में अंतिम संस्कार कराने वाले पुजारियों ने मानो इस आपदा में अवसर की तलाश कर ली हो। अंतिम संस्कार के लिए पुजारी काफी चार्ज कर रहे हैं

डरबन: एक तरह कोरोना (Corona Virus) विश्व में कहर बरपा रहा है लेकिन साउथ अफ्रीका(South Africa) में अंतिम संस्कार (Funerals) कराने वाले पुजारियों(Priest) ने मानो इस आपदा में अवसर की तलाश कर ली हो। आरोप लगे हैं कि कोराना वायरस से मरने वाले व्यक्तियों के परिवार वालों से दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले पुजारी क्रियाकर्म(Crematorium) के लिए ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका में इस वक्त कोरोना वायरस का दूसरा लहर लोगों की जान ले रहा है। PTI के मुताबिक, श्मशान घाट में कोरोना से मरने वाले लोगों की काफी ज्यादा शव आ रहे हैं, जिसकी वजह से श्मशान घाट में काम करने वाले कर्मचारियों को डबल शिफ्ट में काम करना पड़ रहा है, लेकिन पुजारियों पर जो आरोप लगे हैं वो शर्म से कम नहीं है।

funeral

अंतिम संस्कार के लिए ज्यादा चार्ज

दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले कई हिन्दू परिवारों ने पुजारियों पर आरोप लगाए हैं कि वो अंतिम संस्कार में क्रियाकर्म के लिए काफी ज्यादा पैसे मांगते हैं। क्लेयर एस्टेट श्मशान घाट के मैनेजर प्रदीप रामलाल ने पुजारियों की इस हरकत को शर्मनाक बताया है। प्रदीप रामलाल जो दक्षिण अफ्रीका हिन्दू धर्म एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने कहा है कि उन्हें कई हिन्दू परिवारों की तरफ से पुजारियों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, जो क्रियाकर्म के लिए ज्यादा पैसे मांग रहे हैं। प्रदीप रामलाल कहते हैं कि एक तो परिवार में कोरोना वायरस की वजह से किसी सदस्य की मौत हो गई रहती है, ऊपर से एक्स्ट्रा चार्ज करना शर्म करने वाली बात है।

श्मशान घाट में डबल शिफ्ट में काम करते कर्मचारी

पिछले कुछ हफ्तों से दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस का दूसरा लहर खतरनाक स्तर पर है। सैकड़ों लोगों की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी है। ऐसे में श्मशाम घाट में दिन और रात शव अंतिम संस्कार के लिए आते रहते हैं, जिसे देखते हुए श्मशान घाट में काम करने वाले कर्मचारियों को डबल शिफ्ट में काम करने के लिए बुलाया जा रहा है। आपको बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में करीब 14 लाख हिन्दू रहते हैं।

1200 से 2000 रुपये वसूलते हैं पुजारी

प्रदीप रामलाल बताते हैं कि उनके पास कई हिन्दू परिवारों ने शिकायत की है कि अंतिम संस्कार के वक्त क्रियाकर्म के लिए पुजारी हिन्दू परिवारों से 1200 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये मांगते हैं, जो पूरी तरह से गलत है। हिन्दू धर्म में अंतिम संस्कार के वक्त क्रियाकर्म कराने को सेवा करने का दर्जा दिया गया है। अगर कोई अपनी इच्छा से पुजारी को पैसे देता है तो वो अलग बात है, लेकिन किसी पुजारी को जबरदस्ती पैसे नहीं वसूलना चाहिए। प्रदीप रामलाल ने दक्षिण अफ्रीका में रहने वाले हिन्दू परिवारों से अपील की है कि अगर पुजारी ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं तो परिवार खुद से अंतिम संस्कार कर लें। इसके लिए रामलाल ने अंतिम संस्कार का रिकॉर्डेड वीडियो क्लिप भी जारी किया है।

वहीं, दक्षिण अफ्रीका हिन्दू महासभा के अध्यक्ष अश्विन ट्रिकमजी ने हिन्दू समुदाय से अपील की है कि, उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में पुजारियों की एक लिस्ट डाली है, और परेशान परिवार उन पुजारियों से अंतिम संस्कार के लिए संपर्क कर सकते हैं।

पुजारियों का तर्क

ज्यादा पैसे वसूलने का आरोप लगने को लेकर कुछ पुजारियों ने तर्क दिया है कि उन्हें अंतिम संस्कार में जाने से पहले अपना PPE किट खरीदना पड़ता है और श्मशान घाट तक जाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं, इसीलिए वो पीड़ित परिवार से उसका चार्ज मांगते हैं। लूसी सिबाबन नाम के एक हिन्दू पुजारी ने दक्षिण अफ्रीका सरकार से अंतिम संस्कार कराने वाले पुजारियों की मदद करने की गुहार लगाई है।

पिछले 2 महीनों में दक्षिण अफ्रीका में कोरोना से मरने वाले लोगों की तादाद में काफी ज्यादा इजाफा दर्ज किया गया है। सिर्फ पिछले गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका में 647 लोगों की मौत हुई है तो 11 हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस संक्रमित मिले हैं। दक्षिण अफ्रीका में अब तक 39 हजार 500 से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हो चुकी है। भारत सरकार ने दक्षिण अफ्रीका की मदद के लिए कोरोना वैक्सीन की 15 हजार डोज भेजी है। जिसका इस्तेमाल हेल्थ सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों पर किया जाएगा।

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