सांपों में फैली रहस्यमयी दुर्लभ बीमारी, घातक संक्रमण से 'ममी' की तरह बन रहा शरीर, लुप्त होने का खतरा
पूर्वी अमेरिका में सांपों में रहस्यमयी दुर्लभ बीमारी फैल गई है, जिससे सांप 'ममी' की तरह हो जा रहे हैं और भीषण दर्द से उनकी मौत हो जा रही है।
वॉशिंगटन, जुलाई 21: अमेरिका में सांपों के ऊपर बेहद गंभीर संकट मंडरा रहा है। एक ऐसी रहस्यमयी बीमारी की चपेट में सांप आ रहे हैं, जो उनकी जान ले रहा है। अमेरिका के पूर्वी हिस्से में सांप दुर्लभ त्वचा रोग से संक्रमित हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीमारी की वजह से सांप की आंखों के ऊपर धंधला परत बन जा रहा है और उनके सिर के हिस्से का चमड़ा बुरी तरह से सूख कर पपड़ी की तरफ बन जा रहा है, जिसकी वजह से सांपों की मौत हो रही है।

रहस्यमयी बीमारी से मर रहे सांप
डॉक्टरों ने कहा है कि जिस दुर्लभ बीमारी की चपेट में आकर सांप मर रहे हैं, वो एक तरह का स्नेक फंगल रोक है, जिसे एसएफडी के रूप में जाना जाता है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के वैज्ञानिकों ने कहा कि ये बेहद दुर्लभ और रहस्यमयी बीमारी है, जो सिर्फ सांपों में ही होता है। 2008 में पहली बार सांपों में होने वाली इस बीमारी का पता चला था, लेकिन एक बार फिर से पूर्वी अमेरिका के सांप भयानक स्तर पर इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं, जिसकी वजह से उनकी मौत हो जा रही है। अमेरिका की एक एजेंसी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि 'भारी संख्या में सांप इस दुर्लभ बीमारी की चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं'।

भारी संख्या में सांपों की मौत
रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी अमेरिका के कई हिस्सों में 2017 में सांपों के बीच ओफिडियोमाइसेस ओफिडीकोला नाम की बीमारी से प्रभावित कई सांप मिले थे। 20019 में यूएसजीएस नाम की एजेंसी ने लुइसियाना के वर्मिलियन पैरिश में कुछ पानी में रहने वाले सांप की तलाश की थी, जिनमें से कुछ सांपों के ऊपर अजीब तरह के घाव थे। वहीं, लाइवसाइंस ने पहले बताया था कि, कैलिफोर्निया में भी कई ऐसे सांप देखे गये हैं, जो बिल्कुल 'ममी' की तरह दिखने लगे हैं। ये सांप बेहद घातक और दुर्लभ बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमण की वजह से सांपों की त्वचा काफी ज्यादा सख्त हो जाती है और पपड़ी की तरफ फटने लगती है, जिससे तरल पदार्थ निकलने लगता है। वहीं, सांपों की आंखों पर बादल की तरह परत बनने लगती है और वो कुछ देख नहीं पाते हैं। इसके साथ ही सांप को काफी ज्यादा दर्द भी होता है।

बेहद खतरनाक है संक्रमण
यूएसजीएस ने कहा कि इस घातक संक्रमण की वजह से सांपों का शरीर काफी ज्यादा विकृत हो जा रहा है और ये संक्रमण इतना ज्यादा घातक है, कि सांपों बेहद कमजोर हो जाते हैं और दर्द की वजह से उनकी मौत हो जा रही है। वहीं, सांपों में फैले इस संक्रमण को लेकर वैज्ञानिकों ने काफी ज्यादा चिंता जताई है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि 'इंसानों की बढ़ती आबादी और जंगलों के कटने की वजह से पहले से ही सांप घट रहे हैं, लेकिन इस दुर्लभ बीमारी एसएफडी की वजह से सांपों की आबादी भयानक तरीके से घट सकती है।' वैज्ञानिकों ने कहा है कि 'हमें जल्द से जल्द सांपो में फैले इस संक्रमण का इलाज खोजना होगा।'

संक्रमण फैलने की वजह अज्ञात
यूएसजीएस के वैज्ञानिकों ने एसएफडी के कारक एजेंट की पहचान की है, और ये एक कवक है, जिसे ओफिडियोमाइसेस ओफिडिओकोला के नाम से जाना जाता है, लेकिन अभी भी यह अनिश्चित है, कि यह कैसे फैल रहा है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन में लिखा है, हो सकता है कि मिट्टी में ऐसा कुछ मौजूद है, जो 'प्रेरक एजेंट' का काम कर रहा है और ओफिडियोमाइसेस ओफिडिकोला (ओओ) को फैला रहा है। एक वजह मिट्टी में फैला प्रदूषण भी हो सकता है। लगातार फैक्ट्रियों से निकला गंदा पानी मिट्टी पर फैल रहा है, जिसकी वजह से ये संक्रण फैल रहा हो। अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक इस संक्रमण से सांपों में होने वाला मृत्यु दर काफी ज्यादा है और पीड़ित सांप करीब करीब मर ही जा रहे हैं।

जलवायु परिवर्तन का असर ?
वन्य जीवों के लिए काम करने वाली एजेंसी यूएसजीएस ने कहा है कि, यह संभव है कि पर्यावरण में परिवर्तन की वजह से सापों की आबादी में घातक संक्रमण फैला है। वहीं, एजेंसी ने कहा है कि एसएफडी सांपों से मनुष्यों में ट्रांसफर नहीं होता है और पूरे यूरोप और अमेरिका में 30 से ज्यादा सांपों की प्रजातियों में ये संक्रमण देखा गया है। और अमेरिका के 23 राज्यों के सांप इस बीमारी से पीड़ित बताए जा रहे हैं।












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