Sheikh Hasina News: 'भारत में आजाद हूं, पर घर वापसी चाहूंगी,चुनाव लड़ने से रोका तो कयामत', दिल्ली से शेख हसीना

Sheikh Hasina Interview In Hindi: बांग्लादेश की अपदस्थ (पद से हटाया हुआ) प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आखिरकार मीडिया के सामने अपनी 'मन की बात' रखी। दिल्ली से अपना पहला इंटरनेशनल मीडिया इंटरव्यू शेख हसीना ने दिया। 78 वर्षीय हसीना ने कहा, 'मैं भारत में आजादी से रह रही हूं, लेकिन सतर्क भी हूं, मेरा परिवार का हिंसक इतिहास मुझे सावधान रखता है।'

उन्होंने स्पष्ट किया कि फरवरी 2026 के चुनावों के बाद अगर कोई वैध सरकार बनेगी, तो बांग्लादेश लौटना चाहूंगी। लेकिन, अगर अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोका गया, तो लाखों समर्थक वोट बहिष्कार करेंगे। रॉयटर्स को ईमेल से दिए हसीना के ये बयान बांग्लादेश की सियासत में भूचाल ला सकता है।

Sheikh Hasina Interview

हसीना ने अंतरिम सरकार (मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व) पर निशाना साधा। कहा, 'अवामी लीग पर बैन अन्यायपूर्ण है, आत्मघाती भी। ये लाखों वोटरों को वंचित करेगा, चुनाव की वैधता खत्म हो जाएगी। ये बयान तब, आया जब यूनुस सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया है, और BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) चुनावी फेवरेट बना है। आइए, हसीना के इस इंटरव्यू की परतें खोलें, उनके निर्वासन, आरोपों, अवामी लीग के भविष्य और भारत में जिंदगी पर, जहां वे अगस्त 2024 के छात्र विद्रोह के बाद भाग आई थीं...

Sheikh Hasina Life: लोधी गार्डन में टहलती हसीना, लेकिन घर वापसी का इंतजार

अगस्त 2024 के घातक छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद हसीना को अपने देश बांग्लादेश से भागना पड़ा। बांग्लादेश एयर फोर्स वन से दिल्ली लैंड, जहां वे अब भी हैं। रॉयटर्स को बताया कि मैं भारत में आजाद हूं, नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) की अंतरिम सरकार में नहीं लौटूंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घर लौटना चाहूंगी, लेकिन वैध सरकार बने, संविधान का पालन हो, कानून-व्यवस्था कायम हो। हसीना के परिवार का इतिहास हिंसा से भरा है। 1975 के सैन्य तख्तापलट में पिता शेख मुजीबुर रहमान और तीन भाइयों की हत्या हुई, जब वे विदेश में थीं।

रॉयटर्स रिपोर्टर ने उन्हें लोधी गार्डन में टहलते देखा, दो सुरक्षाकर्मियों संग, राहगीरों को सिर हिलाकर अभिवादन। हसीना ने कहा कि मेरा फोकस बांग्लादेश का कल्याण, स्थिरता और संवैधानिक शासन है। उनका बेटा सजीब वाजेद (वाशिंगटन में) ने 2024 में कहा था, 'पार्टी लीडरशिप पर विचार कर सकता हूं। लेकिन, हसीना ने कहा- 'ये मेरे या परिवार के बारे में नहीं, बांग्लादेश का भविष्य सोचना है। भारत ने शरण दी, लेकिन यूनुस सरकार ने एक्सट्राडिशन डिमांड की। हसीना ने इनकार किया और राजनीतिक ढोंग बताया।

Bangladesh Sheikh Hasina News Hindi: अवामी लीग पर बैन का विरोध, चुनाव वैधता पर सवाल

बांग्लादेशी राजनीति (Bangladesh Politics) में लगातार 15 साल सत्ता पर रहने के बाद हसीना का यह पहला मीडिया संबोधन था। चुनाव आयोग ने मई 2025 में पंजीकरण निलंबित किया, राष्ट्रीय सुरक्षा और युद्ध अपराध जांच का हवाला दिया। यूनुस सरकार ने सभी गतिविधियां रोकीं। हसीना ने कहा कि हम किसी और पार्टी को सपोर्ट नहीं कह रहे, लेकिन हमें चुनाव लड़ने दो। समझदारी काम करेगी।'

बांग्लादेश के 12.6 करोड़ वोटर्स में अवामी लीग का कोर देखें तो, BNP (विपक्ष) जीत की फेवरेट है। लेकिन, हसीना ने कहा कि बिना अवामी लीग के चुनाव वैध नहीं। लाखों वोटर वंचित होंगे।

आरोपों पर इनकार: 'कंगारू कोर्ट का ढोंग'-1,400 मौतों पर माफी नहीं

हसीना पर गंभीर आरोप है कि 2024 छात्र प्रदर्शनों पर हिंसा (15 जुलाई-5 अगस्त) में ज्यादातर सुरक्षा बलों की गोली से 1,400 मौतें, हजारों घायल हुए। अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल (ICT) ने कार्यवाही पूरी की और 13 नवंबर वर्डिक्ट आया। हसीना ने कहा कि 'ये राजनीतिक ढोंग था, कंगारू कोर्ट का फैसला पहले तय था। मुझे बचाव का मौका नहीं मिला। मैं घातक बल या अपराधों में शामिल नहीं, ये राजनीति से प्रेरित।'

हसीना ने कहा कि अवामी लीग बांग्लादेश के भविष्य में भूमिका निभाएगी। सरकार या विपक्ष में यह वक्त बताएगा। परिवार को लीड करने की जरूरत नहीं।' हसीना ने यह भी कहा कि ये व्यक्ति या परिवार का मुद्दा नहीं, संवैधानिक शासन और स्थिरता का है। अवामी लीग कार्यकर्ताओं पर हिंसा हुई, लेकिन सड़कें शांत हैं।

प्रमुख राजनीतिक पार्टियां और गठबंधन

क्रमांक पार्टी / गठबंधन स्थिति और भूमिका
1
Bangladesh Nationalist Party (BNP) हसीना के एएल के मुख्य प्रतिद्वंद्वी-पार्टी। चुनाव जल्दी करने की वकालत कर रही है।
2
Awami League (एएल) हसीना की पार्टी, लेकिन अंतरिम सरकार द्वारा चुनौती और पाबंदियों का सामना कर रही है।
3
Jamaat‑e‑Islami Bangladesh (JI) इस्लामी विचारधारा वाली प्रमुख पार्टी; नए माहौल में पुनरुत्थान की कोशिश में।
4
National Citizen Party (NCP) छात्र आंदोलन से निकलकर बनी नई पार्टी (2025-02-28 को स्थापित) जिसे युवा तथा शहरी वोटरों में समर्थन मिल रहा है।

भारत ने हसीना को शरण दी, अगस्त 2024 से दिल्ली में छिपी हैं। वे लोधी गार्डन घूमतीं, लेकिन सुरक्षित। हसीना का बयान बांग्लादेश की सियासत को हिला सकता है। अवामी लीग बहिष्कार से चुनाव वैधता पर संकट है। क्या यूनुस सरकार बैन हटाएगी? फरवरी का इंतजार! आपकी क्या राय? कमेंट बॉक्स में बताएं...

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