पाकिस्तान ने आम भेजकर की शेख हसीना को लुभाने की कोशिश, जाते समय क्या चक्कर चला रहे शहबाज शरीफ?

Shehbaz sends mango to Sheikh Hasina: बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार ने पाकिस्तान से हमेशा से एक निश्चित दूरी बनाकर रखी है और शेख हसीना की सरकार के दौरान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के संबंधों में करीबी नहीं आई है। लेकिन, प्रधानमंत्री पद छोड़ने से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आम भेजकर बांग्लादेशी सरकार को लुभाने की कोशिश की है।

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के निवर्तमान प्रधान मंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और बांग्लादेश के अन्य सम्मानित गणमान्य नेताओं को विश्व प्रसिद्ध पाकिस्तानी आमों का एक उपहार भेजा है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि पाकिस्तान का ये वार्षिक परंपरा है, जो दो पड़ोसी देशों के बीच राजनयिक संबंधों और भाईचारे के संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक है।

Shehbaz sends mango to Sheikh Hasina

पाकिस्तान ने भेजे बांग्लादेश को आम

बांग्लादेश में पाकिस्तानी दूतावास के प्रेस काउंसलर फसीउल्लाह खान ने ट्विटर पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा, कि "हर साल, पाकिस्तान का नेतृत्व भाईचारे वाले राज्यों के नेतृत्व और गणमान्य व्यक्तियों को सद्भावना के रूप में विश्व प्रसिद्ध पाकिस्तानी आमों का उपहार भेजता है।"

उन्होंने कहा, कि "इस परंपरा को ध्यान में रखते हुए, पाकिस्तान के प्रधान मंत्री ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सद्भावना संदेश के साथ-साथ मौसमी ताजे आमों का उपहार भेजा है।"

आपको बता दें, कि यह प्रधान मंत्री शहबाज़ शरीफ़ के कार्यालय का अंतिम सप्ताह है और माना जा रहा है, कि आज शहबाज शरीफ अपने पद से इस्तीफा देते हुए, राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से नेशनल असेंबली को भंग करने सिफारिश कर सकते हैं।

वहीं, अगर शहबाज शरीफ के प्रस्ताव पर अगर आरिफ अल्वी मुहर लगा देते हैं, तो पाकिस्तानी नेशनल असेंबली को आज भंग किया जा सकता है।

पाकिस्तानी आम अपने मीठे स्वाद, सुगंध और गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं, सिंधरी, चौंसा, लंगड़ा, सोनारो और सरोली आम सहित कई स्थानीय किस्मों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में उच्च मांग है।

पाकिस्तानी नेता अक्सर विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के साथ मौसमी आम के फल का आदान-प्रदान करते हैं, और उसे दोस्ती और आपसी सम्मान का प्रतीक बताते हैं।

कैसे हैं बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंध?

दक्षिण एशियाई देश होने, समान धर्म, संस्कृति और इतिहास साझा करने के बावजूद, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच संबंध मधुर नहीं हैं। इसकी दो मुख्य वजहें हैं, पहली वजह, 1971 के मुक्ति संग्राम की चोट अभी भी काफी गहरी है और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है, कि पाकिस्तान ने युद्ध अपराधों के लिए आधिकारिक तौर पर माफी नहीं मांगी है।

इसके अलावा, पाकिस्तान अभी तक इस बात को पचा नहीं पाया है, कि बाग्लादेश उससे अलग हो चुका है और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई, अकसर बांग्लादेश को अशांत करने के लिए वहां की कट्टरपंथी ताकतों को हवा देती रहती है, जिसको लेकर शेख हसीना की सरकार कई बार सख्त विरोध कर चुकी हैं और बांग्लादेश के मंत्री भी, खुलेआम पाकिस्तान की कई बार आलोचना कर चुके हैं।

साल 2016 में जब बांग्लादेश ने युद्ध अपराधों के आरोप में जमात-ए-इस्लाम के कई नेताओं को फांसी दे दी, तो पाकिस्तान के साथ उसके संबंध काफी खराब हो गये, क्योंकि जमात-ए-इस्लाम को बढ़ाने में पाकिस्तान का काफी योगदान रहा है और उस वक्त दोनों देशों ने, एक दूसरे से राजनयिक संबंध तोड़ लिए थे।

बांग्लादेश अकसर पाकिस्तान के ऊपर, अपनी अंदरूनी मामलों में दखल देने का आरोप लगाता रहता है।

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