Pakistan से खास रिश्ता रखने वाली Shabana Mahmood बनी ब्रिटेन की नई गृहमंत्री, क्या भारत को होगा नुकसान?
Shabana Mahmood को यूनाइटेड किंगडम का नया गृह सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री कीर स्टारर द्वारा किए गए नए फेरबदल में येवेट कूपर की जगह ली है। यह फेरबदल डिप्टी पीएम एंजेला रेनर के इस्तीफे के बाद हुआ है। अब महमूद सरकार के सबसे चुनौतीपूर्ण पदों में से एक पर हैं, वो भी तब जब ब्रिटेन में अवैध और वैध प्रवासियों का मुद्दा चरम पर है। कहा जा रहा है कि महमूद इस पर सख्त रुख अपना सकती हैं।
शबाना का पॉलिटिकल बैकग्राउंड
इससे पहले, महमूद लॉर्ड चांसलर और न्याय सचिव के रूप में काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने जेलों में भीड़भाड़ जैसी समस्याओं के निपटारे पर काम किया है। इसी सप्ताह उन्होंने संसदीय में एक बड़ा कानून पेश किया, जिसका मकसद ब्रिटेन की जेल प्रणाली में सुधार करना है।

पाकिस्तान से क्या रिश्ता?
शबाना महमूद का जन्म 1980 में बर्मिंघम में पाकिस्तानी माता-पिता के घर हुआ था। उन्होंने अपने शुरुआती सालों में कुछ वक्त सऊदी अरब में बिताया और फिर यूके लौट आईं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड के लिंकन कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और बाद में एक बैरिस्टर की डिग्री ली, जहां उन्होंने मुआवजा दिलवाने वाली वकील के रूप में पहचान बनाई।
फिलीस्तीन की कट्टर समर्थक
शबाना की एक पहचान ये भी है कि वह इजरायल विरोधी हैं और फिलीस्तीन व गाजा की कट्टर सपोर्टर हैं। हाथ में फ्री फिलीस्तीन की तख्तियां लिए शबाना महमूद रैलियों में भी नजर आ चुकी हैं। हालांकि उनका भारत विरोधी कोई कनेक्शन अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन भविष्य में इसकी कितनी संभावना है कोई नहीं जानता। फिलहाल भारत के लिए इसमें झटका लगने वाली बात नहीं है, लेकन माता-पिता का एक रुख पाकिस्तान का हमेशा देखने को मिल सकता है जिसका प्रभाव उन पर पड़ना लाजमी होगा। पर यह उनके फैसलों में दिखेगा या नहीं ये वक्त बताएगा।
बड़े पदों का है अनुभव
महमूद ने लेबर पार्टी के फ्रंटबेंच में कई महत्वपूर्ण पद संभाले हैं, जिनमें ट्रेजरी के शैडो फाइनेंशियल सेक्रेटरी और जेलों के शैडो मंत्री शामिल हैं। जेरेमी कॉर्बिन के नेतृत्व के दौरान वह 2015 में कुछ समय के लिए शबाना मुख्यधारा की राजनीति से हट गई थीं, लेकिन कीर स्टारर के साथ वापस लौटीं। 2023 तक वह शैडो जस्टिस सेक्रेटरी के रूप में कार्य कर रही थीं और लेबर की 2024 के आम चुनाव में जीत के बाद, वह जस्टिस सेक्रेटरी और लॉर्ड चांसलर बनीं।
कैदियों पर रहमदिल
इस भूमिका में, उन्होंने जेलों पर दबाव कम करने के लिए कैदियों को जल्दी रिहा करने की योजनाओं को आगे बढ़ाया। अब गृह सचिव के रूप में, महमूद को शरणार्थी बैकलॉग, माइग्रेशन, पुलिस में सुधार और ग्रूमिंग गिरोहों की जांच से निपटने की जिम्मेदारी विरासत में मिली है। उनका प्रमोशन बताता है कि कीर स्टार्मर माइग्रेशन को कितना गंभरता से ले रहे हैं।
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