जर्मनी में बाढ़ से भयानक तबाही, हजारों लोग लापता, वीडियो और तस्वीरों को देख कांप जाएगा दिल
जर्मनी के लोगों ने इतना भीषण बाढ़ आज तक नहीं देखा है और सरकार का कहना है कि सदियों के बाद शायद जर्मनी में ऐसी बाढ़ आई है।
बर्लिन, जुलाई 18: यूरोप के दर्जनभर से ज्यादा देश बाढ़ से परेशान हैं लेकिन जर्मनी के लिए बाढ़ त्रासदी बन गया है। विश्वयुद्ध के बाद पहली बार जर्मनी ऐसी तबाही देख रहा है। जर्मनी के कई राज्य बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूबे हुए हैं और शहरों में पानी की रफ्तार इतनी है, जितनी गंगा नदी में हरिद्वार में उफान रहता है। पश्चिमी जर्मनी के एक शहर में बीच रास्ते पर एक विशालकाय सिंकहोल बन गया है। वहीं, अलग अलग इलाकों से जो तस्वीरें मिल रही हैं, वो दिल दहलाने के लिए काफी हैं।

जर्मनी में बाढ़ से तबाही
जर्मनी के दर्जनों शहर बाढ़ की वीभिशिका को झेल रहे हैं और दर्जनों शहरों के हाईवे पूरी तरह से टूट चुके हैं। सैकड़ों गांवों का संपर्क शहरों से टूट चुके हैं और राहत बचाव कार्य के लिए सेना के जवानों को लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक 156 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि हजारों लोग गायब है। जिसकी वजह से मरने वालों की संख्या में काफी इजाफा होने की आशंका जताई गई है।

एयरफास्ट गांव में भयानक सिंकहोल
जर्मन मीडिया के मुताबिक पश्चिमी जर्मनी में स्थिति एक गांव एरफास्ट ब्लेसेम में एक विशालकाय सिंकहोल बन गया, जो देखने में भारी भयानक दिख रहा है। ये सिंकहोल किसी पहाड़ी की तरफ बड़ा और काफी ज्यादा गहरा दिख रहा है। आशंका है कि इस सिंकहोल में कई लोग गायब हो गये हैं, लिहाजा सिंकहोल में बचाव कार्य चलाया जा रहा है और लोगों की तलाश की जा रही है। ऐसा लग रहा है कि जैसे इस सिंकहोल में कई लोगों को अपनी पेट में निगल लिया है।

राहत कार्य में लगेंगे 2600 करोड़
जर्मनी के अधिकारियों ने कहा है कि बाढ़ और भीषण बारिश की वजह से देश की स्थिति काफी बिगड़ गई है और राहत और बचाव कार्य चलाने में करीब 2600 करोड़ से ज्यादा पैसे इमरजेंसी आधार पर खर्च करने पड़ेंगे। वहीं, जो बर्बादी हो चुकी है, उसे फिर से रिपेयर करने में अरबों रुपये का खर्च आएगा। जर्मनी में सैकड़ों बांध टूट चुके हैं, सैकड़ों हाईवे टूट चुके हैं, बिलजी कनेक्शन, टेलीफोन टॉवर, सड़कें...काफी कुछ बर्बाद हो चुका है। जिसे फिर से बनाना होगा और इन सब में अरबों रुपये खर्च होंगे।
पानी में बहे सैकड़ों घर
मेट्रो यूके की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी में कोलोन क्षेत्र में सैकड़ों घर पानी में बह गये हैं, जिसकी वजह से कई लोगों की मौत होने की आशंका है। हालांकि, स्थानीय सरकार के प्रवक्ता ने ये तो कहा है कि लोगों की मौतें हुई हैं, लेकिन अभी तक ये नहीं बताया गया है कि कितने लोगों की मौत हुई है।

सबसे भीषण बाढ़
जर्मनी के लोगों ने इतना भीषण बाढ़ आज तक नहीं देखा है और सरकार का कहना है कि सदियों के बाद शायद जर्मनी में ऐसी बाढ़ आई है। वहीं, वैज्ञानिकों ने भीषण बारिश और बाढ़ के लिए ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन का असर अभी दुनिया ने देखना शुरू ही किया है, आगे की स्थिति अभी भीषण होने वाली है।

बेल्जियम में भी तबाही
भयावह बारिश और बाढ़ से सिर्फ जर्मनी में ही बताही नहीं फैली है, बल्कि बेल्जियम में भी बाढ़ से हालत खराब है। बेल्जियम में बाढ़ की वजह से अभी तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर रखा गया है। जर्मनी और बेल्जियम, दोनों ही देशों के पास प्राकृतिक आपदा से निपटने का अनुभव नहीं है, लिगाजा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और लोगों की जान बचाने में सेना के जवानों को भी काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ के बाद कई इलाकों में इतना कीचड़ भर गया है कि उस इलाके की पूरी स्थिति ही बदल गई है।
भूस्खलन से समस्या और बढ़ी
रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिणी जर्मनी के बावरिया प्रांत में स्थिति काफी ज्यादा विकराल है। भीषण बाढ़ के अलावा बावरिया प्रांत में भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई हैं और कई लोगों के लापता होने की खबर है। अभी तक कितने लोग गायब हुए हैं या फिर कितने लोगों की मौत हुई है, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। बावरिया में जगह-जगह पर बड़े बड़े विशालकाय गड्ढ़े बन गये हैं, जिससे लग काफी ज्यादा डरे हुए हैं। वहीं प्रशासन के लोग किसी तरह से पीड़ितों के पास खाना पहुंचा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications