मारा गया 'राष्ट्रपति' की कुर्सी पर बैठने वाला तालिबान का टॉप कमांडर, खौफनाक थे कारनामे
तालिबान का सीनियर कमांडर और काबुल का रक्षा प्रमुख मौलवी हमदुल्ला मुखलिस काबुल में मार दिया गया है।
काबुल, नवंबर 03: तालिबान के टॉप कमांडर्स में शामिल मौलवी हमदुल्ला मुखलिस को कल राजधानी काबुल में बम विस्फोट में मार दिया गया है। मौलवी हमदुल्ला मुखलिस ही तालिबान के उन पहले लोगों में से है, जिसने 15 अगस्त के दिन सबसे पहले अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन पर कब्जा किया था और फिर राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठकर फोटो खिंचवाई थी और ये फोटो पूरी दुनिया में वायरल हो गया था। लेकिन, अब मौलवी हमदुल्ला मुखलिस को उड़ा दिया गया है।
Recommended Video

मारा गया मौलवी हमदुल्ला मुखलिस
तालिबान कमांडर मौलवी हमदुल्ला मुखलिस की मौत उस वक्त हुई है, जब काबुल अस्पताल के बाहर भीषण बम धमाके और गोलीबारी की गई थी, जिसमें कम से कम 25 लोगों की मौत का दावा किया गया है और अब रिपोर्ट आई है, कि मरने वालों में मौलवी हमदुल्ला मुखलिस भी शामिल था। दरअसल, काबुल में सैन्य अस्पताल के बाद धमाके के बाद भारी गोलीबारी भी की गई थी और मौलवी हमदुल्ला मुखलिस के शरीर पर कई गोलियं लगीं, जिसमें वो मारा गया। ऐसी जानकारी है कि हमलावरों ने काबुल के एक बड़े सैन्य अस्पताल को निशाना बनाया था और फिर तालिबान के साथ उनकी मुठभेड़ हो गई, जिसमें मौलवी हमदुल्ला मुखलिस मारा गया। मौलवी हमदुल्ला मुखलिस तालिबान के काबुल सैन्य कोर का प्रमुख था।

मारे गये सभी हमलावर
रिपोर्टों के अनुसार, काबुल के सैन्य अस्पताल पर हुए हमले में कम से कम 25 लोग मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए। हालांकि, तालिबान ने दावा किया है, हमला करने के 15 मिनट के बाद ही सभी हमलावरों को मार दिया गया है। वहीं, सैन्य अस्पताल को निशाना बनाने की जिम्मेदारी आईएसआईएस-खोरासन ने ली है। पिछले हफ्ते ही आई वाल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट में कहा गया है कि, तालिबान से बदला लेने के लिए अफगानिस्तान सरकार के कई पूर्व जासूस आईएसआईएस में शामिल हो गये हैं। वहीं, तालिबान ने कहा है कि, यह हमला एक आत्मघाती हमलावर ने किया था, जिसने अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास ऱुद को विस्फोटकों के साथ उड़ा डाला। और फिर बंदूकधारियों ने अस्पताल परिसर में घुसकर हथियारों से फायरिंग की।

अस्पताल के डॉक्टर-मरीज थे निशाने पर
तालिबान का कहना है कि अस्पताल में हमलावरों ने नागरिकों, डॉक्टरों और मरीजों पर हमला करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इस्लामिक अमीरात के निगरानी बलों ने उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही उन्हें निशाना बना डाला। कथित तौर पर अस्पताल पर हमले को 15 मिनट के भीतर नियंत्रित कर लिया गया था, जिसमें हमलावर अस्पताल के प्रवेश द्वार और आंगन में मारे गए थे। हालांकि अस्पताल के अंदर कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन दो महिलाएं, एक बच्चा, दो मुजाहिदीन और चार अन्य बाहर शहीद हो गए हैं। जानकारों का कहना है कि, आईएसआईएस ठीक उसी तरह से अफगानिस्तान में हमलों को अंजाम दे रहा है, जिस तरह से तालिबान अफगानिस्तान में हमले किया करता था।

कौन था मौलवी हमदुल्ला मुखलिस?
रिपोर्ट के मुताबिक, मौलवी हमदुल्ला मुखलिस तालिबान के शीर्ष कमांडर्स में से एक था और इस वक्त उसे राजधानी काबुल का सुरक्षा प्रमुख बनाया गया था। जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया था, उस वक्त मौलवी हमदुल्ला मुखलिस उन लोगों में से एक था, जो सबसे पहले राष्ट्रपति भवन में दाखिल हुआ था। ऐसी रिपोर्ट है कि, मौलवी हमदुल्ला मुखलिस ही वो शख्स था, जो तालिबान और आईएसआईएस के बीच पुल का काम करता था और जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया था, उस वक्त इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हक्कानी नेटवर्क के नंबर-2 अनस हक्कानी के हाथों में थी और जब काबुल पर तालिबान ने कब्जा कर लिया था, उस वक्त इसकी तस्वीरों को पूरी दुनिया की मीडिया ने छापा था और अलजजीरा को दिए गये इंटरव्यू में इसने तालिबान के ताकत की जमकर तारीफ की थी।












Click it and Unblock the Notifications