अमेरिकी सीनेटर्स की ट्रंप से अपील, की-स्टोन पाइपलाइन में भारत और इटली की स्टील का इस्तेमाल नहीं करें
ट्रंप को भेजे गए 9 डेमोक्रेटिक सीनेटर्स के साझा पत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि आपके ज्ञापन में खास तौर से नए और विस्तृत पाइपलाइन प्रोजेक्ट की चर्चा है।
वाशिंगटन। अमेरिकी सीनेट के 9 डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति से खास अपील की है। उन्होंने कहा है कि की-स्टोन पाइपलाइन में कनाडा की कंपनी अधिकतर विदेश में बने स्टील, खास तौर से भारत और इटली के स्टील का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से विदेशी स्टील के इस्तेमाल पर रोक की मांग की है। अमेरिकी सीनेटर्स ने ये मांग विवादित ट्रांस नेशनल की-स्टोन पाइपलाइन परियोजना को लेकर कही है।

9 डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने ट्रंप को भेजा साझा पत्र
ट्रंप को भेजे गए 9 डेमोक्रेटिक सीनेटर्स के साझा पत्र में इस बात का जिक्र किया गया है कि आपके ज्ञापन में खास तौर से नए और विस्तृत पाइपलाइन प्रोजेक्ट की चर्चा है। हालांकि कीस्टोन एक्सएल पाइपलाइन में जिस तरह से 100 फीसदी अमेरिका की बनी स्टील का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। ऐसे में हम इससे काफी उलझन में और परेशान हैं। बता दें कि नौ डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने हस्ताक्षर करके ये पत्र ट्रंप को भेजा है, इसकी कॉपी अब सबके सामने भी आ चुकी है।
पत्र में अमेरिकी सीनेटर्स की ओर से कहा गया है कि जिस तरह से एक कनाडा की फर्म को आपने विदेशी स्टील के इस्तेमाल की इजाजत दी, खास तौर से भारत और इटली से स्टील प्रोडक्ट मंगाने का ये आदेश अमेरिकी लोगों के परेशानी की वजह बनेगा। उन्होंने कहा कि इतिहास रहा है कि भारत और इटली अवैध तरीके से और गैरकानूनी कीमतों से अपने स्टील को खपाने में सक्षम होते हैं। अमेरिकी बाजार पर इसका खासा असर दिखेगा। अमेरिकी सीनेटर क्रिस वान हॉलेन और टैमी डकवर्थ के नेतृत्व में डेमोक्रेटिक सांसदों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से अमेरिकी नौकरियों की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि कीस्टोन पाइपलाइन प्रोजेक्ट में अमेरिकी स्टील का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से गुजारिश में कहा है कि आगे नए पाइप लाइन प्रोजेक्ट में प्रबंधन केवल अमेरिकी स्टील का इस्तेमाल करें। जिसे अमेरिका नौकरियां बढ़ें। यहां के लोगों को रोजगार के साथ खुद को मजबूती से खड़ा होने का हक मिले। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को भेजे गए पत्र में जिन सीनेटर्स के हस्ताक्षर हैं उनमें कोरी ए बुकर, थॉमस आर कार्पर, अल फ्रंकेन, क्रिस्टोफर एस मर्फी, डेबी स्टेबनाउ, जो डोनेली, क्लेयर मकासकिल, रॉबर्ट मेनेंडेज और गैरी सी पीटर्स का नाम शामिल है।












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