भारतीय हाई कमिश्नर से बदसलूकी मामले में हुई एक आरोपी की पहचान, स्कॉटलैंड पुलिस ने क्या कहा?
भारत-कनाडा के बीच राजनयिक विवाद जारी है। इस बीच स्कॉटलैंड में एक बड़ी घटना हुई, जहां भारतीय हाई कमिश्नर को खालिस्तानियों ने गुरुद्वारे में जाने से रोक दिया। इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा। साथ ही भारत ने भी इस पर आपत्ति जताई है। अब मामले में स्कॉटलैंड पुलिस का बयान सामने आया है।
स्कॉटलैंड पुलिस ने कहा कि उनको स्थानीय समयानुसार शुक्रवार दोपहर 1.05 बजे ग्लासगो के अल्बर्ट डाइव क्षेत्र में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। उनकी टीम इस घटना की जांच कर रही है। उन्होंने ये भी कहा कि इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ। वहां पर हालात नियंत्रण में हैं।

वहीं घटना में शामिल एक आरोपी की पहचान कर ली गई है। उसकी तस्वीर भी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी की पहचान शमसेर सिंह खालसा के तौर पर हुई। वो पश्चिमी लंदन में रहता है। साल 2018 में वो कुछ दिनों के लिए कनाडा भी गया था।
भारतीय उच्चायोग ने क्या कहा?
भारतीय उच्चायोग ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि शुक्रवार को हमारे हाई कमिश्नर विक्रम दोराईस्वामी ने ग्लासगो गुरुद्वारा गुरु ग्रंथ साहिब की समिति के साथ बैठक की योजना बनाई थी। जब वो वहां पर पहुंचे, तो कुछ कट्टरपंथी ब्रिटिश सिखों ने उन्हें वहां प्रवेश करने से रोक दिया। साथ ही कहा कि वहां उनका 'स्वागत नहीं है'।
गुरुद्वारे पर तीन लोग मौजूद थे, जो हाई कमिश्नर का विरोध कर रहे थे। उसमें से एक ने उनके वाहन का दरवाजा हिंसक रूप से खोलने की कोशिश की। भारत ने ब्रिटिश सरकार और वहां की पुलिस के सामने इस घटना का कड़ा विरोध दर्ज करवाया है।
तुरंत वहां से चले गए हाई कमिश्नर
भारतीय उच्चायोग के मुताबिक भारतीय हाई कमिश्नर ने उपद्रपियों से किसी तरह की बहस नहीं की। वो तुरंत वहां से चले गए और स्थानीय अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दी।
कनाडा से जारी है विवाद
आपको बता दें कि जून में कनाडा में खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या हुई थी। हाल ही में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने उसका आरोप भारत सरकार पर लगाया। साथ ही एक भारतीय राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया है। साथ ही कनाडा के एक राजनयिक को निष्कासित कर दिया।












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