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पनडुब्बी डील पर U-Turn? भारत-फ्रांस के अपडेट ज्वाइंट स्टेटमेंट से सबमरीन सौदा हटाया गया, आखिर क्यों?

Scorpene deal Removed from Indo-France document: जिस पनडुब्बी डील को लेकर भारत और फ्रांस के ज्वाइंट स्टेटमेंट को लेकर काफी चर्चा हो रही थी, उसे अपडेट ज्वाइंट स्टेटमेंट से हटा दिया गया है। जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं, कि आखिर ऐसा क्यों किया गया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात प्रधानमंत्री मोदी के फ्रांस दौरे के समय भारत और फ्रांस के बीच हुए समझौतों को लेकर एक अपडेट ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया गया है, जिसमें फ्रांस से तीन स्कॉर्पियन पनडुब्बियों को लेकर हुए समझौते का कोई जिक्र नहीं है। जबकि, पहले दोनों देशों की तरफ से जो स्टेटमेंट जारी किया गया था, उसमें तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद के लिए एक समझौते का उल्लेख किया गया था।

Scorpene deal

समझौते से पनडुब्बी क्यों हो गई गायब?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले जिस डॉक्यूमेंट को जारी किया था, उसका नाम "Horizon 2047: 25th Anniversary of the India-France Strategic Partnership, Towards A Century of India-France Relations" है।

इस डॉक्यूमेंट में इस बात का जिक्र किया गया था, भारत की मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड और फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप के बीच तीन स्कॉर्पियन पनडुब्बियों के निर्माण के लिए एक समझौता किया गया है। ये समझौता P-75 programme के तहत किया गया है। इस समझौते का भारत और फ्रांस, दोनों ही पक्षों से स्वागत किया है।

लेकिन, विदेश मंत्रालय ने इस डॉक्यूमेंट को अपडेट करते हुए फिर से जारी किया, लेकिन इस बार अपडेट डॉक्यूमेंट में ये सारा हिस्सा गायब है। विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जो अपडेट डॉक्यूमेंट अपलोड किया गया है, उसमें पनडुब्बी डील का जिक्र नहीं किया गया है।

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया है, कि मंत्रालय की वेबसाइट पर जो संयुक्त दस्तावेज उपलब्ध है, उस पर दोनों देशों ने सहमति जताई थी और यही बातें फ्रांसीसी वेबसाइट पर भी है।

उन्होंने कहा, कि ऐसा लगता है कि पहले की बातचीत का कुछ पाठ थोड़ी देर के लिए मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया था। मामले से परिचित एक व्यक्ति ने कहा, कि हो सकता है, कि इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी होगी।

तीन पनडुब्बी खरीदने की थी घोषणा

आपको बता दें, कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेरिस यात्रा में फ्रांस से तीन स्कॉर्पियन पनडुब्बियों के भारत में निर्माण को लेकर घोषणा की गई थी। इन पनडुब्बियों की डिजाइन ऐसी होनी थी, कि ये दुश्मन के जहाजों की जानकारी लगाने के साथ साथ उन्हें डुबोने में भी सक्षम हो।

रिपोर्ट्स में कहा गया, कि भारतीय नौसेना रिपीट क्लॉज के तहत इन तीन पनडुब्बियों को फ्रांस से हासिल करेगी और इसके बाद मुंबई स्थिति मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड (एमडीएल) इनका निर्माण करेगा।

एमडीएल प्रोजेक्ट-75 के तहत 6 पनडुब्बियों का निर्माण होना है और इसके लिए फ्रांस की डिफेंस कंपनी नेवल ग्रुप के साथ करार होने की घोषणा की गई थी। इस सौदे के तहत टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की भी बात कही गई थी। रिपोर्ट्स में बताया गया, कि अगले साल इन पनडुब्बियों का निर्माण भी शुरू हो जाएगा, लेकिन अपडेट ज्वाइंट स्टेटमेंट आने के बाद अब इस डील को लेकर आशंकाएं पैदा हो गई हैं।

हालांकि, अब भारतीय विदेश मंत्रालय इस अपडेट डॉक्यूमेंट पर क्या कहता है, ये देखने वाली बात होगी।

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