SCO का नया सदस्य बना ईरान, पुतिन ने अमेरिका सुनाया.. जानिए एससीओ शिखर सम्मेलन में क्या हुआ?
Russia in SCO Summit: भारत की अध्यक्षता में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की एक आभासी बैठक में बोलते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को कहा, कि रूस पश्चिमी प्रतिबंधों और "उकसावे" के खिलाफ खड़ा रहेगा। व्लादिमीर पुतिन ने अपने संबोधन में अमेरिका के साथ साथ यूरोपीय देशों को निशाने पर रखा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, कि, 'मॉस्को ने एससीओ समूह के साथ संबंधों को बढ़ावा देने की योजना बनाई है और विदेशी व्यापार में स्थानीय मुद्राओं में निपटान में बदलाव का समर्थन किया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी, कि संघर्ष की संभावना से वैश्विक आर्थिक संकट का खतरा बढ़ रहा है।

एससीओ का नया सदस्य बना ईरान
भारत की अध्यक्षता में इस साल का शंघाई सहयोग संगठन, यानि एससीओ समिट का आयोजन किया गया है और आज ईरान, आधिकारिक तौर पर एससीओ का नया सदस्य देश बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्होंने एससीओ शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की, उन्होंने कहा, कि ईरान संगठन के नए सदस्य के रूप में शामिल होने जा रहा है। पीएम मोदी ने ईरान का स्वागत किया।
वहीं, बेलारूस की एससीओ सदस्यता के लिए दायित्व ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का भी प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत किया।
एससीओ सदस्यता को लेकर पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन में कहा, कि "मुझे खुशी है, कि आज ईरान एक नए सदस्य के रूप में एससीओ परिवार में शामिल होने जा रहा है। इसके लिए, मैं राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी और ईरान के लोगों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। साथ ही, हम बेलारूस के लिए दायित्व ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने का स्वागत करते हैं।"
ईरान ने मूल रूप से 15 साल पहले एससीओ गठबंधन में शामिल होने का अनुरोध किया था। लेकिन, एससीओ प्रवेश की एक कठोर प्रक्रिया का पालन करता है, लिहाजा अब जाकर ईरान, एससीओ का पूर्ण सदस्य बन पाया है। 2021 में, ईरान के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी, कि वे नौवें सदस्य के रूप में एससीओ में शामिल हो गए हैं।
चीन-पाकिस्तान को पीएम मोदी ने सुनाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पाकिस्तान और चीन पर स्पष्ट रूप से हमला करते हुए, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से उन देशों की निंदा करने में संकोच नहीं करने का आह्वान किया, जो सीमा पार आतंकवाद को 'नीतिगत उपकरण' के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को आश्रय देते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए कहा, कि कुछ लोग सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करते हैं, तो कुछ देश की नीति में आतंकवादियों को बचाना है। पीएम मोदी का इशारा चीन की तरफ था, जिसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कई पाकिस्तानी आतंकवादियों को बचाने का काम किया है।
प्रधान मंत्री मोदी ने कहा, "कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को अपनी नीतियों के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को आश्रय देते हैं।" उन्होंने कहा कि एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए और "आतंकवाद पर कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।"
पुतिन ने की भारत की तारीफ
वहीं, एससीओ शिखर सम्मेलन में बोलते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा, कि पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को हथियारों से भर दिया है और पड़ोसी देश को रूस का दुश्मन बना दिया है। पुतिन ने अमेरिका पर हमला करते हुए कहा, कि प्रतिबंधों के बाद भी रूस विकास कर रहा है और उन्होंने समर्थन के लिए एससीओ देशों का धन्यवाद दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एससीओ की कामयाबी के साथ अध्यक्षता करने के लिए भारत को बधाई दी।












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