भारतीय छात्रों से डरे बराक ओबामा, किया फ्री कम्युनिटी कॉलेजों का ऐलान
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वर्ष 2014 में एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने अमेरिका के स्टूडेंट्स से भारत और चीन के स्टूडेंट्स से प्रतिस्पर्धा करने को तैयार रहने को कहा था। इस चुनौती से डरकर ही शायद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गुरुवार को ऐलान कर दिया है कि अमेरिका में जल्द ही फ्री कम्युनिटी कॉलेज की व्यवस्था होगी। ओबामा ने यह बात मानी थी भारत और चीन से आने वाले छात्र अमेरिका के छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं।

ताक भारत से मुकाबला कर सके अमेरिका
एयरफोर्स वन से इन कॉलेजों का ऐलान करते हुए बराक ओबामा ने कहा, 'यह कम्यूनिटी कॉलेज उन सभी के लिए फ्री होंगे जो काम के साथ ही साथ पढ़ाई भी करना चाहते हैं। यह सिर्फ बच्चों के लिए नहीं होंगे।'
ओबामा के मुताबिक यह वह सपना है जिसे हम हासिल कर सकते हैं और यह वह लक्ष्य है जिसे हमें हासिल करना ही होगा ताकि हम दुनिया में किसी का भी सामना करने को तैयार हो पाए।
जहां ओबामा ने इस प्रस्ताव का ऐलान किया तो वहीं व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव पर आने वाली लागत के बारे में कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया। अभी इस बारे में यह भी नहीं बताया गया है कि ओबामा और उनका एडमिनिस्ट्रेशन इन कॉलेजों में लगने वाली रकम को कैसे जुटाएगा।
कई बिलियन डॉलर का खर्च
व्हाइट हाउस की ओर से पोस्ट एक वीडियो में ओबामा ने इस प्रस्ताव से जुड़ी कुछ खास जानकारियों के बारे में बताया है। व्हाइट हाउस और एजुकेशन डिपार्टमेंट की एक मीटिंग के बाद ओबामा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की फंडिंग डिटेल्स के बारे में कुछ ही दिनों में सबको मालूम चल जाएगा।
व्हाइट हाउस की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके मुताबिक इस प्रोजेक्ट को नौ मिलियन छात्रों को फायदा मिल सकेगा। इससे हर वर्ष उन 3,800 डॉलर की बचत औसतन हो सकेगी जो फुल टाइम स्टूडेंट पर निवेश किए जाते थे।
अमेरिकी विशेषज्ञों की मानें तो इससे साफ है कि यह प्रोजेक्ट कई बिलियन डॉलर का होगा। ओबामा को इसके लिए संसद में बड़ी लड़ाई लड़नी होगी।
वर्ष 2014 में ओबामा ने जताया डर
ओबामा ने पिछले वर्ष कुछ अमेरिकी स्कूलों के लिए 107 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद का ऐलान किया था। ओबामा ने इस दौरान कहा था कि स्कूलों को अपना करिकुलम फिर से तैयार करना होगा ताकि छात्रों को उनके चुने हुए करियर में सफलता मिल सके।
इस दौरान ओबामा यहां आए छात्रों से भी बात की। उन्होंने साफ तौर पर छात्रों से कहा कि अमेरिकी छात्रों का अगर कोई असल प्रतिद्वंदी है तो वे हैं भारत और चीन के छात्र। अमेरिकी छात्र अपने इन प्रतिद्वंदियों का सामना बेहतरी से कर सकें इसके लिए अमेरिका किसी भी सीमा तक निवेश करने को तैयार है।
ओबामा ने दी नौकरी गंवाने की चेतावनी
ओबामा पहले भी कई बार अमेरिकी छात्रों को भारतीय छात्रों से मिलने वाली चुनौतियों का सामना करने की बात कह चुके हैं। वर्ष 2010 में भी ओबामा ने छात्रों से कहा था कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो फिर उन्हें अपनी नौकरियां भारत और चीन के हाथों गंवाने को तैयार रहना होगा।












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