Same Gender Marriage: अब समलैंगिक विवाह थाईलैंड में हुआ वैध, सरकार ने बताया कबसे है 'शुभ मुहूर्त' ?
Same Gender Marriage: थाईलैंड ने हाल ही में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता प्रदान कर दी है। एशिया में ताइवान और नेपाल के बाद थाईलैंड अब तीसरा देश बन गया है, जहां समलैंगिक जोड़ों को शादी करने का अधिकार मिला है।
थाईलैंड में विवाह समानता विधेयक को पारित करने के बाद, थाईलैंड किंग महा वजिरालोंगकोर्न द्वारा इसे अनुमोदित कर दिया गया, जिसके बाद इसे रॉयल गजट में प्रकाशित किया गया। यह कानून अगले 120 दिनों के भीतर प्रभावी होगा, जिससे समलैंगिक जोड़े कानूनी तौर पर विवाह बंधन में बंध सकेंगे।

क्या है नया कानून?
यह विवाह समानता विधेयक किसी भी लिंग के दो व्यक्तियों को कानूनी रूप से शादी करने की अनुमति देता है, जिससे उन्हें विवाह के बाद सभी कानूनी, वित्तीय और चिकित्सा अधिकार प्राप्त होंगे। यह कानून थाईलैंड के नागरिक और वाणिज्यिक संहिता में संशोधन करता है, जहां पहले "पुरुष और महिला" जैसे लिंग-विशिष्ट शब्दों का इस्तेमाल होता था, अब उन्हें "व्यक्ति" जैसे लिंग-तटस्थ शब्दों से बदल दिया गया है।
प्रधानमंत्री और सरकार की प्रतिक्रिया
थाईलैंड की फ्यू थाई पार्टी की सरकार ने विवाह समानता को अपने मुख्य एजेंडा में प्राथमिकता दी है। जून 2023 में बैंकॉक में वार्षिक प्राइड परेड के दौरान भी सरकार ने इस कानून को समर्थन देते हुए जनता से जुड़ने की कोशिश की थी। थाईलैंड के सबसे युवा प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने इस विधेयक के पारित होने पर खुशी जताई और इसे एक बड़ी जीत के रूप में देखा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हैशटैग #LoveWins के साथ बधाई संदेश साझा किया।
चुनौतियां और सामाजिक बदलाव
थाईलैंड, जो दुनिया भर में LGBTQ+ समुदाय के प्रति अपनी समावेशिता और स्वीकृति के लिए जाना जाता है, को इस कानून को पास करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। थाई समाज में अभी भी पारंपरिक और रूढ़िवादी विचारधाराएं प्रचलित हैं, और LGBTQ+ समुदाय के सदस्यों को अक्सर भेदभाव का सामना करना पड़ता है। सरकारी और राज्य एजेंसियों में भी यह रूढ़िवादी रवैया देखा गया, जिससे विधेयक को पारित कराना कठिन हो गया। लेकिन अब यह कानून LGBTQ+ अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है।
क्या है आगे की योजना?
बैंकॉक के उपराज्यपाल सानोन वंग्सरंगबून ने घोषणा की कि कानून के प्रभावी होने के बाद, अधिकारी समलैंगिक विवाह पंजीकरण के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे। इसके साथ ही, बैंकॉक प्राइड के आयोजकों ने भी घोषणा की है कि जिस दिन यह कानून लागू होगा, उस दिन समलैंगिक जोड़ों के लिए एक विशेष शादी समारोह आयोजित किया जाएगा।
यह कदम LGBTQ+ समुदाय के उत्साह और समर्थन को दर्शाता है और इस ऐतिहासिक बदलाव के प्रति समाज की सकारात्मक प्रतिक्रिया को भी रेखांकित करता है।
एशिया में समलैंगिक विवाह की स्थिति
| देश | समलैंगिक विवाह कानून कहां लागू |
|---|---|
| ताइवान | कानून लागू |
| नेपाल | कानून लागू |
| थाईलैंड | कानूनी (जनवरी से प्रभावी) |
थाईलैंड का यह ऐतिहासिक निर्णय LGBTQ+ अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल समलैंगिक जोड़ों को कानूनी मान्यता प्रदान करता है, बल्कि समाज में समानता और स्वीकृति की दिशा में व्यापक सामाजिक परिवर्तनों को भी दर्शाता है। आने वाले समय में, यह कदम अन्य एशियाई देशों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है, जो LGBTQ+ समुदाय के अधिकारों को कानूनी मान्यता देने की दिशा में सोच रहे हैं।












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