यूक्रेन युद्ध में बुरी तरह मर रहे हैं रूसी जवान, क्या पुतिन की रणनीति में बड़ी कमजोरी का खुलासा हो गया?

यूक्रेन पर पुतिन के इस आक्रमण के बाद इस युद्ध में काफी ज्यादा तादाद में रूसी सैनिकों के मरने के पीछे अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि, रूस की ये बड़ी रणनीति कमजोरी हो सकती है।

कीव/मॉस्को, मार्च 02: रूस ने जब साल 2014 में क्रीमिया पर कब्जा किया था और उस युद्ध में जब 400 रूसी सैनिक मारे गये थे, उस वक्त अपने सैनिकों के मारे जाने पर रूरी राष्ट्रपति काफी मायूस हुए थे और जैसै जैसे उस वक्त रूसी सैनिकों के मारे जाने की खबर आ रही थी, पुतिन के अधिकारी, उन पत्रकारों को रोक रहे थे, जो मृतक सैनिकों की अंतिम क्रिया को कवर करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन, इस बार भारी संख्या में रूसी सैनिकों की मौत के बाद भी अभी तक पुतिन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, तो क्या ये रूस की बड़ी रणनीतिक भूल है और बड़ा सवाल ये है, कि आखिर रूसी सैनिकों की इतनी ज्यादा संख्या में क्यों मौत हो रही है?

क्यों मारे जा रहे हैं रूसी सैनिक?

क्यों मारे जा रहे हैं रूसी सैनिक?

यूक्रेन पर पुतिन के इस आक्रमण के बाद इस युद्ध में काफी ज्यादा तादाद में रूसी सैनिकों के मरने के पीछे अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि, रूस की ये बड़ी रणनीति कमजोरी हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि, इस वक्त भी रूसी राष्ट्रपति ने इस युद्ध को 'युद्ध' नहीं माना है, वो अभी भी यही कह रहे हैं, कि वो यूक्रेन में रूस समर्थित अलगाववादियों के खिलाफ यूक्रेनी सैन्य अभियान का मुकाबला कर रहे हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया है कि, अब तक करीब 6 हजार रूसी सैनिक यूक्रेन युद्ध में मारे गये हैं, जबकि रूस ने कुछ सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकारी है, लेकिन कोई आंकड़ा नहीं दिया, ऐसे में कितने रूसी सैनिक नारे गये हैं, इसकी कोई सटीक जानकारी अभी तक नहीं है, लेकिन स्वतंत्र सूत्रों का भी मानना है कि, इस युद्ध में भारी संख्या में रूसी सैनिकों की जान गई है।

युद्ध को लेकर क्या सोचते हैं रूसी सैनिक?

मंगलवार को पेंटागन ने दावा किया था कि, कुछ रूसी सैन्य इकाइयों ने अपने हथियार डाल दिए हैं और उन्होंने यूक्रेन में लड़ने से इनकार कर दिया है और अभी तक यूक्नेर के प्रमुख शहर अभी भी रूस के कब्जे से बाहर हैं। पेंटागन का कहना है कि, अमेरिकी अधिकारियों ने उत्तरपूर्वी शहर खारकीव के एक दिन में रूसी सैनिकों के हाथों में जाने की उम्मीद की थी, लेकिन वहां यूक्रेनी सैनिकों ने काफी तेजी के साथ प्रतिरोधि करना शुरू कर दिया और खारकीव में रूसी सैनिकों के मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि, खारकीक की जंग में भी कई रूसी सैनिकों की मौत हुई है और उनके शव अभी भी खारकीव में पड़े हुए हैं। वहीं, कई तस्वीरें और वीडियो भी जारी की गई हैं, जिनमें टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के जले हुए शवों के अवशेष और मारे गये सैनिकों के शव देखे जा रहे हैं।

रूस क्यों नहीं दे रहा सही जानकारी?

रूस क्यों नहीं दे रहा सही जानकारी?

रूस की तरफ से भारतीय मीडिया पर रूसी पक्ष को नहीं रखने का आरोप जरूर लगाया गया है, लेकिन दिक्कत ये है, कि रूस की तरफ से जानकारियां भी नहीं दी जा रही हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता, मेजर जनरल इगोर कोनाशेनकोव ने रविवार को पहली बार स्वीकार किया था कि, रूसी सैनिक "मृत और घायल हैं" लेकिन उन्होंने कोई संख्या नहीं दी। वहीं, रविवार के बाद से अभी तक रूस की तरफ से इस जंग को लेकर कोई जानकारी भी नहीं दी गई है।

कितने रूसी सैनिक मरे, सही जानकारी नहीं

रूसी रक्षा मंत्रलाय के प्रवक्ता ने रविवार को ही जोर देकर कहा था, कि यूक्रेनी पक्ष को हुआ नुकसान "कई गुना" ज्यादा है। जबकि, यूक्रेन ने दावा है कि उसके बलों ने 6,000 से अधिक रूसी सैनिकों को मार गिराया है। किसी भी पक्ष के दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है, और बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से हताहतों के आंकड़ों पर चर्चा करने से इनकार कर दिया है। लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने सोमवार तक नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि, उनका अनुमान है कि, अभी तक करीब 2 हजार रुसी सैनिक मारे गये हैं। कांग्रेस के अधिकारियों ने कहा कि, पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को बंद ब्रीफिंग में सांसदों को बताया कि, अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से 1500-1500 सैनिकों की मौतें हुईं हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि, ये आखिरी आंकड़ा नहीं हो सकता है। जबकि, अमेरिका ने कहा कि, 20 सालों तक उसने अफगानिस्तान में लड़ाई लड़ी और उसके सिर्फ 2500 सैनिक ही मारे गये।

रूसी सैनिकों की मौत पर अमेरिका का दावा

रूसी सैनिकों की मौत पर अमेरिका का दावा

अमेरिका के हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष, रेप एडम शिफ, डी-कैलिफ़ोर्निया ने कहा कि, "बहुत सारे रूसी सैनिकों के बॉडी बैग में घर जा रहे हैं और बहुत सारे रूसी परिवार इस बात का शोक मना रहे हैं।" वहीं, एडमिरल जेम्स जी स्टावरिडिस ने कहा कि, 'करीब चार हजार से ज्यादा रूसी सैनिकों की मौत होना बताता है कि, बहुत कुछ अलग चीजें हो रही हैं।' उन्होंने कहा कि, 'अगर भारी संख्या में रूसी सैनिकों की मौत हो रही हैं, तो फिर इसका मतलब ये है कि, व्लादिमीर पुतिन को अपने घरेलू मोर्चे कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें उन मुश्किलों को समझना होगा'। विशेष रूप से, पेंटागन के अधिकारियों और सैन्य विश्लेषकों ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि रूसी सैनिकों ने अपने साथियों के शवों को वहीं पर छोड़ दिया है और आगे बढ़ गये हैं।

युद्ध में शवों को छोड़ रहे रूसी सैनिक?

युद्ध में शवों को छोड़ रहे रूसी सैनिक?

ओबामा प्रशासन के दौरान रूस और यूक्रेन के लिए काम करने वाले पेंटागन के शीर्ष अधिकारी एवलिन फ़ार्कस ने कहा कि, "यह देखना चौंकाने वाला है कि वे (रूसी सैनिक) अपने गिरे हुए भाइयों को युद्ध के मैदान में पीछे छोड़ रहे हैं।" यूक्रेन की सरकार ने पहले ही इस सवाल का जवाब देना शुरू कर दिया है। रविवार को, अधिकारियों ने एक वेबसाइट लॉन्च की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य रूसी परिवारों को उन सैनिकों के बारे में जानकारी ट्रैक करने में मदद करना था जो मारे गए या पकड़े गए थे। वेबसाइट में पकड़े गये और मारे गये रूसी सैनिकों की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट की जा रही हैं, ताकि रूस के लोग अपने परिचित सैनिकों की पहचान कर सकें और शव को ले सजा सकें।

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