नॉर्थ कोरिया के लिए मसीहा बना रूस, समुद्री रास्तों से बेच रहा है तेल
मास्को। नॉर्थ कोरिया पर तेल आयातों को लेकर सुरक्षा परिषद ने प्रतिबंध लगा दिए हैं, लेकिन इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। हाल ही के महीनों में रूस ने नॉर्थ कोरिया को जमकर तेल बेचा है। पश्चिमी यूरोप सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, रूस समुद्री रास्तों से पेट्रोल और कच्चा तेल लगातार कम्युनिस्ट राष्ट्र नॉर्थ कोरिया को बेच रहा है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी चीन द्वारा नॉर्थ कोरिया को तेल बेचने को लेकर आपत्ति व्यक्त की थी। अमेरिका ने कहा था कि अगर इसी तरह से चलता रहेगा तो इस समस्या का समाधान नहीं होने वाला।

रूस जमकर कर रहा है तेल निर्यात
रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑयल निर्यातक मुल्क है। अक्टूबर और नवंबर में रूस अपने समुद्री रास्तों से टैकरों में नॉर्थ कोरिया को जमकर ऑयल बेचा। सितंबर में रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि नॉर्थ कोरियाई जहाज रूस की जमीन से तेल आयात कर रहा है। वहीं, एक और यूरोपीय सूत्रों के मुताबिक रूस शिप-टु-शिप नॉर्थ कोरिया के साथ तेल निर्यात कर रहा है, लेकिन इसमें रूसी सरकार की भागीदारी को लेकर कोई सबूत नहीं है।

रूस सरकार का बयान देने से इनकार
नॉर्थ कोरिया को ऑयल निर्यात को लेकर रूस के विदेश मंत्री और कस्टम सर्विस ऑफिसर ने इस पर बयान देने से इनकार कर दिया है। वहीं, जहाज के एक मालिक ने ऑयल स्मग्लिंग गतिविधियों को लेकर भी खंडन किया है। सूत्रों के मुताबिक, रूस के पूर्वी बंदरगाहों से नॉर्थ कोरिया को मदद पहुंचाने के लिए जमकर ऑयल स्मग्लिंग हो रही है।

नॉर्थ कोरिया को तेल बेचने को लेकर लग चुके हैं प्रतिबंध
यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने रूस समेत सभी यूएन सदस्यों को नॉर्थ कोरिया के खिलाफ कड़े प्रतिबंधों का पालन करने के लिए आग्रह किया था। हाल ही अमेरिका की पहल पर सुरक्षा परिषद के सभी देशों ने नॉर्थ कोरिया को तेल और पेट्रोलियम पदार्थ नहीं बेचने के लिए समर्थन करते हुए नए प्रतिबंधों को स्वीकार किया था।












Click it and Unblock the Notifications