अब समंदर में होगा शीत युद्ध! रूस ने बनाया सुनामी पैदा करने वाला सबमरीन, टेंशन में अमेरिका, चीन गदगद
मॉस्को, 24 जुलाईः रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के पांच महीने पूरे हो चुके हैं। इस बीच रूस की सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है। रूसी सेना को दुनिया की सबसे लंबी पनडुब्बी 'बेलगोरोड' मिल गई है। यह पनडुब्बी समंदर में 1700 फीट की गहराई तक गोता लगाने में सक्षम है। इतने अंदर तक गहराई में केवल कुछ ही देशों की पनडुब्बियां जा सकती हैं। ये पनडुब्बी न्यूक्लियर टारपीडो ड्रोन से लैस है। इसकी ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन ड्रोन के हमले से समंदर में रेडियोएक्टिव सूनामी आ सकती है।

जुलाई की शुरुआत में नौसेना को सौंपा गया
देश के सबसे बड़े जहाज निर्माता सेवमाश शिपयार्ड के मुताबिक बेलगोरोड के इस महीने की शुरुआत में सेवेरोडविंस्क के बंदरगाह में रूसी नौसेना को सौंप दिया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका डिजाइन रूस की ऑस्कर-2 श्रेणी की निर्देशित मिसाइल पनडुब्बियों का एक संशोधित संस्करण है जिसे अंततः दुनिया के पहले परमाणु सशस्त्र स्टील्थ टॉरपीडो और खुफिया जानकारी के लिए उपकरणों को इंस्टॉल करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
तस्वीर साभार- ताश

क्या हो सकती है शीत युद्ध की वापसी?
इसके बारे में दावा किया जा रहा है कि रूस का यह नायाब हथियार इतना ताकतवर है कि यह अगले दशक में समंदर के नीचे शीत युद्ध की वापसी के लिए मंच तैयार कर सकता है। बेलगोरोड की लंबाई 184 मीटर है। यह अमेरिकी नौसेना की ओहियो श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों से भी लंबी है। ओहियो मिसाइल पनडुब्बी की लंबाई 171 मीटर है। बेलगोरोड को 2019 में मंगवाया गया था और परीक्षण के बाद इसे 2020 में रूसी सेना को वितरित किए जाने की उम्मीद थी लेकिन कोरोना के काऱण इसमें देरी हुई।

सुनामी पैदा कर सकता है बेलगोरोड
बेलगोरोड अब तक की सबसे लंबी पनडुब्बी है। इसके पास सबसे बड़ा हथियारों का कंपार्टमेंट है। यह पनडुब्बी मिनी सबमरीन लांच कर सकती हैं। इसमें एक एक्ट्रा न्यूक्लियर टर्बाइन जेनरेटर है, जिसकी लंबाई 45 फीट है। इसमें मौजूद सबमरीन ड्रोन की लंबाई 20 फीट और रेंज 27 मील है। न्यूक्लियर टारपीडो की लंबाई 79 फीट और रफ्तार 70 नॉट होगी। इसमें 100 मेगाटन न्यूक्लियर पेलोड भरा है। ये हथियार इतने घातक हैं कि इनके फटने से समंदर का पानी कई सौ मीटर तक ऊंचा उछल सकता है जिससे सुनामी पैदा हो सकती है।

टॉरपीडो को सैकड़ों मील दूर से लांच करने की क्षमता
रूसी न्यूज एजेंसी तास के मुताबिक बेलगोरोड द्वारा पोसीडॉन परमाणु टॉरपीडो को सैकड़ों मील दूर लांच करने औऱ समुद्र तटों को नेस्तानाबूद करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। अमेरिकी पनडुब्बी विशेषज्ञ एचआई सटन ने मार्च में अपनी वेबसाइट पर लिखा कि ये परमाणु मेगा टारपीडो दुनिया के इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने लिखा कि यह रूस और अमेरिका में नौसेना की योजना को दोबार बदल देगा, जिससे नई आवश्यकताओं और नए काउंटर हथियार तैयार होंगे।

नौसेना अड्डे को कर सकता है तबाह
अमेरिका और रूस दोनों देशों के अधिकारियों के मुताबिक जिस आकार के वॉरहेड इस पनडुब्बी में लगे हैं यह अमेरिकी तट को एक खतरनाक रेडियोएक्टिव सुनामी से तबाह कर सकता है। इससे पहले मई 2020 में रूस की न्यूज एजेंसी तास ने कहा था कि इसका पेलोड दो मेगाटन तक हो सकता है जो दुश्मनों के नौसेना अड्डों को तबाह कर सकता है। ये पनडुब्बी एक किमी की गहराई तक जा सकती है।

रूस ने जानबूझकर किया लीक
ऐसा कहा जाता है कि 2015 में रूस ने जानबूझकर इस पनडुब्बी की खासियत को लीक कर दिया था ताकि अमेरिका को इसके जरिए एक वार्निंग सिग्नल मिल सके। अमेरिका को भी इसकी ताकत का अंदाजा है तभी नवंबर 2020 में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और अप्रसार के लिए तत्कालीन सहायक राज्य सचिव क्रिस्टोफर फोर्ड ने कहा था कि अमेरिकी तटीय शहरों को रेडियोधर्मी सुनामी से भरने के लिए डिजाइन किया जा रहा है।

कोवर्ट मिशन में कारगर
हालांकि इससे पहले रूस ने कहा था कि बेलगोरोड की डिलीवरी 31 जुलाई को होनी है लेकिन ये समय से पहले ही रूसी नौसेना को मिल गयी है। एक रक्षा विशेषज्ञ के अनुसार ये इस पनडुब्बी का इस्तेमाल युद्ध से अधिक कोवर्ट मिशन में किया जा सकता है। जैसे कि अंडर वाटर इंटरनेट की केबल काटना। इससे पश्चिमी देश दुनिया से पूरी तरह कट सकते हैं।












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