कौन थे रूसी जनरल एंद्रेई सुखोवेत्स्की जिसे यूक्रेनी स्नाइपर ने मार गिराया, रूसी सेना में कितना बड़ा रोल?
कीव, मॉस्को, 4 मार्च। यूक्रेन पर रूसी हमले का आज नौंवा दिन हैं और रूस लगातार यूक्रेन में आगे बढ़ता जा रहा है। यूक्रेनी और रूसी सेनाएं आमने-सामने लड़ रही हैं। लड़ाई के मैदान से इस बार एक ऐसी खबर आई है जो रूस के लिए बेहद चिंताजनक है। यूक्रेनी बलों ने रूसी सेना के बड़े जनरल को मार गिराया है। इस जनरल का नाम एंद्रेई सुखोवेत्सकी है जो यूक्रेन में रूस के विशेष अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। यूक्रेन की जंग में ये रूस को अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

यूक्रेनी स्नाइपर ने मार गिराया
सुखोवेत्सकी को पुतिन के खास लोगों में शुमार माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूसी जनरल को यूक्रेनी स्नाइपर ने मार गिराया है।
मेजर जनरल सुखोवेत्स्की की मौत के बारे में हालांकि अभी तक रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि नहीं की है लेकिन उनके एक सहकर्मी ने सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की है। साथ ही कई रूसी और यूक्रेनी न्यूज आउटलेट ने भी इस बारे में रिपोर्ट किया है।

जनरल के दोस्त ने किया ट्वीट
अंग्रेजी में प्रकाशित होने वाले रूस के एक मीडिया आउटलेट प्रावदा ने सुखोवेत्स्की के सहकर्मी सर्गेई चिपिलियोव का बयान प्रकाशित किया है। इसमें चिपिलियोव ने कहा "बड़े दुख के साथ यूक्रेन में विशेष अभियान के दौरान हमें अपने दोस्त मेजर जनरल एंद्रेई सुखोवेत्स्की की मौत का हृदयविदारक समाचार मिला है। हम उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"

कौन थे मेजर जनरल एंद्रेई सुखोवेत्स्की
एंद्रेई सुखोवेत्स्की रूस की सातवीं एयरबोर्न डिवीजन के कमांडिंग जनरल और 41वीं कंबाइंड आर्म्स के डिप्टी कमांडर थे। बीते 9 दिनों की लड़ाई में वे सबसे बड़े सैन्य अधिकारी हैं जिनके संघर्ष के दौरान मौत हुई है।
सुखोवेत्स्की रियाजान हायर एयरबोर्न कमांड स्कूल से 1995 में ग्रेजुएट थे। उन्होंने प्लाटून कमांडर के तौर पर अपना कैरियर शुरू किया था और आखिरकार वह सफलता की सीढ़िया चढ़ते हुए गार्ड एयरबोर्न एसाल्ट यूनिट के चीफ ऑफ स्टाफ तक पहुंचे थे।

यूक्रेन में चल रहा भीषण संघर्ष
वहीं हमले के नौंवे दिन यूक्रेन के जापोरिजिया न्यूक्लियर पॉवर प्लांट पर रूसी सेना ने नियंत्रण कर लिया है। इसे यूरोप का सबसे बड़ा पॉवर प्लांट माना जाता है। यूक्रेनी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। न्यूक्लियर प्लांट पर कब्जे के बाद रेडियोएक्टिव विकिरण को लेकर दुनिया भर में चिंताएं तेज हो गई हैं। इसके पहले पॉवर प्लांट के पास लड़ाई के दौरान वहां पर आग लग गई थी। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कहा है कि प्लांट से रेडियोएक्टिव विकिरण नहीं फैला है और स्थिति अभी नियंत्रण में है।












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