Russia Ukraine War के बीच जेलेंस्की ने कर दिया 800 करोड़ का घोटाला? दो मंत्री गिरफ्तार, लोग मांग रहे इस्तीफा!
Russia Ukraine War: रूस यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर $100 मिलियन (लगभग ₹830 करोड़ रुपए) के घोटाले के आरोप लग रहे हैं। जिसके बाद उनके करीबियों के घरों में तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। जिसमें एक बड़ा नाम चीफ़ ऑफ़ स्टाफ एंड्री येरमक का भी जिनके अपार्टमेंट की तलाशी ली जा रही है।
येरमक बोले-"पूरी तरह सहयोग कर रहा हूं"
54 साल एंड्री येरमक ने सोशल मीडिया पर बताया कि नाबू और SAPO दोनों "मेरे घर पर प्रक्रियात्मक कार्रवाई कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि एजेंसियों को उनके वकीलों की मौजूदगी में अपार्टमेंट तक पूरा एक्सेस दिया गया है। येरमक का कहना है कि वे हर तरह से सहयोग कर रहे हैं और उन्हें अभी तक किसी भी तरह का आरोपी नहीं बनाया गया है।

भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी
इस हफ्ते सामने आई जांच में कई पब्लिक फिगर एक $100 मिलियन (लगभग ₹830 करोड़) के गबन घोटाले से जुड़े पाए गए हैं। NABU और SAPO के अनुसार, यह रिश्वतखोरी और राज्य की ऊर्जा कंपनियों-जैसे परमाणु ऊर्जा फर्म Enerhoatom-में दखल देने की एक "विस्तृत योजना" थी।
अंतरराष्ट्रीय छवि पर खतरा
यूक्रेन की घरेलू जनता जांच का समर्थन कर रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह स्थिति देश की छवि के लिए खतरनाक बन रही है।रूस के अधिकारी शांति बातचीत के दौरान इन भ्रष्टाचार मामलों को मुद्दा बना रहे हैं। EU की एक हालिया रिपोर्ट ने यूक्रेन की "भ्रष्टाचार-रोधी एजेंडा" पर भी सवाल उठाए, जबकि यूक्रेन EU की सदस्यता प्रक्रिया में है।
येरमक की पॉपुलैरिटी क्रैश-70% लोग चाहते हैं इस्तीफा
यूक्रेनी जनता में एंड्री येरमक की लोकप्रियता तेजी से गिर गई है। सभी पार्टियों के सांसद-यहां तक कि उनकी अपनी पार्टी के लोग भी-उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हाल के सर्वे बताते हैं कि 70% यूक्रेनी नागरिक चाहते हैं कि येरमक पद छोड़ें।
घोटाले से जुड़े कई संदिग्ध गिरफ्तार
ऊर्जा सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी प्रोजेक्ट्स से पैसा गबन किया गया था। रूसी हमलों ने पहले ही यूक्रेन के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, और अब देश के कई हिस्सों में लोग सिर्फ कुछ घंटों की बिजली से अपना दिन निकाल रहे हैं। इस बीच कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे सार्वजनिक आक्रोश और बढ़ गया है।
येरमक स्वीकारते हैं-"दबाव बहुत ज्यादा है"
येरमक ने माना कि उनपर इस्तीफ़े का दबाव लगातार बढ़ रहा है। उनके शब्दों में- "दबाव बहुत अधिक है... मामला गंभीर है और राजनीतिक प्रभाव के बिना स्वतंत्र जांच जरूरी है।"
दो मंत्री बर्खास्त, जेलेंस्की के सहयोगी फरार
ज़ेलेंस्की अब तक दो मंत्रियों को बर्खास्त कर चुके हैं। घोटाले के आरोपों में कई लोग हिरासत में हैं। राष्ट्रपति के पुराने बिज़नेस पार्टनर तिमुर मिंडिच देश छोड़कर भाग गए हैं। वे क्वार्टल 95 स्टूडियो के सह-मालिक थे, जहां से ज़ेलेंस्की का टीवी करियर शुरू हुआ था।
येरमक का घोटाले से दूर रहना मुश्किल
हालांकि येरमक ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और उनपर औपचारिक आरोप नहीं लगा है, लेकिन लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव और जनता के गुस्से के बीच उनके लिए खुद को इस पूरे स्कैंडल से दूर रखना मुश्किल होता जा रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों के कीव दौरे से ठीक पहले छापा
यह छापा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी सेना के सचिव डैन ड्रिस्कॉल जल्द ही कीव आने वाले हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए एक नई शांति योजना आगे बढ़ा रहे हैं। अगले सप्ताह अमेरिकी अधिकारी मॉस्को भी जाने वाले हैं-यानी पूरी डिप्लोमैटिक सक्रियता के बीच यह रेड काफी संवेदनशील समय पर हुई है।
येरमक का पुराना बयान अब चर्चा में
छापे से कुछ घंटे पहले ही येरमक ने द अटलांटिक वेबसाइट को बताया था कि जब तक ज़ेलेंस्की राष्ट्रपति हैं, यूक्रेन अपने क्षेत्र का एक भी हिस्सा नहीं छोड़ेगा। लेकिन रूस की हालिया सैन्य बढ़त और घरेलू भ्रष्टाचार घोटाले की वजह से ज़ेलेंस्की और येरमक की पोज़िशन कमजोर पड़ती दिख रही है।
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