यूरोप में एटमी तबाही का खतरा! रूस ने यूक्रेन में किया सबसे बड़ा मिसाइल हमला, अब होगा तीसरा विश्व युद्ध?
Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी तीन साल पुराने युद्ध ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। रूस ने शुक्रवार (7 नवंबर 2025) रात से शनिवार (8 नवंबर 2025) सुबह तक यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइलों से सबसे बड़ा हमला किया है।
इन हमलों में न केवल रिहायशी इमारतें तबाह हुईं और कम से कम सात लोगों की मौत हुई, बल्कि दो परमाणु ऊर्जा संयंत्रों (खमेलनित्सकी और रिव्ने) को बिजली देने वाले सबस्टेशनों को भी निशाना बनाया गया। यूक्रेन ने इसे जानबूझकर यूरोप की परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालना बताया है। लाखों घरों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है।

यूक्रेन में 'ब्लैकआउट' का संकट
रूस के भीषण हमलों ने यूक्रेन की ऊर्जा अवसंरचना को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेंको ने बताया कि कीव, पोल्टावा और खार्किव क्षेत्रों में बिजली संयंत्र और ग्रिड बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हजारों घरों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे लाखों लोग अंधेरे और पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। सरकारी ऊर्जा कंपनी त्सेंट्रेनेर्गो ने इसे फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा हमला करार दिया है, जिसमें उनकी सभी उत्पादन क्षमताएं ध्वस्त हो गईं और बिजली उत्पादन 'जीरो' हो गया। यह हमला यूक्रेन की कुल बिजली का लगभग 8% उत्पादन करने वाली कंपनी पर हुआ है, जिससे राष्ट्रीय पावर ग्रिड पर गहरा असर पड़ा है।
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परमाणु सुरक्षा खतरे में: IAEA की आपात बैठक की मांग
यूक्रेन ने रूस के हमलों को देखते हुए परमाणु सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने इसे 'जानबूझकर' यूरोप में परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालना बताया है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की है। सिबिहा ने भारत और चीन जैसे बड़े देशों से भी अपील की है कि वे रूस पर दबाव डालें ताकि वह ऐसे हमले बंद करे, जो किसी भी समय एक विनाशकारी परमाणु दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। यह अपील ज़ापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के पास हुई पिछली गोलाबारी की याद दिलाती है, जिसने यूरोप में रेडिएशन खतरे की स्थिति पैदा कर दी थी।
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रूस का 'जवाबी हमला' और ज़ेलेंस्की की अपील
रूस के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को कीव द्वारा रूस के अंदर किए गए ड्रोन हमलों का 'जवाब' बताया है। रूस ने दावा किया है कि उसने हथियार उत्पादन इकाइयों, गैस और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर उच्च-सटीक हथियारों से हमला किया। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर और कठोर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। ज़ेलेंस्की के अनुसार, रूस ने केवल एक रात में 450 ड्रोन और 45 मिसाइलें दागीं। यूक्रेनी वायुसेना ने इनमें से अधिकांश को मार गिराने का दावा किया, लेकिन 25 ठिकानों पर हुए हमलों से यह साफ है कि युद्ध एक नए और विध्वंसक चरण में प्रवेश कर गया है।
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