Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

रूस के सामने झुक गया UNSC! प्रस्ताव से ‘युद्ध' शब्द को हटाकर किया ‘विवाद’, यूक्रेन को बड़ा झटका?

यूएन महासचिव गुटेरेस ने एक बयान में कहा कि, ‘जैसा कि मैंने अक्सर कहा है, दुनिया को बंदूकों का मुंह बंद कराने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल्यों को बनाए रखने के लिए एक साथ आना चाहिए।"

न्यूयॉर्क, मई 07: यूक्रेन युद्ध को लेकर पहली बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से अपना पहला बयान जारी किया है। यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल की तरफ से यूक्रेन में रूसी 'सैन्य कार्रवाई' शुरू होने के बाद पहला बयान जारी किया गया है, जिसका रूस ने भी समर्थन का है। यूएनएससी केअस बयान में यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के 10-सप्ताह से चले आ रहे "विवाद" का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के प्रयासों के लिए "मजबूत समर्थन" व्यक्त किया है।

बयान से ‘युद्ध’ शब्द को हटाया

बयान से ‘युद्ध’ शब्द को हटाया

शुक्रवार को यूएनएससी की तरफ से यूक्रेन संकट को लेकर एक छोटा बयान जारी किया गया है, जिसमें "युद्ध," "संघर्ष" या "आक्रमण" शब्द नहीं हैं। यानि, यूएनएससी में रूस को बहुत बड़ी जीत मिली है, क्योंकि 'युद्ध' शब्द को हटाकर 'विवाद' कर दिया गया है। रूस इस लड़ाई को शुरू करने के पहले दिन से ही इसे "विशेष सैन्य अभियान" कहता आ रहा है। यूनएससी की तरफ से 'युद्ध' शब्द को इसलिए हटाया गया है और उसकी जगह पर 'विवाद' शब्द इसलिए डाला गया है, क्योंकि रूस अभी तक यूएनएससी के सभी बयानों को अपने वीटो से रोकता आ रहा था। जिसकी वजह से 24 फरवरी को यूक्रेन संकट शुरू होने के बाद से अभी तक यूएनएससी एक बार भी बयान जारी नहीं कर पाया था और यूएनएससी को बयान जारी करने के लिए वीटो पॉवर वाले सभी सदस्य देशों की सहमति की जरूरत होती है।

यूएनएससी का बयान क्या है?

यूएनएससी का बयान क्या है?

यूएनएससी ने जो बयान जारी किया है, उसमें 'युद्ध' शब्द को हटाकर अपने बयान में "यूक्रेन की शांति और सुरक्षा के रखरखाव के बारे में गहरी चिंता व्यक्त करता है" और "याद करता है कि सभी सदस्य राज्यों ने संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के तहत अपने अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण तरीकों से निपटाने का दायित्व लिया है।" इस तरह का बयान जारी किया है। जिसको लेकर रूस ने भी सहमति जताई है। यानि, यूक्रेन में जो मौजूदा हालात हैं, उसे लेकर रूस ने भी चिंता जताई है। बयान में कहा गया है, "सुरक्षा परिषद एक शांतिपूर्ण समाधान की तलाश में महासचिव (गुटेरेस) के प्रयासों के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त करती है," और गुटेरेस से "उचित समय में" सदस्यों को यूक्रेन संकट पर जानकारी देने का अनुरोध करती है।

गुटेरेस ने की थी मॉस्को, कीव की यात्रा

गुटेरेस ने की थी मॉस्को, कीव की यात्रा

मॉस्को और कीव की हाल की यात्राओं के दौरान, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव गुटेरेस ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ नागरिकों की निकासी के लिए एक समझौता किया था। जिसमें सबसे पहले दक्षिणी यूक्रेन में स्थिति बंदरगाह शहर मॉरियुपोल के अज़ोवस्टल स्टील प्लांट में शरण लिए लोगों और यूक्रेनी सैनिकों की सुरक्षित निकासी के लिए बात की थी। आपको बता दें कि, इस प्लांट में हजारों लोगों ने भूमिगत बंकरों में शरण ले रखा और सैकड़ों की संख्या में यूक्नेनी सेना यहां मौजूद है। लेकिन उनके पास अब खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है, जबकि, सैकड़ों घायल लोग भी वहां मौजूद हैं। रूस ने इस प्लांट की भयानक घेराबंदी कर रखी है, जिसकी वजह से वहां फंसे लोगों का बाहर निकलना नामुमकिन है। वहीं, अब जाकर काफी बातचीत के बाद लोगों को निकलने की इजाजत दी गई है और आज लोगों की निकासी का ये तीसरा दिन है। आपको बता दें कि, ये एक इस्पात प्लांट है, जो कुछ एकड़ में फैला हुआ है। वहीं, यूएनएससी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गुटेरेस ने कहा कि, 'आज, पहली बार, सुरक्षा परिषद ने यूक्रेन में शांति के लिए एक स्वर में बात की।"

यूएन महासचिव ने क्या कहा?

यूएन महासचिव ने क्या कहा?

यूएन महासचिव गुटेरेस ने एक बयान में कहा कि, 'जैसा कि मैंने अक्सर कहा है, दुनिया को बंदूकों का मुंह बंद कराने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल्यों को बनाए रखने के लिए एक साथ आना चाहिए।" आपको बता दें कि, नॉर्वे के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत मोना जुल और मेक्सिको के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत जुआन रेमन डी ला फुएंते रामिरेज़ ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान का मसौदा तैयार किया था, जिसमें ने इसे युद्ध को समाप्त करने के राजनयिक प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण पहला कदम बताया। नॉर्वे के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत मोना जुल ने कहा कि, 'लाखों यूक्रेनियन को मानवीय सुरक्षा और सहायता की सख्त जरूरत है। और यह महत्वपूर्ण है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव को यूक्रेन में युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में उनके प्रयास के लिए सुरक्षा परिषद का पूर्ण समर्थन प्राप्त है'।

क्या यूएन निकाल पाएगा समधान?

क्या यूएन निकाल पाएगा समधान?

वहीं, मेक्सिको के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत जुआन रेमन डी ला फुएंते रामिरेज़ ने कहा कि, बयान को सर्वसम्मति से स्वीकार करना "दिखाता है कि सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र और उसके महासचिव को राजनयिक समाधान खोजने में समर्थन करने के लिए एकजुट है।" अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए परिषद को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अनिवार्य किया गया है और इसके पक्षाघात और निष्क्रियता के लिए रूसी आक्रमण के बाद से इसकी कड़ी आलोचना की गई है। लेकिन, सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या वाकई ऐसा हो पाएगा? क्योंकि इसकी उम्मीद कम दिख रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि, युद्ध शुरू होने क बाद वो अभी तक यूक्रेन को 3.8 अरब डॉलर की मदद दे चुके हैं, जबकि रूस लगातार पूर्वी यूक्रेन पर पूरी तरह से कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। इस युद्ध में अभी तक किसी को भी जीत नहीं मिली है, तो फिर यूएन इस युद्ध को कैसे खत्म करवा पाएगा?

छोटा बयान देने में लगे ढाई महीने

छोटा बयान देने में लगे ढाई महीने

यूनाइटेड नेशंस ने भले ही बयान जारी कर खुद की पीठ थपथला ली हो, लेकिन एक छोटा सा बयान जारी करने में अगर यूएनएससी को ढाई महीने का वक्त लगता है, तो उसकी कार्यप्रणाली की आलोचना जायज है और इस सवाल पर मैक्सिकन राजदूत ने कहा कि, कहीं न कहीं एक शुरुआत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महासचिव गुटेरेस के प्रयासों को जारी रखने के लिए बयान का अनुमोदन "कम से कम एक इच्छा दिखाता है" गुटेरेस ने गुरुवार को परिषद को बताया कि "हाइपर-कम्युनिकेशंस के इन समय में, मौन कूटनीति अभी भी संभव है और कभी-कभी परिणाम उत्पन्न करने का एकमात्र प्रभावी तरीका है'।

कितना शक्तिशाली है यूएनएससी?

कितना शक्तिशाली है यूएनएससी?

आपको बता दें कि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव कानूनी तौर पर बाध्यकारी होते हैं, लेकिन इसके पांच सदस्य अपने वीटो से इसे रोक सकते हैं। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासभा, जिसमें 193 सदस्य देश हैं, वो महासभा द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं और इन्हें वीटो नहीं किया जा सकता है। हालांकि, इसने यूएन महासभा को कई प्रस्तावों को मंजूरी देने में सक्षम बनाया है, और बहुमत से किसी मुद्दे पर फैसला लिया भी गया है, लेकिन किसी भी देश को उस फैसले को मानने के लिए कानूनी तौर पर मजबूर नहीं किया जा सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+