EU ने बढ़ाया यूक्रेन की ओर मदद का हाथ, जर्मनी सहित तमाम देशों देंगे ये हथियार, स्लोवाकिया ने खोला दिल
मास्को/कीव/लंदन, 28 फरवरी। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध पिछले चार दिनों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है जबकि हजारों की संख्या में लोग बेघर हो गए हैं। लाचार यूक्रेन लगातार पश्चिमी देशों और दूनियाभर के राजनेताओं से उसकी मदद की गुहार लगा रहा है। आखिरकार पश्चिमी देशों ने यूक्रेन की गुहार पर मदद का ऐलान किया है। कई यूरोपियन यूनियन के देशों ने यूक्रेन की मदद करने का ऐलान किया है। यूक्रेन को ये तमाम देश हथियार, मिसाइल, टैंक, आदि मुहैया कराएंगे।

जर्मनी का बड़ा ऐलान
यूरोपियन यूनियन के कई देशों ने आखिरकार यूक्रेन की मदद का ऐलान किया है। जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड सहित कई देशों ने रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन की मदद का ऐलान किया है। इससे पहले 26 फरवरी को जर्मनी ने कहा था कि वह 1000 एंटी टैंक हथियार और 500 स्ट्रिंजर मिसाइल देने का ऐलान किया है। ये मिसाइल रूसी टैंकों के खिलाफ एक अहम हथियार साबित हो सकती है। ये काफी आधुनिक हथियार हैं। जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने ट्वीट करके इसकी जानकारी देते हुए कहा कि रूसी हमला एक बड़ा मोड़ है, यह हमारा कर्तव्य है कि हम यूक्रेन की अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ मदद करें ताकि वह पुतिन की आक्रमणकारी सेना का सामना कर सके। इसीलिए हमने 1000 एंटी टैंक और 500 स्ट्रिंजर मिसाइल हमारे दोस्त यूक्रेन को देने का फैसला लिया है।

क्यों यूरोपियन यूनियन कर रहा है मदद
गौर करने वाली बात है कि पिछले कई सालों से यूरोपियन यूनियन चाह रहा था यूक्रेन यूरोपियन यूनियन का हिस्सा बन जाए। यूरोपियन देश यह जानते हैं कि अगर आज रूस यूक्रेन तक पहुंचा तो इसके बाद उनके देशों में भी पहुंच सकता है, लिहाजा माना जा रहा है कि इसी के चलते यूरोपियन यूनियन ने यूक्रेन की मदद का आखिरकार फैसला लिया है। बता दें कि कीव शहर में यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध चल रहा है। वहीं सबसे भीषण युद्ध खारकेव में चल रहा है। हालांकि रूस अभी तक खारकेव और कीव को अपने नियंत्रण में नहीं ले सका है।

जर्मनी ने बदला अपना कानून
जर्मनी ने 1994 में एक कानून बनाया था कि जहां पर युद्ध चल रहा है वहां पर वह युद्ध सामग्री नहीं भेजेगा, लेकिन जर्मनी ने अपने इस कानून में बदलाव करते हुए हथियारों को सप्लाई करने का फैसला लिया है। रूस के खिलाफ अभी तक जर्मनी के चांसलर ओलाफ के बयान को सबसे सख्त माना जा रहा है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा पुतिन अपने पड़ोसी देश पर हमला कर रहे हैं और उसे तबाह कर रहे हैं, वह असंख्य मासूमों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं, वो भी अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर। पुतिन के इस युद्ध को कतई सही नहीं ठहराया जा सकता है, मैं एक बार फिर उनसे कहता हूं कि वह युद्ध को रोक दें। जांसलर ओलाफ ने कहा कि पुतिन को इस कार्रवाई के गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। हम अपने सहयोगियों से और भी सख्त पाबंदी लगाने के लिए कहेंगे।

नीदरलैंड ने भी किया बड़ा ऐलान
वहीं नीदरलैंड ने वादा किया है कि वह 400 जर्मन मेड एंटी टैंक की सप्लाई यूक्रेन को करेगा जबकि एस्टोनिया ने ओल्ड जीडीआर स्टॉक से अपने हथियार को यूक्रेन को भेजेगा। जर्मनी ने 14 सैन्य वाहन भी भेजेगा साथ ही इसे चालू रखने के लिए 10 हजार लीटर फ्यूल की भी सप्लाई की जाएगी। जर्मनी के एक और बड़े कदम की बात करें तो नाटो की मदद के लिए जर्मनी अपनी एक और सैन्य टुकड़ी को स्लोवाकिया भेजेगा। हालांकि यूक्रेन में यह सेना नहीं भेजी जाएगी लेकिन इसे पोलैंड भेजा जाएगा। पोलैंड यूक्रेन की सीमा पर है लिहाजा अगर जरूरत पड़ी तो इन सेनाओं को यूक्रेन में भेजा जा सकता है।

स्विफ्ट बैन के लिए भी तैयार जर्मनी
अहम बात यह है कि जर्मनी ने भी रूस के कुछ बैंकों पर स्विफ्ट प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि सभी रूसी सरकारी बैंकों पर यह प्रतिबंध लगाया जाएगा। इससे पहले जर्मनी रूस पर स्विफ्ट प्रतिबंध के पक्ष में नहीं था, क्योंकि वह रूस पर गैस के लिए काफी हद तक निर्भर है। नॉर्डस्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन रूस से जर्मनी तक गैस को पहुंचाने के लिए बनाया जा रहा था। दरअसल जर्मनी अपना तकरीबन 50 फीसदी गैस रूस से आयात करता है। ऐसे में स्विफ्ट प्रतिबंध के चलते जर्मनी रूस को पैसा नहीं दे पाएगा और रूस गैस की सप्लाई को रोक सकता है।

डेनमार्क का ऐलान
डेनमार्क की सरकार 50 पी-3 एंटी टैंक, 400 रॉकेट, स्नाइपर राइफल, हेलमेट के साथ 200 स्ट्रिंजर एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल भी जल्द से जल्द यूक्रेन को भेजेगा। नीदरलैंड और जर्मनी यूक्रेन को पैट्रिएट एयर डिफेंस सिस्टम को भी भेजेगा। यह पैट्रिएट एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल और एयरक्राफ्ट को बर्बाद कर सकता है, इसे अमेरिका ने तैयार किया है। अमेरिका अपने खास दोस्तों को ही यह सप्लाई करता है। सऊदी अरब, जर्मनी, इजराइल के पास यह सिस्टम है। ऐसे में अब यूक्रेन के पास भी यह सिस्टम होगा।

स्लोवाकिया ने खोला दिल
बेल्जियम ने भी 2000 मशीन गन, 3800 टन ईंधन यूक्रेन की सेना को मुहैया कराने का फैसला लिया है। चेक रिपब्लिक ने 30 हजार पिस्तौल, 7000 असाल्ट राइफल, 3000 मशीन गन, कई दर्जन स्नाइफर गन और लाखों कार्ट्रेज यूक्रेन की सेना को देने का फैसला लिया है। वहीं फ्रांस ने भी यूक्रेन को हथियार मुहैया कराने का ऐलान किया है। स्लोवाकिया भी यूक्रेन की मदद कर रहा है। यूक्रेन की सीमा से सटे स्लोवाकिया ने यूक्रेन से आने वालों के लिए मुफ्त ट्रांसपोर्ट, स्वास्थ्य सेवा और अस्थायी नौकरी देने का ऐलान किया है। स्लोवाकिया के लोग अगर यूक्रेन के लोगों को अपने घर में रखते हैं तो वह उन्हें 200 यूरो की मदद करेंगे जबकि बच्चों के लिए प्रति माह 100 यूरो की मदद करेंगे।












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