यूक्रेन अधिकारी के 'नीली आंखें, सुनहरे बालों वाले मारे जा रहे' कमेंट से छिड़ी नस्लवाद की बहस
कीव, 28 फरवरी: रूस से चल रहे संघर्ष में यूक्रेन के अधिकारी की एक टिप्पणी को लेकर रेसिज्म (नस्लवाद) की बहस शुरू हो रही है। यूक्रेन के डिप्टी चीफ प्रोसीक्यूटर डेविड सकारलिज ने बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में कहा है कि उनके देश में युद्ध की स्थिति उनके लिए बहुत भावुक करने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि नीली आंखों और सुनहरे बालों वाले यूरोपीय लोग हर दिन मारे जा रहे हैं। उनकी इस टिप्पणी को बहुत लोगों ने रेसिस्ट कहा है।

रूसी आक्रमण से हुई मानवीय त्रासदी के बीच यूक्रेन के उप मुख्य अभियोजक की इस टिप्पणी ने एक विवाद को जन्म दिया है। उनके आलोचकों ने कहा है कि उनकी ये टिप्पणी नस्लवादी है। अमेरिकी पत्रकार एलन मैकलियोड ने यूक्रेन-रूस युद्ध के कवरेज के दौरान समाचार चैनलों पर दिए गए बयानों को लेकर उन्होंने कहा कि क्या ये युद्ध का प्रकोप इसलिए दोगुना चौंकाने वाला है क्योंकि यह मध्य पूर्व या अफ्रीका के विपरीत यूरोप में हो रहा है।
कई लोगों ने कहा है कि यूक्रेन में पीड़ित लोगों के यूरोपीय-नेस पर जोर देने से कई लोगों ने वैश्विक दक्षिण में युद्ध और नियमित सैन्य कार्रवाई के लिए वैश्विक प्रतिक्रिया में कथित नस्लवाद को उजागर किया है। सीबीएस न्यूज पर उनके विदेशी संवाददाता ने कहा कि ये तो मैं जरूरी कहूंगा कि यह इराक या अफगानिस्तान जैसी जगह नहीं है जहां दशकों से संघर्ष चल रहा है।यह अपेक्षाकृत सभ्य, अपेक्षाकृत यूरोपीय शहर है।
बता दें कि रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किया था। इसके बाद लगातार दोनों देशों के बीच संघर्ष चल रहा है। यूक्रेन की सरकार ने कहा कि रूस के हमलों से अब तक 350 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं।












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