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पाकिस्तान ने 30-40% डिस्काउंट पर रूस से मांगा तेल, जानिए पुतिन के अधिकारियों ने क्या कहा?

पाकिस्तान पहले भी रूस से भारत को जिस दर पर तेल मिलता है, उस दर पर तेल बेचने का अनुरोध कर चुका है, लेकिन मॉस्को ने उस वक्त भी पाकिस्तान के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।
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Russia-Pakistan Oil: यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से ही रूस भारत को डिस्काउंट पर कच्चा तेल बेच रहा है और यही वजह है, कि जो रूस फरवरी महीने से पहले भारत को तेल बेचने के मामले में टॉप-10 में भी नहीं था, वो अब नंबर-1 पर पहुंच गया है। रूस से डिस्काउंट पर तेल खरीदने की वजह से भारत को घरेलू तेल की कीमतों को संतुलित रखने में काफी मदद मिली है। वहीं, पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी रूसी तेल खरीदने को लेकर काफी लंबे अर्से से राजनीति तेज रही है और पाकिस्तान लगातार इस कोशिश में लगा था, कि उसे भी रूस भारत की तरह डिस्काउंट पर तेल दे, लेकिन रूस ने पाकिस्तान को ठेंगा दिया है।

रूस ने मांग को ठुकराया

रूस ने मांग को ठुकराया

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को में रूसी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान पाकिस्तान के अधिकारियों ने कच्चा तेल खरीदने की अपनी इच्छा जताई। लेकिन, पाकिस्तान ने रूस से करीब 30 से 40 प्रतिशत तक डिस्काउंट पर कच्चा तेल खरीदने की डिमांड रखी, मानो रूसी तेल खरीदकर पाकिस्तान कोई अहसान कर रहा हो। लेकिन, रूस ने पाकिस्तान की मांग को एक ही बार में ठुकरा दिया और डिस्काउंट पर तेल बेचने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने कहा कि, वो पाकिस्तान को तेल नहीं दे सकता है, क्योंकि अभी रूसी तेल का वॉल्यूम फुल है। पाकिस्तानी अखबार, द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान के पेट्रोलियम राज्य मंत्री मुसादिक मलिक, सचिव पेट्रोलियम कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद महमूद, संयुक्त सचिव और मास्को में पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी शामिल थे।

पाकिस्तान को बड़ा झटका

पाकिस्तान को बड़ा झटका

रूस का इनकार पाकिस्तान के लिए, खासकर शहबाज शरीफ के लिए बहुत बड़ा झटका है। क्योंकि, रूसी तेल खरीदने से एक तो पाकिस्तान को कम कीमत पर तेल मिल जाता, जिससे वो महंगाई पर थोड़ा कंट्रोल कर पाता। वहीं, शहबाज शरीफ की सरकार रूसी तेल खरीदकर इसे अपनी बड़ी डिप्लोमेटिक जीत बता सकती थी, क्योंकि उसे अमेरिका से इसकी इजाजत मिल गई थी। इसी हफ्ते व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा है, कि अगर पाकिस्तान रूस से तेल खरीदता है, तो उसे कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि रूसी तेल पर प्रतिबंध नहीं लगा है। अखबार ने अपने सूत्रों के हवाले से कहा कि, ये वार्ता बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई। हालांकि, रूसी पक्ष ने पाकिस्तान की मांग पर बाद में कभी विचार करने और राजनयिक माध्यमों से अपना जवाब भेजने का वादा किया है।

विश्वसनीय पार्टनर्स को पहले तेल

विश्वसनीय पार्टनर्स को पहले तेल

पाकिस्तानी अखबार में कहा गया है, कि रूस ने पाकिस्तान को बताया है, कि उसके पहली लिस्ट के ग्राहक देशों में उसके सबसे विश्वसनीय और मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देश हैं, जिसे वो डिस्काउंट पर तेल ऑफर कर सकता है। सूत्रों ने कहा कि, रूस ने कहा कि, अभी सभी वॉल्यूम बड़े खरीदारों के साथ प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही, रूसी पक्ष ने पाकिस्तान से पहले कराची से लाहौर तक निर्मित होने वाली पाकिस्तान स्ट्रीम गैस पाइपलाइन (पीएसजीपी) की प्रमुख परियोजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करने के लिए भी कहा है, जिसपर पाकिस्तान कन्नी काट रहा है। आपको बता दें कि, सस्ता तेल खरीदने के लिए पाकिस्तान का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल 29 नवंबर को तीन दिवसीय यात्रा पर मास्को के लिए रवाना हुआ था।

रूसी तेल के लिए उत्साहित था पाकिस्तान

रूसी तेल के लिए उत्साहित था पाकिस्तान

पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान औद्योगिक मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि, रूसी कच्चे तेल को पाकिस्तान की रिफाइनरियों में संसाधित किया जा सकता है, और अतीत में एक निजी रिफाइनरी ने तैयार उत्पादों को वितरित करने के लिए रूसी कच्चे तेल का उपयोग किया भी था। वहीं, अमेरिका ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उसे पाकिस्तान द्वारा रूसी कच्चे तेल का आयात करने पर कोई आपत्ति नहीं है। अखबार ने अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि, "हम उस दबाव को समझते हैं, जिसका सामना सरकारें किफायती ईंधन की आपूर्ति के लिए कर रही हैं।" अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि, "हम बहुत स्पष्ट हैं कि ऊर्जा आयात के मामले में प्रत्येक देश को अपनी परिस्थितियों के आधार पर अपनी पसंद बनानी होगी।"

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English summary
Pakistan demanded oil from Russia at 30-40 percent discount, which Moscow rejected.
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