NATO देशों की नाक के नीचे परमाणु बम लगाएगा रूस, पुतिन के नये कदम से अमेरिका का कांपना तय
रूस द्वारा पिछले साल फरवरी में यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से नाटो ने एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड में अपने सैनिकों की संख्या लगभग दस गुना बढ़ा दी है।

Russia to Deploy Tactical Weapon in Belarus: नाटो देशों के साथ रूस की तकरार बढ़ती ही जा रही है और फिनलैंड के नाटो में शामिल होने के बाद रूस आगबबूला है। बेलारूस में रूसी राजदूत ने रविवार को कहा है, कि यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच मास्को नाटो देशों के साथ बेलारूस की सीमा के पास सामरिक परमाणु हथियार तैनात करेगा। लॉस एंजिल्स टाइम्स के मुताबिक, रूस का ये कदम अमेरिका की टेंशन बढ़ाने वाला है।
परमाणु बम की तैनाती करेगा रूस
बेलारूसी राज्य टेलीविजन पर रविवार देर रात राजदूत बोरिस ग्रीज़लोव का एक बयान प्रसारित किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है, कि रूसी परमाणु हथियार "हमारे संघ राज्य की पश्चिमी सीमा के करीब लगाया जाएगा" हालांकि, उन्होंने किसी सटीक स्थान का जिक्र नहीं किया है। रूसी राजदूत ने बताया है, कि पश्चिमी देश लगातार रूस के खिलाफ खड़े हैं, लिहाजा बेलारूस की नाटो देशों से लगती सीमा के पास रूस परमाणु बमों की तैनाती करेगा। उन्होंने कहा, कि "यह हमारी रक्षा क्षमता का विस्तार करेगा, और यह यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के हो-हल्ला के बाद भी ऐसा किया जाएगा"। आपको बता दें, पिछले साल 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था और उसके बाद अमेरिका ने रूस के साथ साथ राष्ट्रपति पुतिन पर दर्जनों प्रतिबंध लगाए हैं। राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ भी इंटरनेशनल कोर्ट गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुका है, जिसने रूस के गुस्से को और भड़का दिया है।

बेलारूस में रूसी परमाणु बम
इससे पहले, पुतिन ने रूस के पड़ोसी और सहयोगी के देश बेलारूस में सामरिक परमाणु हथियारों को तैनात करने की योजना के बारे में एक बयान दिया था, जिसकी रिपोर्ट एबीसी न्यूज ने दी है। पुतिन ने कहा है, कि बेलारूस में सामरिक परमाणु हथियारों के लिए भंडारण सुविधाओं का निर्माण एक जुलाई तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा, कि रूस ने बेलारूसी युद्धक विमानों को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बनाने के लिए उन्हें आधुनिक बनाने में मदद की है। आपको बता दें, कि रूस और बेलारूस, दोनों पड़ोसी देश हैं और दोनों के बीच घनिष्ठ आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य संबंध हैं। रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण करने के लिए एक मंच के रूप में बेलारूसी क्षेत्र का उपयोग किया है और वहां रूसी सैनिकों और हथियारों की एक टुकड़ी बेलारूस में मौजूद है। आपको बता दें, कि बेलारूस नाटो सदस्यों लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड के साथ 1,250 किलोमीटर की सीमा साझा करता है और माना जा रहा है, कि इन्हीं सीमाक्षेत्र में कहीं रूसी परमाणु बमों को तैनात किया जाएगा।

शहरों को ध्वस्त करने में सक्षम हैं ये बम
सामरिक परमाणु हथियार, जो युद्ध के मैदान में दुश्मन सैनिकों और हथियारों को नष्ट करने में सक्षम हैं, वो लंबी दूरी की रणनीतिक मिसाइलों से लगे परमाणु हथियारों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रेंज के हैं, जो किसी शहर को पूरी तरह से नष्ट करने में सक्षम हैं। बेलारूस में रूसी सामरिक परमाणु हथियारों की तैनाती का मतलब ये हुआ, कि अब यूक्रेन के साथ साथ नाटो सदस्य देशों के हथियार ठिकाने रूस के निशाने पर होंगी। इसके साथ ही अब रूस की पहुंच अब पूर्वी और मध्य यूरोप तक हो गई है। शुक्रवार को, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने भी कहा था, कि रूस के सामरिक परमाणु शस्त्रागार के हिस्से के साथ रूस के कुछ रणनीतिक परमाणु हथियार बेलारूस में तैनात किए जा सकते हैं। इस बीच रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बताया है, कि रूस के वैगनर ग्रुप के संस्थापक येवगेनी प्रिगोज़िन ने सोमवार को यूक्रेन के बखमुत सिटी हॉल पर देश का झंडा फहराने का दावा किया है और कहा है, कि उन्होंने तकनीकी रूप से इस शहर पर कब्जा कर लिया है। वहीं, माना जा रहा है, कि बेलारूस में परमाणु हथियारों की तैनाती के बाद दुनिया परमाणु युद्ध के एक और कदम करीब आ गई है।












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