पैसे होने के बावजूद नहीं चुका पा रहा कर्ज, 1998 के बाद पहली बार दिवालिया होने जा रहा यह देश
रूस 1998 के बाद पहली बार दिवालिया होने के कगार पर है क्योंकि 100 मिलियन डॉलर ऋण ब्याज भुगतान के लिए उसके पास रविवार रात तक का वक्त है।
मास्को, 26 जूनः रूस 1998 के बाद पहली बार दिवालिया होने के कगार पर है क्योंकि 100 मिलियन डॉलर ऋण ब्याज भुगतान के लिए उसके पास रविवार रात तक का वक्त है। बीबीसी रिपोर्ट के मुताबिक रूस के पास पैसा है, वह भुगतान करने को भी तैयार है मगर पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण वह अंतराष्ट्रीय लेनदारों को भुगतान करने में असमर्थ है।
तस्वीर- प्रतीकात्मक

1998 के बाद पहली बार दिवालिया होगा रूस
अगर रूस कर्जों की समय पर अदायगी में नाकाम रहता है तो साल 1998 के बाद पहली बार ऐसा होगा कि वो डिफॉल्ट करेगा। जैसे मौजूदा हालात हो चुके हैं यह लगभग तय हो चुका है कि जल्द ही रूस को दिवालिया घोषित कर दिया जाएगा। विदेशी मुद्रा में लिए गए कर्ज को चुकाने के मामले में भी साल 1917 की क्रांति के बाद ये रूस पहली बार डिफॉल्टर होने जा रहा है। उस दौरान बॉल्शेविक सरकार ने कर्जों को चुकाने से इनकार कर दिया था।

गुरुवार को किया 2 भुगतान
गुरुवार को रूस ने रूबल में डॉलर मूल्य वर्ग के ऋण पर दो ब्याज भुगतान किए क्योंकि मास्को को बाहरी ऋण डिफॉल्ट के जोखिम का सामना करना पड़ता है। मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि 2027 और 2047 में परिपक्व होने वाले रूसी संघ के बाहरी बांडों पर कूपन के भुगतान के लिए कुल 12.51 बिलियन रूबल की राशि राष्ट्रीय निपटान डिपॉजिटरी भुगतान एजेंसी द्वारा प्राप्त की गई है।

अस्थायी भुगतान प्रणाली का उपयोग
एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि वह एक नई अस्थायी भुगतान प्रणाली का उपयोग कर रहा है, जो 22 को लागू हुई है। नई प्रणाली के तहत, मंत्रालय कूपन के मूल्य के बराबर रूबल को मास्को स्थित नेशनल सेटलमेंट डिपॉजिटरी में स्थानांतरित करता है जो कि भुगतान की अधिकतम समानता सुनिश्चित करनेके लिए सेंट्रल बैंक विनिमय दर पर रूबल में लेनदारों की पूर्ति करता है।

विदेशी ऋणों को चुकाना हुआ मुश्किल
रूस के वित्त मंत्रालय ने पहले एक बयान में कहा कि कि यदि आवश्यक आधार हैं तो मास्को, यूरोबॉण्ड पर ऋण दायित्वों की पूर्ण पूर्ति के भुगतान करने पर विचार करने के लिए तैयार है। यूक्रेन पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद मास्को के लिए अपने विदेशी ऋणों को चुकाना मुश्किल हो चुका है। आखिरी बार 24 साल पहले रूस अपने कर्ज चुकाने में नाकाम रहा था। रूस की आर्थिक स्थिति में गिरावट के कारण तब वैश्विक वित्तीय बाजार बेहद प्रभावित हुए थे। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक अभी यदि रूस डिफॉल्ट करता है तो ये सांकेतिक रूप से तो अहम होगा लेकिन इसका कोई वास्तविक असर शायद ही हो।












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