इजरायल-ईरान युद्ध में रूस की एंट्री, पुतिन ने उठाया फोन, ट्रंप-नेतन्याहू को दी चेतावनी! जानिए क्या कहा?
Iran Israel War: मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव अब वैश्विक राजनीति का केंद्र बन चुका है। इस संवेदनशील दौर में रूस ने अचानक इस जंग में एंट्री कर दी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस संकट को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की है। इस कदम को विश्व राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इस रिपोर्ट में जानिए पुतिन ने किन मुद्दों पर चर्चा की और इससे क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या असर पड़ सकता है।
बता दें कि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मास्को के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। पुतिन ने कहा कि, 'ईरान के परमाणु स्थलों पर किए गए हवाई हमलों पर गहरा अफ़सोस है।'

'मॉस्को को इस हमले की कोई पूर्व सूचना नहीं थी'
ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों को लेकर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। क्रेमलिन ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि, उसे इस कार्रवाई पर गहरा अफसोस है, और यह भी स्पष्ट किया कि मॉस्को को इस हमले की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस घटना पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में कहा, 'यह एक बिना वजह की आक्रामकता है, जिसका कोई औचित्य नहीं हो सकता।'
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'ये अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है'
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी कहा, हम क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी और फिर से भड़के तनाव की निंदा करते हैं और इस स्थिति पर गहरा खेद जताते हैं। हालांकि, न तो पुतिन और न ही पेसकोव ने अपने बयानों में अमेरिका का नाम स्पष्ट रूप से लिया। रूसी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को गैर-जिम्मेदाराना और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है, जो क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
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रूस ने ईरान को दिया पूरा समर्थन
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई का एक विशेष पत्र पुतिन को सौंपा, जिसमें मौजूदा संकट को देखते हुए रूस से समर्थन की अपील की गई थी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'रूस का मध्यस्थता प्रस्ताव और अमेरिका के हमलों की कड़ी निंदा करना ही तेहरान के लिए एक प्रकार का समर्थन हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आगे रूस किस प्रकार की अतिरिक्त मदद करेगा, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान को किस स्तर की सहायता की ज़रूरत है।












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