कनाडा के प्रसिद्ध राम मंदिर पर लिखा गया भारत, पीएम मोदी के खिलाफ नारे, खालिस्तानियों पर लगाम कब?
कनाडा के साथ साथ ऑस्ट्रेलिया में भी खालिस्तानी समर्थक अब हिन्दू मंदिरों को निशाना बना रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने एंटी-इंडिया तत्वों को अब गंभीर चेतावनी दी है।

Ram Mandir defaced in Canada: कनाडा में भारत-विरोधी ताकतें लगातार एंटी इंडिया और एंटी मोदी स्लोगन्स के जरिए भारत के खिलाफ नफरत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं और जस्टिन ट्रूडो की सरकार हाथ पर हाथ धड़े बैठी है। इस बार कनाडा के मिसिसॉगा में एक राम मंदिर को भारत विरोधी भित्तिचित्रों से विरूपित किया गया है, जिसके बाद कनाडा में रहने वाले भारतीयों में आक्रोश फैल गया है। टोरंटो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए फौरन कार्रवाई करने का आह्वान किया है।

कनाडा में एंटी इंडिया नारे
मंगलवार (स्थानीय समय) को टोरंटो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने मिसिसॉगा में भारत विरोधी भित्तिचित्रों के साथ राम मंदिर को अपवित्र करने को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भारतीय महावाणिज्यदूतावास ने लिखा है, कि "हम मिसिसॉगा में भारत विरोधी भित्तिचित्रों को राम मंदिर पर उकरने की कड़ी निंदा करते हैं। हमने कनाडा के अधिकारियों से घटना की जांच करने और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है"। आपको बता दें, कि यह पहली बार नहीं है, जब कनाडा में एक हिंदू मंदिर को भारत विरोधी भित्तिचित्रों से विरूपित किया गया है। इससे पहले, जनवरी महीने में भी कनाडा के ब्रैम्पटन में एक हिंदू मंदिर पर भारत विरोधी स्लोगन्स लिखे गये थे, जिससे भारतीय समुदाय में आक्रोश फैल गया था। टोरंटो में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने गौरी शंकर मंदिर में हुई तोड़फोड़ की निंदा करते हुए कहा था, कि इस कृत्य से कनाडा में भारतीय समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने इसे संभावित घृणा अपराध बताया है और कहा है, कि अधिकारी इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिया है, कि "@PeelPolice और @ChiefNish इस घृणा अपराध मानकर इसकी काफी गंभीरता से जांच कर रहे हैं। इस घटना की जांच की जिम्मेदारी 12 डिवीजन के पास है और वे इसके लिए जिम्मेदार लोगों को खोजेंगे। कनाडा में धार्मिक स्वतंत्रता एक चार्टर अधिकार है और हम इसकी रक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे।" उन्होंने कहा, कि "हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हर कोई अपने पूजा स्थल में सुरक्षित रहे।" इससे पहले सितंबर 2022 में भी कनाडा में BAPS स्वामीनारायण मंदिर को 'कनाडाई खालिस्तानी चरमपंथियों' द्वारा भारत विरोधी भित्तिचित्रों के साथ विरूपित किया गया था, जिसकी भी भारत ने निंदा की थी।
Recommended Video


बेकाबू हो रहे हैं खालिस्तानी
वहीं, कनाडा के संसद सदस्य चंद्र आर्य ने ट्वीट करते हुए कहा, कि "कैनेडियन खालिस्तानी चरमपंथियों ने टोरंटो BAPS श्री स्वामीनारायण मंदिर की बर्बरता की सभी को निंदा करनी चाहिए। यह केवल एक अकेली घटना नहीं है। कनाडा के हिंदू मंदिरों को हाल के दिनों में इस तरह के घृणा अपराधों से निशाना बनाया गया है। हिंदू कनाडाई निश्चित तौर पर चिंतित हैं"। आपको बता दें, कि इसके अलावा, ग्रेटर टोरंटो एरिया (जीटीए) में रिचमंड हिल में विष्णु मंदिर में महात्मा गांधी की एक प्रतिमा को जुलाई 2022 में विरूपित किया गया था। दोनों घटनाओं में, खालिस्तान समर्थक स्लोगन्स लगाए गये थे और पाकिस्तान समर्थक हैंडल द्वारा सोशल मीडिया पर तोड़फोड़ को बढ़ावा दिया गया था।












Click it and Unblock the Notifications