राफेल सौदा: फ्रांस सरकार ने जांच के लिए नियुक्त किया जज, करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप
फ्रांसीसी ऑनलाइन जर्नल मेडियापार्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 36 फाइटर जेट्स के लिए भारत के साथ 59,000 करोड़ रुपये के राफेल सौदे में संदिग्ध "भ्रष्टाचार और पक्षपात" की जांच के लिए एक फ्रांसीसी जज को नियुक्त किया गया है।
पेरिस, जुलाई 03: राफेल सौदे को लेकर मचे विवाद ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है और फ्रांस की सरकार ने राफेल सौदे की जांच के लिए जज की नियुक्ति कर दी है। फ्रांस की सरकार ने राफेल सौदे में कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपों को देखते हुए न्यायिक जांच कराने का फैसला लेते हुए एक जज के द्वारा जांच के आदेश दे दिए हैं।
Recommended Video

फ्रांस में राफेल डील की जांच
फ्रांसीसी ऑनलाइन जर्नल मेडियापार्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 36 फाइटर जेट्स के लिए भारत के साथ 59,000 करोड़ रुपये के राफेल सौदे में संदिग्ध "भ्रष्टाचार और पक्षपात" की जांच के लिए एक फ्रांसीसी जज को नियुक्त किया गया है। फ्रांसीसी मीडिया वेबसाइट, जिसने इस कथित घोटाले का पर्दाफाश किया था, उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि औपचारिक तौर पर 14 जून से राफेल सौदे में भ्रष्टाचार को लेकर जांच शुरू कर दी गई थी, लेकिन फ्रांसीसी लोक अभियोजन सेवाओं की वित्तीय अपराध साखा ने 2 जुलाई को जांच की पुष्टि कर दी है। आपको बता दें कि इसी साल अप्रैल महीने में इस फ्रांसीसी वेबसाइट ने राफेल सौदे को लेकर कई रिपोर्ट्स पब्लिश की थीं और इस डील में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

राफेल सौदे में 'भ्रष्टाचार' का आरोप
फ्रांस की वेबसाइट मीडियापार्ट ने अप्रैल महीने में अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में खुलासा किया था कि राफेल सौदे के बदले एक भारतीय बिचौलिए को 8 करोड़ 62 लाख रुपये दिए गये। ये रुपये राफेल विमान बनाने वाली कंपनी दसौ एविएशन ने दिए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कंपनी की तरफ से फ्रेंच एंटी करप्शन अथॉरिटी को इन रूपयों के बारे में कोई सही जानकारी नहीं दी गई थी। राफेल डील को लेकर पिछले कई सालों से भारत में राजनीति गर्म रही है और फ्रेंच वेबसाइट के खुलासे के बाद फिर से हंगामा मच गया था।

आपराधिक आरोपों में जांच
फ्रांसीसी वेबसाइट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि फ्रांस में राफेल सौदे को आपराधिक धाराओं के अंदर जांच किया जाएगा और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद, जिनके कार्यकाल में भारत का फ्रांस के साथ राफेल सौदा हुआ था, उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी। आपको बता दें कि वर्तमान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों उस वक्त हालेंड के वित्त मंत्री की भूमिका में थे। वहीं, भारत में राफेल डील को लेकर सुप्रीम कोर्ट तमाम याचिकाएं खारिज कर चुका है। हालांकि, विपक्ष अभी भी राफेल डील में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगातर मामले में गर्मी को बनाए हुए है। राहुल गांधी ने राफेल डील में एक लाख 30 हजार करोड़ का भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर सनसनी फैला चुके हैं। हालांकि, तत्कालीन वित्त मंत्री अरूण जेटली ने देश की संसद में कहा था कि राफेल डील 58 हजार करोड़ रुपये की है, जिसमें फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदे जाने हैं।

भारत-फ्रांस राफेल विमान डील
आपको बता दें कि भारत ने 2016 में फ्रांस के साथ 58 हजार करोड़ रुपये में 36 राफेल विमानों की डील की थी, जिसके तहत भारत को 30 लड़ाकू और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट की डील हुई थी। फ्रांस ने भारत को राफेल विमानों को डिलिवरी भी शुरू कर दी है और पिछले साल 29 जुलाई को ही फ्रांस से भारत को 5 राफेल विमान मिल गये थे। वहीं, नवंबर 2020 में भारत को फ्रांस से 3 और राफेल विमान मिले थे और 27 जनवरी 2021 को फ्रांस से 3 और राफेल विमान भारत आ गये थे। वहीं, पिछले महीने जून में भी भारत को फ्रांस से 3 और राफेल विमान मिले हैं। भारत को अब तक फ्रांस से कुल 14 राफेल विमान मिल चुके हैं।












Click it and Unblock the Notifications