अफगानिस्तान पर पाकिस्तान की ब्लैकमेलिंग, विदेश मंत्री ने कहा- शांति प्रक्रिया बिगड़ी तो नहीं लेंगे जिम्मेदारी

अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तानी विदेश मंत्री को साफ तौर माना जा रहा है कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर अब पाकिस्तान सभी पक्षों को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है।

इस्लामाबाद, जून 14: अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया के बीच पाकिस्तान ने बड़ी ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा है कि अगर अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया बिगड़ जाती है तो उसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान नहीं लेगा। इस्लामाबाद में पाक-अफगान द्विपक्षीय वार्ता के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि अगर अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में बाधा पहुंचती है और अगर उसके लिए अगर पाकिस्तान पर ठीकरा फोड़ा जाता है, तो पाकिस्तान पहले ही साफ कर देना चाहता है कि पाकिस्तान उसकी जिम्मेदारी नहीं लेगा।

पाकिस्तान की ब्लैकमेलिंग

पाकिस्तान की ब्लैकमेलिंग

अफगानिस्तान को लेकर पाकिस्तानी विदेश मंत्री को साफ तौर माना जा रहा है कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर अब पाकिस्तान सभी पक्षों को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है। क्योंकि, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी से लेकर अफगान एनएसए तक कह चुके हैं कि अफगानिस्तान की स्थिति पाकिस्तान बिगाड़ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को लेकर नई चाल चली है। शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि 'अफगान के राष्ट्रपति अशरफ गनी अपने कोर ग्रूप सदस्यों के साथ जल्द ही वॉशिंगटन के दौरे पर जाने वाले हैं। मैं उन्हें अमेरिका यात्रा के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं। लेकिन, मैं ये पहले ही बता देना चाहता हूं कि अगर वॉशिंगटन जाने का उनका उद्येश्य नया खेल शुरू करना है, और सभी बीमारियों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना है, तो फिर पाकिस्तान शांति प्रक्रिया में मदद नहीं करेगा।

अफगानिस्तान सरकार को धमकी

अफगानिस्तान सरकार को धमकी

पाकिस्तानी विदेश मंत्री का ये बयान परोक्ष तौर पर अफगानिस्तान सरकार के लिए धमकी मानी जा रही है। क्योंकि हर देश ये जानता है कि तालिबान को पाकिस्तान खुले तौर पर मदद पहुंचा रहा है और तालिबान को शक्तिशाली पाकिस्तान ही कर रहा है। इस बात का आरोप पहले ही अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी, विदेश मंत्री और एनएसए पाकिस्तान पर लगा चुके हैं। अफगानिस्तान के एनएसए ने तो पाकिस्तान को चकलाघर तक कह दिया था। ऐसे में माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने एक तरह से अफगानिस्तान सरकार को धमकाया है कि अगर अमेरिका के सामने पाकिस्तान की शिकायत की जाती है तो अफगानिस्तान में हालात काफी बिगड़ जाएंगे। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि 'अफगानिस्तान शांति समझौता एक साझा जिम्मेदारी है और कोई भी इस जिम्मेदारी को अकेले अपने कंधे पर लेने वाला नहीं है। और अगर स्थिति बिगड़ जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी हम नहीं लेंगे।' पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि 'अफगानिस्तान शांति के लिए पाकिस्तान ने एक ईमानदार कोशिश की है लेकिन, हमें काफी गलत ठहराया जा चुका है।'

पाकिस्तान का 'डबल गेम'

पाकिस्तान का 'डबल गेम'

देखा जाए तो अफगानिस्तान को पाकिस्तान ने खुलेआम धमकी दे दी है कि अगर पाकिस्तान की शिकायत अमेरिका में की गई तो अफगानिस्तान सरकार को उसके अंजाम भुगतने होंगे। कुरैशी ने कहा कि 'यह अफगानों पर निर्भर करता है कि वो देश को आगे ले जाने के लिए कौन सा रास्ता चुनते हैं और कौन से लोग अफगानिस्तान को आगे ले जाते हैं। अफनिस्तान के लोगों को नेताओं की जरूरत है, जो बातचीत कर सके, ताकि सफल परिणाम निकल सके। और जो सत्ता में बने रहने की चिंता छोड़कर देश की सत्ता को शांतिपूर्वक सौंप सके।' कुरैशी का ये बयान साफ तौर पर अफगानिस्तान सरकार को धमकी है। और पाकिस्तान साफ तौर पर अफगानिस्तान को धमकी दे रहा है कि अगर अफगान सरकार ने पाकिस्तान की पोल खोली तो तालिबान और आक्रामक हो जाएगा। कुरैशी ने जोर देकर कहा कि 'पाकिस्तान आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अफगानिस्तान और अमेरिका के साथ साझेदारी करना चाहता है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।' कुरैशी ने कहा कि 'आतंकियों से मुकाबले में पाकिस्तानी सैनिक मारे गये, मस्जिदों को निशाना बनाया गया और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है।'

तालिबान को खुली छूट ?

तालिबान को खुली छूट ?

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि 'पाकिस्तान मोहम्मद अली जिन्ना के बताए रास्ते पर चलता है और अब पाकिस्तान ने तय किया है कि वो अफगानिस्तान के अंदरूरी मामलो में दखलअंदाजी नहीं देगा। और पाकिस्तान अपने देश में 'तालिबानिस्तान' नहीं बनाना चाहता है।' कुरैशी ने कहा कि 'हमारे उपर तोहमत लगाया जाता है कि हम तालिबान का समर्थन करते हैं, लेकिन मैं बता दूं कि हमारा कोई पसंदीदा नहीं है। पाकिस्तान, तालिबान का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। मैं पाकिस्तान का प्रतिनिधि करता हूं और जो तालिबानी हैं, वो अफगानिस्तान के हैं।'

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