BJP के विरोध से डरी ब्रिटेन की Royal Family, क्या राज्याभिषेक में कोहिनूर वाला ताज नहीं पहनेंगी क्वीन कैमिला?
डेली मेल ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता के हवाले से कहा कि कैमिला के ताज में विवादास्पद कोहिनूर हीरे का इस्तेमाल करने से ब्रिटिश उपनिवेशवाद की 'दर्दनाक यादें' वापस आ सकती हैं।
Kohinoor Diamond: ब्रिटेन में शाही परिवार ने कोहिनूर (Koh-i-Noor) को लेकर एक बड़ा फैसला कर लिया है। भारत में सत्ताधारी पार्टी के द्वारा कथित तौर पर चेतावनी दिए जाने के बाद कि इस कदम से 'औपनिवेशिक अतीत की दर्दनाक यादें' पैदा होंगी, कोहिनूर हीरे का राज्याभिषेक में प्रयोग करने को लेकर फैसला टाल दिया है। अब खबर है कि राज्याभिषेक में कोहिनूर की जगह ब्रिटेन के ताज में कोई दूसरी हीरा लगाया जा सकता है। हालांकि शाही सूत्रों ने कहा है कि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
Image- PTI

BJP प्रवक्ता ने कोहिनूर के इस्तेमाल पर जताया ऐतराज
डेली मेल ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता के हवाले से कहा कि कैमिला के ताज में विवादास्पद कोहिनूर हीरे का इस्तेमाल करने से ब्रिटिश उपनिवेशवाद की 'दर्दनाक यादें' वापस आ सकती हैं। बतादें कि अगले साल 6 मई 2022 को वेस्टमिंस्टर एब्बे में किंग चार्ल्स तृतीय का राज्याभिषेक होना है। इस शाही परंपरा के दौरान महाराजा को शक्ति का प्रतीक ताज दिया जाएगा। इसके साथ ही किंग की पत्नी कैमिला पार्कर को भी ताज पहनाया जाएगा, लेकिन अब ब्रिटिश शाही परिवार को भारत की नाराजगी का डर सता रहा है और इस वजह से रॉयल फैमिली ने एक बड़ा फैसला लिया है।

ताज नहीं पहनेंगी क्वीन कंसोर्ट कैमिला
ब्रिटेन ने भी बड़ी समझदारी दिखाते हुए इस 'विवाद' को टालने का प्रयत्न किया है। खबर है कि भारत और अन्य देशों को नाराज करने से बचने के लिए महाराजा चार्ल्स तृतीय की पत्नी कैमिला उनके राज्याभिषेक के समय दिवंगत महारानी का ताज नहीं पहनेंगी। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, काफी समय पहले ही तत्कालीन प्रिंस चार्ल्स ने यह मुद्दा उठाया था कि जब किंग बनने पर उनका और उनकी पत्नी का राज्याभिषेक होगा तब पत्नी को दिवंगत महारानी का मुकुट पहनाकर क्वीन कंसोर्ट या पटरानी घोषित किया जाएगा। इस मुद्दे पर उस समय आम सहमति बन गई थी।

ब्रिटिश साम्राज्य के दिनों की याद हो सकती है ताजा
द टेलीग्राफ से बात करते हुए एक भाजपा प्रवक्ता ने कहा, कि अधिकतर भारतीयों को ब्रिटिश साम्राज्य के दमनकारी अतीत की बहुत कम यादें हैं। भारतीयों की पांच से छह पीढ़ियों को पांच शताब्दियों से भी अधिक समय तक कई ब्रिटिश सत्ता के अत्याचारों का सामना करना पड़ा था। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, 'हाल के अवसर, जैसे महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के बाद नई रानी कैमिला के राज्याभिषेक में कोहिनूर हीरे का इस्तेमाल कुछ भारतीयों को भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के दिनों में वापस ले जा सकता है।'

क्राउन ज्वेल्स का सबसे बड़ा हीरा है कोहिनूर
कोहिनूर प्रसिद्ध क्राउन ज्वेल्स का हिस्सा है। इस मुकुट में 2800 हीरे जड़े हैं। यह मुकुट का सबसे बड़ा हीरा है जो कि बिल्कुल सामने क्रास पर दिखता है। कोहिनूर की बात की जाए तो यह दुनिया के सबसे बड़े कटे हुए हीरों में से एक है। कोहिनूर हीरे के स्वामित्व को लेकर भी विवाद जारी है। हीरे की उत्पत्ति भारत में हुई थी। लेकिन भारत के अलावा अन्य कई देशों द्वारा भी इस पर दावा किया जाता रहा है।

कई देश ठोक चुके हैं अपना दावा
कोहिनूर हीरा भारत में ढूंढा गया था और भारत के अंतिम सिख सम्राट द्वारा महारानी विक्टोरिया को 'कथित' तौर पर उपहार में दिया गया था। महारानी विक्टोरिया उस समय 10 वर्ष की थीं। भारत सहित कम से कम तीन देशों में इसे वापस करने की मांग की जा रही है। भाजपा इस कीमती हीरे के इस्तेमाल के विरोध में हमेशा से मुखर रही है। भाजपा हमेशा से ये दावा करती आई है कि कोहिनूर भारत का है।
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