ऑस्ट्रेलियन चुनाव के बाद होगा QUAD शिखर सम्मेलन, व्यापार पर चीनी असर खत्म करना प्रमुख एजेंडा
ऑस्ट्रेलियन लोकसभा चुनाव के बाद क्वाड शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें भारत और ऑस्ट्रेलिया पर चीनी व्यापार के प्रभुत्व को कम करने की कोशिश होगी।
नई दिल्ली, जनवरी 22: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को जापानी प्रधानमंत्री किशिदा फुमियो के जापान निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है और राष्ट्रपति बाइडेन इस साल टोक्यो के दौरे पर जब जाएंगे, उसी दौरान क्वाड शिखर सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा। पिछला क्वाड शिखर सम्मेलन पिछले साल 24 सितंबर को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में आयोजित किया गया था, जब भारत, जापान ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया था। (सभी तस्वीर- फाइल)

ऑस्ट्रेलियन चुनाव के बाद बैठक
क्वाड सम्मेलन पर नजर रखने वाले अधिकारियों के मुताबिक, क्वाड शिखर सम्मेलन की घोषणा कर दी गई है, लेकिन यह मई में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले आम चुनावों के खत्म होने के बाद ही होगा। अधिकारियों ने कहा कि, सभी देशों के लिए सुविधाजनक तिथियों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही जापान द्वारा औपचारिक आमंत्रण भेजे जाएंगे। क्वाड विदेश मंत्रियों और शेरपाओं की एक बैठक में भी शिखर सम्मेलन का एजेंडा तय करने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के क्वाड बैठक में मुख्य तौर पर ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष तौर पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही इंडो पैसिफिक, कोविड और जलवायु परिवर्तन भी क्वाड देशों के मुख्य एजेंडे में शामिल होगा।

जापान जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जापानी राष्ट्रपति किशिदा के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है, हालांकि, आखिरी तारीखों का ऐलान अभी किया जाना बाकी है और तारीख तय करने के लिए क्वाड देशों के बीच बातचीत चल रही है। वहीं, अमेरिका और जापान के राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान सबसे बड़ी बात ये रही, कि वाशिंगटन ने जापानी डिफेंस सेक्टर में बढ़ोतरी को प्रोत्साहित किया है। इसके साथ ही जापान और अमेरिका ने जापान के सेनकाकू द्वीपों को चीनी आक्रमण से बचाने की कसम खाई और ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस जैसे अन्य प्रशांत भागीदारों के साथ काम करने के लिए सहमत हुए हैं। आपको बता दें कि, सेनकाकू द्वीपों पर चीन अपना दावा ठोकता है और जापान के साथ ईस्ट चीन सागर में उसका गहरा विवाद है।

व्यापार पर चीनी असर खत्म करने की कोशिश
अमेरिका और जापान, दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं, कि धीरे धीरे चीन पर निर्भरता को खत्म कर दिया जाएगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बनाने पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही दोनों देश टू प्लस टू प्रारूप में आर्थिक वार्ता पर सहमत हुए हैं। इंडो-पैसिफिक में आर्थिक सहयोग को तेज करने का यह फैसला भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन दोनों के साथ मिलकर लिया जाएगा। क्योंकि, दोनों ही देश चीन के साथ घटते व्यापारिक घाटे से परेशान हैं और चीन ने टैरिफ चार्ज बढ़ाकर ऑस्ट्रेलिया को काफी बड़ा आर्थिक झटका दिया है। लिहाजा अब क्वाड शिखर सम्मेलन में वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए बातचीक की जाएगी, ताकि भविष्य में चीन के असर खत्म किए जाएं।












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