Alaska: जिस B-2 Bomber से ईरान पर हमला, पुतिन के स्वागत में उसे क्यों उड़ाया? शक्तिप्रदर्शन या प्रोटोकॉल

Trump Putin Alaska Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में हुई बैठक ने दुनिया का ध्यान खींच लिया। एंकरेज स्थित ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन पर पुतिन के आगमन के साथ ही आसमान में अमेरिकी वायुसेना ने अपने अंदाज में स्वागत किया। बी-2 स्टील्थ बॉम्बर और F-22 फाइटर जेट्स का फ्लाई-ओवर देखा गया। पुतिन ने गर्दन ऊपर उठाकर आसमान की ओर देखा, वहीं ट्रंप भी आसमान को देखा। कुछ क्षणों तक दोनों ने ऊपर देखा, फिर आगे बढ़ते हुए अपनी कार की ओर गए।

कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक यह सिर्फ स्वागत नहीं, बल्कि पुतिन को अमेरिकी सैन्य शक्ति का अहसास कराने का संकेत भी हो सकता है। बी-2 बॉम्बर वही विमान है जिसने हाल ही में ईरान के न्यूक्लियर संयंत्रों पर हमला किया था। अमेरिका की इस रणनीति ने मीडिया और दुनिया का ध्यान खींचा।

Trump Putin Alaska Meeting

शांति के लिए बैठक में सैन्य ताकत का प्रदर्शन

अलास्का (Putin Trump Alaska meeting) में रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने और शांति स्थापित करने के प्रयासों के लिए आयोजित पुतिन और ट्रंप की बैठक के दौरान अमेरिका ने एक प्रभावशाली सैन्य प्रदर्शन किया। एंकरेज स्थित ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन पर पुतिन के आगमन के समय आसमान में B-2 Stealth Bomber और F-22 फाइटर जेट्स का फ्लाई-ओवर देखा गया। इस दौरान मीडिया और सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगा कि शांति के लिए आयोजित इस बैठक में फाइटर जेट्स और बी-2 बॉम्बर का प्रदर्शन क्यों किया गया। क्या यह केवल पुतिन का स्वागत था या अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत दिखाने का इरादा किया था।

अमेरिका ने क्यों दिखाई अपनी ताकत?

अमेरिका ने पुतिन के स्वागत के दौरान बी-2 स्टील्थ बॉम्बर और F-22 फाइटर जेट्स का फ्लाई-ओवर करके अपनी सैन्य शक्ति का प्रभावशाली संदेश देने की कोशिश की। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह सिर्फ स्वागत का तरीका नहीं था, बल्कि पुतिन और पूरी दुनिया को अमेरिका की ताकत का एहसास कराने का इरादा था।

इसके पीछे यह भी मकसद हो सकता है कि अमेरिका रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अपने हथियारों और सैन्य तैयारियों की क्षमता को दुनिया के सामने दिखाना चाहता था। इस तरह का प्रदर्शन न सिर्फ राजनीतिक संदेश देता है, बल्कि मीडिया और सोशल मीडिया में भी सुर्खियों में रहा, और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

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सैन्य ताकत का प्रदर्शन नहीं, प्रोटोकॉल का हिस्सा!

अमेरिका अक्सर दुनिया के बड़े नेताओं का स्वागत अपने सैन्य प्रदर्शन और परेड के जरिए करता है, लेकिन हर बार यह इतना प्रभावशाली नहीं होता। आमतौर पर विदेशी नेताओं का एयर फोर्स के फाइटर जेट्स या होनर गार्ड के साथ स्वागत होता है। रेड कार्पेट पर हाथ मिलाना और औपचारिक समारोह भी प्रोटोकॉल का हिस्सा है।

बी-2 स्टील्थ बॉम्बर जैसे अत्याधुनिक हथियारों का फ्लाई-ओवर सिर्फ विशेष और हाई-स्टेक मीटिंग्स में होता है, जब अमेरिका दुनिया और आमने-सामने बैठ रहे नेता दोनों को अपनी सैन्य ताकत का संदेश देना चाहता है। पुतिन का स्वागत इसी तरह का एक दुर्लभ उदाहरण था।

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