रूस-यूक्रेन जंग को खत्म करने के लिए तैयार हुए पुतिन, G20 वर्चुअल समिट में रूसी राष्ट्रपति ने दुनिया को चौंकाया
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को G20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की वर्चुअल समिट में लगभग 2 सालों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के बारे में बात की है। उन्होंने कहा कि अब यूक्रेन के साथ जंग को खत्म किए जाने का समय आ चुका है।
पुतिन ने कहा कि ये सोचना जरूरी है कि यूक्रेन में युद्ध की "त्रासदी" को कैसे रोका जाए। उन्होंने कहा कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। रूस ने कभी भी यूक्रेन के साथ शांति वार्ता में भाग लेने से इनकार नहीं किया है।

पुतिन ने कहा कि शांतिवार्ता सिर्फ और सिर्फ यूक्रेनी कानून के कारण रुकी है। पुतिन ने वर्तमान अध्यक्ष, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई वर्चुअल जी20 बैठक में कहा, "हां, निश्चित रूप से, सैन्य कार्रवाई हमेशा एक त्रासदी होती है।"
पुतिन ने कहा कि कई देशों के नेता कह चुके हैं कि वो रूस के हमले से शॉक में हैं। मेरा मानना है कि हां ये मिलिट्री ऑपरेशन शॉकिंग है। मिलिट्री ऑपरेशन हमेशा ही त्रासदी लाते हैं। अब यूक्रेन में जंग की त्रासदी को रोकने पर फोकस किया जाना चाहिए।
अपनी स्पीच में पुतिन ने जी20 के नेताओं से तीखे सवाल भी किए। पुतिन ने कहा कि यूक्रेन युद्ध से हिल जाने वालों पर गाजा में हो रही मौतों का असर नहीं हो रहा है।
पुतिन ने कहा, "हां मैं समझता हूं कि युद्ध से जीवन की हानि और सदमे के अलावा और कुछ नहीं मिल सकता है। लेकिन क्या 2014 में यूक्रेन में खूनी तख्तापलट और उसके बाद डोनबास में अपने लोगों के खिलाफ कीव शासन का युद्ध चौंकाने वाला नहीं है?
पुतिन ने आगे सवालिया लहजे में कहा कि क्या फ़िलिस्तीन में, गाजा पट्टी में नागरिक आबादी का सफाया आज चौंकाने वाला नहीं है? क्या यह चौंकाने वाली बात नहीं है कि डॉक्टरों को बच्चों का ऑपरेशन करना पड़ता है, पेट की सर्जरी करनी पड़ती है और बिना एनेस्थीसिया दिए बच्चे के शरीर पर स्केलपेल का इस्तेमाल करना पड़ता है?
पुतिन ने आगे पूछा कि क्या यह चौंकाने वाली बात नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने कहा कि गाजा एक विशाल बच्चों के कब्रिस्तान में बदल गया है।
इससे पहले एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी ने मंगलवार को कहा था कि मॉस्को, कीव में मौजूदा सरकार के साथ सह-अस्तित्व में नहीं रह सकता है और वह यूक्रेन को "विसैन्यीकरण" करने के लिए अपने विशेष सैन्य अभियान को जारी रखेगा।
यूक्रेन ने तब तक रूस से लड़ने की कसम खाई है जब तक कि आखिरी रूसी सैनिक उनका इलाका खाली नहीं छोड़ देता। रूस के पश्चिमी सहयोगियों ने कहा है कि वे कीव का समर्थन करना जारी रखेंगे।
रूस ने यूक्रेन पर 24 फरवरी 2022 को हमला कर दिया था। इस जंग में दोनों देशों को काफी नुकसान पहुंचा है। इंफ्रास्ट्रक्चर और मिलिट्री इक्यिपमेंट्स तबाह हुए। इस जंग में दोनों तरफ के हजारों लोग और सैनिक मारे जा चुके हैं।












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