‘सही समय का इंतजार कर रहे पुतिन, प्रिगोजिन से बदला जरूर लेंगे’, CIA चीफ ने कहा- वो बदला लेने में माहिर
अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के चीफ विलियम बर्न्स ने दावा किया है कि पुतिन, वैगनर आर्मी चीफ से किसी न किसी दिन जरूर बदला लेंगे। बर्निस ने कहा कि पुतिन, येवगेनी प्रिगोजिन को ठिकाने लगाने के लिए सही समय का इंतजार कर रहे हैं।
एस्पेन सिक्योरिटी फोरम में एक सवाल का जवाब देते हुए विलियम बर्न्स ने कहा कि पिछले महीने रूस में जो कुछ हुआ उसने पुतिन के द्वारा तैयार किए सिस्टम की कमजोरियों का खुलासा किया है।

CIA चीफ ने कहा कि रूस में हालात बेहद पेचीदा हैं। येवगेनी प्रिगोजिन भटक रहे हैं। वे पहले बेलारूस गए फिर वे मॉस्को गए। अब वे फिर से बेलारूस में देखे गए हैं। पुतिन को प्रिगोजिन की जरुरत है। वह उसका इस्तेमाल अफ्रीका में कर सकते हैं।
विलियम बर्न्स ने कहा कि पुतिन न सिर्फ अफ्रीका बल्कि लीबिया और सीरिया जैसी जगहों पर रूस का नेतृत्व के लिए जरूरी हैं। सीआईए चीफ ने कहा कि काम निकलने के बाद पुतिन वैगनर आर्मी चीफ के असर को खत्म कर देंगे। उसके बाद ही कोई बड़ा फैसला लेंगे।
CIA चीफ ने कहा है कि पुतिन वे शख्स हैं जिनका मानना है कि बदला लेने के लिए मामलो का ठंडा होना जरूरी है। बर्न्स ने कहा, पुतिन बदला लेने में माहिर हैं, अगर प्रिगोजिन विद्रोह के बावजूद भी बच जाते हैं तो ये उनके लिए काफी हैरानी की बात होगी।
बर्न्स ने पिछले रिपोर्टों की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें वैगनर आर्मी के विद्रोह की पहले से ही जानकारी थी। उन्होंने कहा कि रूस के आर्मी जनरल सर्गेई सुरोविकिन को भी प्रिगोजिन की बगावत के बारे में पहले से पता था। बर्न्स ने कहा कि इस घटना के बाद पुतिन सतर्क हो गए हैं। अब तो आर्मी जनरल सुरोविकिन की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।
इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आशंका जताई थी कि वैगनर चीफ को जहर दिया जा सकता है। राष्ट्रपति ने चुटकी लेते हुए कहा, "अगर मैं प्रिगोजिन की जगह होता तो मैं सावधान रहता कि मैं क्या खा रहा हूं। मैं हर वक्त अपनी मेनू पर नजर रखता।"
सीआईए निदेशक ने राष्ट्रपति की उस पंक्ति को दोहराते हुए कहा, "अगर मैं प्रिगोझिन होता, तो मैं अपने भोजन को चखने वाले को नौकरी से नहीं निकालता।"
बर्न्स ने कहा कि ये विद्रोह पुतिन की 23 साल की सत्ता के लिए अब तक का सबसे करारा झटका है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक गौर करने वाली बात ये है कि रूसी नेता को एक ऐसे व्यक्ति से समझौता करने पर मजबूर होना पड़ा है जो कभी उनका रसोइया हुआ करता था।












Click it and Unblock the Notifications