चीन: तानाशाही की ओर बीजिंग, राष्ट्रपति जिनपिंग को मिलेगी चीन में लंबे समय तक राज करने की ताकत
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने सेंट्रल कमेटी के पास एक प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में पार्टी की ओर से राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के कार्यकाल को दो से ज्यादा बार करने का प्रस्ताव दिया गया है।
बीजिंग। चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने सेंट्रल कमेटी के पास एक प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में पार्टी की ओर से राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के कार्यकाल को दो से ज्यादा बार करने का प्रस्ताव दिया गया है। पार्टी की ओर से रविवार को पेश किए गए इस प्रस्ताव में कार्यकाल की अवधि को अनिश्चितकाल तक करने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए अनिश्चितकाल तक के लिए सत्ता पर राज करने के रास्ते खुल गए हैं। चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। इस प्रस्ताव को रविवार को सार्वजनिक किया गया है।

प्रस्ताव का विरोध
चीन की पार्टी की ओर से पेश किए गए इस प्रस्ताव का विरोध किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रस्ताव के बाद चीन तानाशाही की ओर से बढ़ सकता है। जिनपिंग साल 2012 में चीन के राष्ट्रपति चुने गए थे। चीन के संविधान के मुताबिक दो बार राष्ट्रपति पद पर रह चुके व्यक्ति को अपना पद छोड़ना पड़ता है। जिनपिंग का यह पहला कार्यकाल है और यह कार्यकाल खत्म होने की ओर से है। अगले माह सेंट्रल कमेटी की मीटिंग होनी है और कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुन लिया जाएगा।
आसानी से मंजूरी मिलेगी संविधान को
संविधान में अगर कोई बदलाव होता है तो चीन की संसद यानि नेशनल पीपुल्स कांग्रेस से मंजूरी लेनी होगी। नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में 3000 प्रतिनिधि हैं और इसे दुनिया की सबसे बड़ी संसदीय समिति कहा जाता है। है। भारत की तरह, नैशनल पीपल्स कांग्रेस में प्रतिनिधियों का चुनाव लोग नहीं करते। इन 3000 प्रतिनिधियों के चुनाव में सेना की भी भूमिका होती है। नेशनल पीपल्स कांग्रेस के पास संविधान को बदलने और कानून बनाने की क्षमता होती। माना जा रहा है कि चीन की सेंट्रल कमेटी की ओर से जो प्रस्ताव पेश किया गया है उसे मंजूरी मिल सकती है क्योंकि नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के करीब 70 प्रतिशत मेंबर कम्युनिस्ट पार्टी के हैं।












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