लॉकडाउन में लड़कियों की प्रेग्नेंसी की रफ्तार देख घबराई सरकार, दोबारा खोले स्कूल-कॉलेज
लॉकडाउन में लड़कियों की प्रेग्नेंसी की रफ्तार देख घबराई सरकार, दोबारा खोले स्कूल-कॉलेज खोले
हरारे, 14 जनवरी: कोरोना वायरस महामारी दुनियाभर में लोगों के लिए परेशानी की वजह बन रही है। वायरस से संक्रमित होने के चलते लोगों की जानें जा ही रही हैं तो इससे मानसिक स्वास्थ्य भी बिगड़ रहा है। वहीं आर्थिक स्तर भी इस महामारी ने लोगों को बहुत नुकसान किया है। इस सबके बीच जिंबाब्वे की सरकार और लोगों के सामने जो परेशानी आई है, वो काफी अलग है। ये परेशानी लड़कियों से प्रेग्नेंट होने से जुड़ी है।

जिंबाब्वे में बढ़ी प्रेग्नेंसी की दर
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दुनिया भर में कई तरह की पाबंदिया लागू की गई हैं। जिससे एक जगह ज्यादा लोग इकट्ठा ना हो। इसमें स्कूल, कॉलेजों को बंद करना भी शामिल हैं। अफ्रीकी देश जिंबाब्वे में भी कोरोना के चलते स्कूल कॉलेजों को बंद किया गया। देश में पाया गया कि स्कूल-कॉलेज बंद होने के बाद देश में प्रेग्नेंसी की दर में तेजी से उछाल आया है। जिंबाब्वे लगातार कम उम्र की लड़कियों में प्रेग्रेंसी को लेकर परेशान है लेकिन बीते सालों कहीं ज्यादा युवतियां गर्भवती हुई हैं। जिसने परेशानी को और बढ़ा दिया है।

कम उम्र की लड़कियां हो रहीं गर्भवती
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिंबाब्वे में 14-15 साल की उम्र की लड़कियां तेजी के साथ प्रेग्नेंट हो रही हैं। वहीं लॉकडाउन की वजह से दवाएं ना मिल पाने का भी लड़कियों की सेहत पर असर पड़ा रहा है। सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए कई सख्त कदम भी उठाए हैं लेकिन हालात में बहुत सुधार नहीं हो रहा है।

स्कूल खोलने का लिया फैसला
उम्र में प्रेग्नेंट हो रही लड़कियों की समस्या को देखते हुए जिंबाब्वे सरकार ने 2020 में कानून में बदलाव करते हुए प्रेग्नेंट लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति दी थी। बाद में कोरोना आ गया और स्कूलों को बंद करना पड़ा। ऐसे में अब सरकार ने स्कूलों को भी कुछ नियमों के साथ खुला रखने का फैसल लिया है। देश में कई सामाजिक संगठन भी इसके लिए काम कर रही हैं कि लड़कियां कम उम्र में प्रेग्नेंट ना हों और उनकी पढ़ाई जारी रहे।












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