'कभी ना भूलने वाली उन रातों के बाद काबुल से निकल पाई हूं', मातृभूमि छोड़ते हुए छलका सिंगर का दर्द
अफगानिस्तान की सबसे बड़ी पॉप स्टार अर्याना ने कहा कि जब उस दहशत से बाहर निकलूंगी तो बहुत सी बातें बताऊंगी।
काबुल: राजधानी काबुल पर कब्जे के साथ ही तालिबान ने ऐलान कर दिया है कि अब अफगानिस्तान में शरिया कानून का राज कायम होगा। इसके साथ ही महिलाओं के लिए तालिबान ने नए नियम जारी कर दिए हैं, जिनके तहत घर से बाहर निकलते समय बुर्का पहनना अनिवार्य है और बिना पुरुष के कोई भी महिला घर से बाहर नहीं जाएगी। वहीं, तालिबान की इस दहशत के बीच बड़ी संख्या में लोग देश छोड़ रहे हैं, जिनमें से एक अफगानिस्तान की सबसे बड़ी पॉप स्टार अर्याना सईद भी हैं। अमेरिकी विमान के जरिए काबुल से कतर पहुंचीं अर्याना सईद ने अब अपनी तस्वीरें जारी करते हुए सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है।

'आपके साथ शेयर करने के लिए बहुत सी कहानियां हैं'
15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद अर्याना सईद यूएस कार्गो जेट के जरिए अफगानिस्तान से बाहर निकलीं। अर्याना ने प्लेन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मैं ठीक हूं और जिंदा हूं... और कभी ना भूलने वाली कुछ रातों के बाद काबुल से निकलकर दोहा पहुंच गई हूं। फिलहाल मैं इस्तांबुल में अपने घर जाने के लिए अपनी आखिरी फ्लाइट का इंतजार कर रही हूं। घर पहुंचने के बाद जब मेरा मन उस गहरे सदमे और दहशत की दुनिया से बाहर निकल जाएगा तो मेरे पास आपके साथ शेयर करने के लिए बहुत सी कहानियां हैं।'

'मैंने कहा था, सबसे आखिर में अपनी मातृभूमि छोड़ूंगी'
अर्याना सईद ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'मैंने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि अपनी मातृभूमि को छोड़ने वाली मैं आखिरी सैनिक होऊंगी... और आखिरकार ऐसा ही हुआ। मैं उम्मीद और प्रार्थना करती हूं कि मेरे देश के लोग आत्मघाती हमलावरों और बम धमाकों के डर के बिना अफगानिस्तान में सुकून और शांति के साथ जीवन बिता सकें। मेरा दिल और मेरी दुआएं हमेशा आप लोगों के साथ हैं।' वहीं, अर्याना के पति हसीब सईद ने भी अपने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें पॉप स्टार फ्लाइट में सोती हुई नजर आ रही हैं।

अफगान सेना की समर्थक थीं अर्याना सईद
आपको बता दें कि अफगानिस्तान की मशहूर सिंगर अर्याना सईद म्यूजिक रिएलिटी शो 'द वॉइस' के अफगान वर्जन की जज भी रह चुकी हैं। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे से पहले अर्याना अफगान सेना की प्रबल समर्थक थीं और कई मौकों पर उन्होंने खुलकर अफगान आर्मी का समर्थन किया था। अर्याना सईद ने अपने ही म्यूजिक एलबम के प्रोड्यूसर हसीब सईद से निकाह किया है।

'लड़कियां पढ़ेंगी या नहीं, तय करेंगे धर्मगुरू'
गौरतलब है कि तालिबान ने काबुल पर कब्जे के साथ ही शरिया कानून लागू करने का ऐलान किया है, जिसमें महिलाओं के ऊपर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। महिलाओं के लिए हिजाब अनिवार्य करने के अलावा तालिबान के नेताओं ने कहा कि कोई लड़की स्कूल जा सकती है या नहीं और कोई महिला घर से बाहर निकलकर काम कर सकती है या नहीं, ये सब अब उनके धर्मगुरू तय करेंगे। हालांकि तालिबान के इस फरमान के खिलाफ अफगानिस्तान में आवाजें भी उठ रही हैं और कुछ महिलाएं खुलकर तालिबान के विरोध में उतर आई हैं।

'कला और संस्कृति अब विनाश के कगार पर'
इस बीच, अफगानी फिल्मों के डायरेक्टर हजन फाजिली ने भी अफगानिस्तान के हालात और देश की कला-संस्कृति को लेकर चिंता जताई है। हजन फाजिली ने कहा, 'हम प्रार्थना कर रहे हैं कि किसी भी अफगानी नागरिक को कोई नुकसान ना पहुंचे, उसकी गिरफ्तारी ना हो, लेकिन साथ ही हमें देश की कला और संस्कृति की भी फिक्र है। अफगानिस्तान में अब फिल्म निर्माण और बाकी कलाएं विनाश के कगार पर खड़ी हैं।'

तालिबान ने किया 'डॉयचे वेले' के पत्रकार के रिश्तेदार का कत्ल
वहीं, शुक्रवार को तालिबान के आतंकियों ने 'डॉयचे वेले' के एक पत्रकार की तलाश करते हुए उसके रिश्तेदार की गोली मारकर हत्या कर दी। पत्रकार की तलाश में तालिबान के आतंकियों ने डोर-टू-डोर तलाशी अभियान चलाया, और जब पत्रकार नहीं मिला तो उसके एक रिश्तेदार को गोली मार दी। हालांकि यह घटना अफगानिस्तान के किस इलाके की है, इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। 'डॉयचे वेले' के महानिदेशक पीटर लिम्बर्ग ने इस घटना की निंदा हुए कहा कि इस हत्या से पता चलता है कि अफगानिस्तान में पत्रकार कितनी दहशत में हैं।

तालिबान ने दिखाना शुरू किया अपना असली रूप
दूसरी तरफ, अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद अब तालिबान ने अपना असली रूप भी दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को खबर आई कि तालिबान के आतंकियों ने कंधार और हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावास में घुसकर तलाशी ली है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक काबुल में दूतावास के स्थानीय कर्मचारियों ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि ऐसी कोई तलाशी नहीं हुई है। इससे पहले तालिबान ने बयान जारी करते हुए कहा था उनके लड़ाके किसी भी देश के खाली दूतावास में नहीं घुसेंगे।

दूसरे देशों में शरण ले रहे अफगानी
तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान के हालात बेहद खराब हैं और बड़ी संख्या में लोग अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में शरण ले रहे हैं। इस बीच कतर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर अफगानिस्तान के लोगों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस वीडियो में नजर आ रहा है कि अफगानिस्तान से कतर पहुंचे हजारों शरणार्थी एक कैंप में जिंदगी जीने को मजबूर हैं और उन सभी लोगों के लिए केवल एक टॉयलेट बना हुआ है। इस वीडियो को अफगान न्यूज एजेंसी असवाका ने जारी किया है।
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