Sri Lanka Crisis : दिनेश गुणेवर्दना बने श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन जारी
श्रीलंका में घोर राजनीतिक संकट के बीच दिनेश गुणेवर्दना को श्रीलंका का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। वहीं, देशभर में राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के खिलाफ प्रदर्शन जारी है।
कोलंबो, 22 जुलाई : श्रीलंका में बदलते राजनीतिक हालात और भारी प्रदर्शनों के बीच दिनेश गुणेवर्दना को श्रीलंका का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है (Dinesh Gunawardena appointed as the Prime Minister of Sri Lanka)। उन्होंने आज कोलंबो के फ्लावर रोड स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। बता दें कि, श्रीलंका में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। श्रीलंका के नए राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच श्रीलंका की सेना ने देर रात सख्त अभियान चलाया।

पीएम बने दिनेश गुणेवर्दना
बता दें कि, दिनेश गुणेवर्दना को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। उन्होंने आज पीएम पद की शपथ ले ली है। वहीं दूसरी तरफ पूरे देश में प्रदर्शनों का दौर जारी है।

राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन जारी
बता दें कि, श्रीलंका में बदलते राजनीतिक हालात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकीं हुई हैं। वहीं, राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शनकारी जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। पूरी रात सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच विद्रोह देखने को मिला। सेना ने प्रदर्शनकारियों के टेंट आदि को उखाड़ दिया और राष्ट्रपति के सचिवालय के बाहर भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया, बैरिकेडिंग को लगाया गया है।

प्रदर्शन का दौर जारी
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के कैंप में सेना ने शुक्रवार को छापेमारी की थी। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि रानिल विक्रमसिंघे हमे खत्म करना चाहते हैं, ये लोग एक बार फिर से ये कर रहे हैं, लेकिन हम हार नहीं मानेंगे, हम अपने देश को इस तरह की राजनीति से मुक्त कराना चाहते हैं।

रानिल विक्रमसिंघे ने राष्ट्रपति पद की कमान संभाली
बता दें कि, 73 वर्षीय विक्रमसिंघे, जिन्हें बुधवार को एक संसदीय वोट में राज्य के प्रमुख के रूप में चुना गया था, ने देश के पुलिस प्रमुख और शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ पद की शपथ ली। 225 सदस्यीय श्रीलंका की संसद ने 20 जुलाई को विक्रमसिंघे को नया राष्ट्रपति चुना था।

रानिल सबसे आगे रहे
रानिल विक्रमसिंघे को 134 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और असंतुष्ट सत्तारूढ़ दल के नेता दुल्लास अल्हाप्परुमा को 82 वोट मिले। त्रिकोणीय मुकाबले में वामपंथी जनता विमुक्ति पेरामुना के नेता अनुरा कुमारा दिसानायके को महज 3 वोट मिल पाए थे।

जनता का प्रदर्शन जारी
वहीं, श्रीलंका के नए राष्ट्रपति बनते ही रानिल विक्रमसिंघे के खिलाफ जनता ने फिर से प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारे बाजी कर रहे हैं। वे लोग नहीं चाहते हैं कि, रानिल विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति बनाया जाए।












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