PoK पाकिस्तान के खिलाफ बगावत! कौन है नवाज मीर जिसकी गिरफ्तारी से मचा बवाल, 5 जुलाई को होगा बवाल
PoK Protest: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने रविवार, 5 जुलाई 2026 को पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन के वरिष्ठ नेता उमर नजीर कश्मीरी ने तीनों प्रशासनिक संभागों के लोगों से सड़कों पर उतरने और सरकारी कार्रवाई के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है।
गिरफ्तारियों और लापता लोगों के खिलाफ आंदोलन
इस प्रदर्शन के जरिए PoJK के लोग पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ अपने प्रदर्शन को और मजबूत करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन लगातार दमनकारी नीतियां अपना रहा है। भारी सुरक्षा व्यवस्था और कई प्रतिबंधों के बावजूद लोगों में गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है।

कौन हैं शौकत नवाज मीर जिसकी गिरफ्तारी से उबला PoJK
इस आंदोलन की सबसे बड़ी वजह JAAC के प्रमुख प्रवक्ता और व्यापारी नेता शौकत नवाज मीर की हालिया गिरफ्तारी बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हिरासत में लिया गया। उस समय वे एक शांतिपूर्ण धरने में शामिल होने जा रहे थे।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का दावा
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, शौकत नवाज मीर के अलावा कई अन्य नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और युवा एक्टिविस्टों को भी हिरासत में लिया गया है। इन गिरफ्तारियों के बाद मुजफ्फराबाद समेत कई इलाकों में लोगों का विरोध और तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रहे हैं।
उमर नजीर कश्मीरी की लोगों से अपील
JAAC के कोर सदस्य उमर नजीर कश्मीरी ने मुजफ्फराबाद, झेलम और नीलम घाटी के लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह किसी एक नेता की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने लोगों से बिना डरे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने को कहा। साथ ही भारत के कश्मीरी लोगों से भी PoJK के लोगों ने मदद मांगी है।
'अधिकार बहाल होने तक आंदोलन जारी रहेगा'
उमर नजीर कश्मीरी ने कहा कि जब तक सरकार बुनियादी अधिकार बहाल नहीं करती और लगाए गए प्रतिबंध वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाया जा रहा है ताकि प्रशासन पर कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से दबाव बनाया जा सके।
महंगाई और टैक्स भी बने बड़ी वजह
यह आंदोलन सिर्फ हालिया गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। इलाके के लोग लंबे समय से आटा-गेहूं की बढ़ती कीमतों, बिजली पर भारी टैक्स और सरकारी सब्सिडी खत्म किए जाने का विरोध कर रहे हैं। आर्थिक परेशानियों के चलते लोग कई महीनों से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे थे।
JAAC पर प्रतिबंध से और बढ़ा विवाद
बढ़ते विरोध के बीच पाकिस्तान प्रशासन ने आतंकवाद विरोधी कानूनों का इस्तेमाल करते हुए JAAC को गैर-कानूनी संगठन घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगा दिया। इस फैसले की कई मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना की और इसे नागरिक स्वतंत्रता पर हमला बताया।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी जताई चिंता
एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए आतंकवाद विरोधी कानूनों का इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। इन प्रतिक्रियाओं के बाद प्रदर्शनकारियों को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।
PoJK की राजनीति में नया मोड़
स्थानीय नेताओं का मानना है कि अब यह आंदोलन सिर्फ महंगाई या टैक्स का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि नागरिक अधिकारों और पहचान की लड़ाई बन चुका है। लगातार बढ़ते विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच आने वाले दिनों में PoJK की राजनीति और जनभावनाओं पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
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