गोवा में हनुमान मंदिर में दर्शन के बाद केजरीवाल बोले- राम मंदिर में कथित घोटाले के दोषियों को मिले सख्त सजा

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को गोवा की राजधानी पणजी के प्रसिद्ध मारुति मंदिर का महत्वपूर्ण दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भगवान हनुमान की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर से बाहर आकर मीडिया से रूबरू हुए। केजरीवाल ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर निर्माण के दौरान चंदे में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं यानी 'चंदा चोरी' के मामले में अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने मारुति मंदिर में मत्था टेकने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में राम मंदिर निर्माण के लिए अपना अंशदान देने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का सम्मान करने की बात पुरजोर तरीके से रखी। उन्होंने कहा कि साधारण नागरिकों की गाढ़ी कमाई से मिले पैसे और उनकी श्रद्धा के साथ किसी भी स्तर पर किया गया खिलवाड़ एक अक्षम्य अपराध है और इस पर तुरंत कड़ा कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

Arvind Kejriwal
पत्रकारों से चर्चा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं ने बेहद श्रद्धा और विश्वास के साथ अयोध्या राम मंदिर के लिए अपना योगदान दिया है। लोग अपनी मेहनत की कमाई से दान देते हैं ताकि भव्य मंदिर का निर्माण हो सके। ऐसे में इस दान राशि में किसी भी प्रकार की 'हेराफेरी' या अनियमितता सीधे तौर पर उन करोड़ों हिंदुओं के भरोसे के साथ बड़ा विश्वासघात है।

आम आदमी पार्टी के नेता ने इस बात पर सबसे अधिक जोर दिया कि इस कथित अनियमितता के पीछे केवल मामूली स्तर के कर्मचारी या बिचौलिए ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि उनके पीछे खड़े बड़े चेहरे भी उतने ही दोषी हैं। केजरीवाल ने मांग की कि रसूखदार लोगों के खिलाफ भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जो पर्दे के पीछे रहकर इन घोटालेबाजों को संरक्षण देने और उनकी गलतियों पर पर्दा डालने का काम कर रहे हैं।

राम मंदिर के प्रति लोगों के अटूट समर्पण को रेखांकित करते हुए केजरीवाल ने एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी साझा किया। उन्होंने पीटीआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि देश के एक पूर्व केंद्रीय गृह सचिव ने अयोध्या राम मंदिर के लिए गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित पवित्र महाकाव्य रामचरितमानस की एक किलोग्राम सोने की प्रति दान की थी। यह उदाहरण दर्शाता है कि इस मंदिर से हर वर्ग के लोगों की कितनी गहरी आस्था जुड़ी है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब समाज का हर वर्ग, चाहे वह कोई साधारण नागरिक हो या देश के उच्च पदों पर रहे सेवानिवृत्त अधिकारी, अपनी पूरी श्रद्धा मंदिर को समर्पित कर रहे हैं, तो मंदिर प्रबंधन और संबंधित प्राधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। पैसे या मूल्यवान उपहारों के प्रबंधन में रत्ती भर भी संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि ऐसे संवेदनशील मामलों में ढिलाई बरती जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केजरीवाल का हनुमान मंदिर में जाकर राम मंदिर के मुद्दे पर बोलना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। मारुति नंदन यानी भगवान हनुमान को श्री राम का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। ऐसे में हनुमान जी की शरण में जाकर राम मंदिर के पैसों की सुरक्षा और ईमानदारी के लिए प्रार्थना करना उनके इस मुद्दे को धार्मिक और नैतिक दोनों स्तर पर मजबूती देता है।

उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा पहले भी राम मंदिर ट्रस्ट की भूमि खरीद में कथित घोटालों को लेकर कई गंभीर दावे किए गए हैं। संजय सिंह जैसे नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सड़क से संसद तक जोरदार आवाज उठाई थी। अब दिल्ली के मुख्यमंत्री ने स्वयं इस मुद्दे को नई धार दे दी है, जिससे स्पष्ट है कि पार्टी आने वाले समय में इस मुद्दे पर अपना रुख कड़ा रखने वाली है।
गोवा दौरे की राजनीतिक जमीन और मंदिर नीति

केजरीवाल का यह मंदिर दौरा उनके गोवा प्रवास के दौरान हुआ, जहां उनकी पार्टी आगामी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी है। गोवा में 'आप' खुद को एक ईमानदार और जन-हितैषी विकल्प के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रही है। इससे पहले भी केजरीवाल ने गोवा के नागरिकों के लिए अयोध्या, शिरडी और अजमेर शरीफ जैसे धार्मिक स्थलों की मुफ्त तीर्थयात्रा योजना शुरू करने का वादा किया है, जिसे जनता के बीच काफी पसंद किया गया।

पणजी का ऐतिहासिक मारुति मंदिर स्थानीय जनता के बीच बेहद पूजनीय है और प्रत्येक शनिवार को यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए जुटते हैं। केजरीवाल द्वारा ऐसे पावन स्थल पर आकर आम लोगों की धार्मिक भावनाओं को छूने वाले मुद्दे पर बोलना सीधे तौर पर स्थानीय मतदाताओं से जीवंत संवाद स्थापित करने की एक बड़ी राजनीतिक कवायद को भी दर्शाता है।

राम मंदिर में भ्रष्टाचार के इन कथित आरोपों पर केजरीवाल के कड़े और आक्रामक रुख ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। भ्रष्टाचार विरोधी छवि के बल पर राजनीति की शुरुआत करने वाले अरविंद केजरीवाल के लिए यह विषय केवल धार्मिक मर्यादा ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता का भी है। आगामी समय में देखना होगा कि इस मांग पर केंद्रीय एजेंसियां या मंदिर ट्रस्ट क्या कदम उठाते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+