बिहार में नीति आयोग की तर्ज पर बनेगा राज्य आयोग, मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार, दीर्घकालिक विकास, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और अंतर-विभागीय समन्वय का मार्गदर्शन करने के लिए एक राज्य स्तरीय आयोग की योजना बना रही है। एक समर्पित डिजिटल पोर्टल एमएलए और जिला योजनाओं की निगरानी करेगा, जिसमें एक विकसित बिहार और अधिकारियों तक बेहतर मौसम की जानकारी के प्रसार की दिशा में 2037 का रोडमैप होगा।
बिहार में दीर्घकालिक और संतुलित विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि केंद्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर बिहार में भी एक राज्य स्तरीय आयोग का गठन किया जाएगा। यह आयोग राज्य के दीर्घकालिक विकास का विजन तैयार करने, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, विकास योजनाओं की निगरानी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समय-समय पर नीतिगत सुझाव देने का कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार' में आयोजित योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान की। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाए। इस पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी, प्रगति और निगरानी का ऑनलाइन प्रबंधन किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि योजना एवं विकास विभाग का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मूल्यांकन और वास्तविक परिणाम सुनिश्चित करना होना चाहिए।
गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कब्रिस्तान घेराबंदी योजना के तहत संवेदनशील स्थलों की सूची तैयार कर कार्य शीघ्र पूरा करने और उसकी नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
हर जिले के लिए अलग विकास और बजट योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी जिलों के संतुलित विकास के लिए उनकी स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों और संभावनाओं के अनुरूप व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले के लिए अलग बजट योजना बनाने पर भी जोर दिया, ताकि स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुसार संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड के लिए भी दीर्घकालिक और परिणामोन्मुख विकास योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन को कम किया जा सके।
2037 तक 'विकसित बिहार' का रोडमैप तैयार होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2037 में बिहार अपनी स्थापना के 125 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए 'विकसित बिहार' का स्पष्ट विजन और दीर्घकालिक विकास रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सफल कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें बिहार की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने के भी निर्देश दिए।
मौसम संबंधी सूचनाएं जनप्रतिनिधियों तक पहुंचेंगी
बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मौसम संबंधी पूर्वानुमान और महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रतिदिन सांसदों, विधायकों, जिला परिषद अध्यक्षों, मुखियाओं, जिला पदाधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाई जाएं।
उन्होंने कहा कि इसके लिए मैसेज, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि समय रहते आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें।
योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, पंचायत सरकार भवन निर्माण, कब्रिस्तान घेराबंदी योजना समेत कई प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई। योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयालक्ष्मी ने विभाग की उपलब्धियों, वर्तमान योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयालक्ष्मी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।












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