आदत से मजबूर पीएम शरीफ, आखिरकार छेड़ ही दिया यूएन में कश्मीर का राग
न्यूयॉर्क। रविवार को पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने महिला सशक्तीकरण पर यूएनजीए में स्पीच दी। उन्हें मालूम था कि अपने भाषण में वह कश्मीर का जिक्र कर अपनी बेचारगी को बयां नहीं कर पाएंगे। ऐसे में जब स्पीच के बाद वह यूएन महासचिव बान की मून से मिले तो खुद को रोक नहीं सके।

पहले यूनाइटेड नेशंस को चिट्ठी और फिर पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ का एक कदम आगे जाकर कश्मीर का जिक्र करना, साफ है कि पाक एक ऐसा मुल्क है जो कभी भी अपने रुख में बदलाव नहीं कर सकता है।
पीएम शरीफ ने मून के सामने कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने मून से कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग कर डाली। पीएम नवाज ने न सिर्फ कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग की बल्कि एलओसी पर सीजफायर वॉयलेशन का भी जिक्र कर डाला। शरीफ ने यूएन महासचिव से कहा कि वह एलओसी पर जारी तनाव को खत्म करने में अपनी भूमिका निभाए।
शरीफ ने मून से कहा कि यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के नियमों के तहत कश्मीर की जनता की इच्छा को तवज्जो दे और यहां पर जनमत संग्रह कराए।
पाकिस्तानी मिशन की मानें तो यूएन प्रमुख बान की मून ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को लेकर चिंता जताई।
वहीं दूसरी ओर बान की मून ने दोनों देशों के बीच बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने कहा है कि दोनों देश बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाएं। भारत हमेशा से कहता आया है कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें यूनाइटेड नेशंस की कोई भूमिका नहीं हैं।












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