PM मोदी की US यात्रा चीन या रूस को लेकर नहीं, ड्रैगन की बौखलाहट के बाद अमेरिका ने राजकीय दौरे पर क्या बोला?
PM Modi US Visit: पीएम मोदी के अमेरिका दौरे से चीन की बौखलाहट सामने के बाद व्हाइट हाउस ने इसे स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अमेरिकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य सहयोग बढ़ाने पर ध्यान देने का है। इसके साथ ही अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
इस यात्रा का उद्देश्य चीन या रूस को लेकर नहीं है। व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जॉन किर्बी ने कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी या भारत सरकार को कुछ अलग करने के लिए मनाने के बारे में नहीं है।

यह राजकीय यात्रा रूस के बारे में भी नहीं है। हम भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। द्विपक्षीय संबंधों की नींव को सुधारना है, क्योंकि यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। यह यात्रा इस बात पर ध्यान केंद्रित करने के लिए है कि हम इस रिश्ते में कहां हैं। इसे और अधिक मजबूत और अधिक सहयोगात्मक बनाकर आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत को महान शक्ति के रूप में उभरने का समर्थन किया है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग में सुधार और गहरा करना चाहता है। हम भारत और यूएसए के बीच रक्षा सहयोग में सुधार और गहरा करना चाहते हैं।
बता दें कि पीएम मोदी के अमेरिका दौरे से चीन की बौखलाहट खुलकर सामने आ गई है। चीन ने सीधी तौर पर धमकी दी है कि अमेरिका को भारत से नजदीकियां बढ़ाने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिका द्वारा भारत को आगे बढ़ाने और चीन की आर्थिक प्रगति रोकने के अमेरिका के प्रयासों को तेज करने पर चीन ने अमेरिका को फटकार लगाई है।
वहीं चीन सरकार के स्वामित्व वाले सरकारी मुखपत्र द ग्लोबल टाइम्स में लिखा कि अमेरिका और भारत के साथ आर्थिक औश्र व्यापारिक सहयोग चरम पर है। इस वित्तीय वर्ष में अमेरिका का भारत सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बनकर सामने आया है। भविष्य में भी अगर ऐसा ही होता रहा तो भविष्य में इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को अच्छा लाभ होगा।












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