चीन से नेपाल का मोहभंग, भारत के साथ किए कई अहम समझौते, दिल्ली में प्रधानमंत्रियों की मुलाकात
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने शनिवार को नई दिल्ली में हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।
नई दिल्ली, अप्रैल 02: पुराने सभी गिले-शिकवे भुलाकर भारत और नेपाल के बीच रिश्तों की नई नींव भारत में रख दी गई है और चीन से मोह भंग होने के बाद भारत और नेपाल के बीच नई दिल्ली में कई अहम समझौते किए गये हैं। भारत दौरे पर आए नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुलाकात हुई है, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने समेत कई अहम समझौते किए गये हैं।

पीएम मोदी-नेपाली प्रधानमंत्री की मुलाकात
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने शनिवार को नई दिल्ली में हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस मुलाकात को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि, "हमारी बहुआयामी साझेदारी पर व्यापक बातचीत एजेंडा में है।" पिछले साल जुलाई में पांचवीं बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद से प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की यह पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा है। देउबा के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है और नेपाल के प्रधानमंत्री भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। जिसको लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि बैठक के दौरान भारत और नेपाल की बहुआयामी साझेदारी के बीच व्यापक वार्ता एजेंडा में है।

नई ऊंचाई पर संबंध ले जाने की कोशिश
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट करते हुए कहा कि, ''भारत-नेपाल संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।' इससे पहले दिन में, नेपाल के प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। कल नेपाल के प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला से मुलाकात की थी। इससे पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा से पार्टी मुख्यालय में शिष्टाचार मुलाकात की। जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के साथ आज शिष्टाचार मुलाकात हुई। भारत और नेपाल न केवल पड़ोसी हैं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक, भाषाई और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी एक-दूसरे के बहुत करीब हैं।"

पटरी पर आ रहे संबंध
भारत और नेपाल के बीच अंतिम राष्ट्राध्यक्ष/सरकार-स्तरीय यात्रा मई 2019 में हुई थी, जब तत्कालीन पीएम केपी शर्मा ओली ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत का दौरा किया था। इससे पहले पीएम मोदी ने अगस्त 2018 में काठमांडू में चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए नेपाल का दौरा किया था, जो मई 2018 में नेपाल की राजकीय यात्रा से पहले हुआ था। नेपाल की संसद में वोट ऑफ कॉन्फिडेंस जीतने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने शेर बहादुर देउबा को बधाई संदेश दिया था। इसके बाद 19 जुलाई 2021 को टेलीफोन पर दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। पीएम मोदी और शेर बहादुर देउबा के बीच सबसे हालिया मुलाकात 2 नवंबर, 2021 को ग्लासगो में सीओपी 26 के मौके पर हुई थी। आपको बता दें कि, केपी शर्मा ओली के कार्यकाल के दौरान भारत और नेपाल के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आ गये थे, मगर देउबा के पीएम बनने के बाद दोनों देशों के रिश्ते फिर से पटरी पर आ रहे हैं।
शेर बहादुर देउबा की राजनीति
शेर बहादुर देउबा सात दशकों से अधिक वक्त से नेपाल की राजनीति में एक्टिव हैं और नेपाली कांग्रेस के एक अनुभवी राजनेता हैं। पीएम के तौर पर देउबा का यह पांचवां कार्यकाल है। उनका पहला कार्यकाल सितंबर 1995 से मार्च 1997 तक था। सत्ता में और सत्ता से बाहर होने पर भी वह कई बार भारत का दौरा कर चुके हैं और बतौर प्रधानमंत्री यह उनकी पांचवीं भारत यात्रा है। इससे पहले शेर बहादुर देउबा अगस्त 2018 में भारत की यात्रा की थी और उससे पहले उन्होंने साल 2004, 2002 और 1996 में भारत की यात्रा की थी। वहीं, नई दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अब नेपाल के प्रधानमंत्री वाराणसी की यात्रा पर जाने वाले हैं।
नेपाल में रुपे कार्ड लांच
वहीं, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल में रूपे कार्ड के लांच होने पर कहा कि, रुपे कार्ड के लांच होने से भारत और नेपाल के आर्थिक संबंधों में एक नये अध्याय की शुरूआत हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि, देउबा जी भारत के पुराने मित्र हैं। प्रधानमंत्री के रूप में, यह उनकी भारत की पांचवीं यात्रा है। उन्होंने भारत-नेपाल संबंधों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत और नेपाल के बीच दोस्ती, हमारे लोगों के बीच संबंध - ऐसा उदाहरण दुनिया में और कहीं नहीं देखा जा सकता है। वहीं, नेपाल के पीएम ने कहा कि, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत जो विकास कर रहा है, उसकी मैं प्रशंसा करता हूं। उन्होंने कहा कि, हमने भारत को कोवड संकट से जूझते हुए देखा है और भारत ने इसके बाद भी नेपाल को वैक्सीन की सहायता और दवाओं की सहायता जी, इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं।












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