Video: दक्षिण चीन सागर में भड़का तनाव, चीन और फिलीपींस के जहाजों की आमने-सामने की टक्कर, होगी लड़ाई?
Philippine China South China Sea: दुनिया अभी यूक्रेन-रूस और इजराइल-हमास के बीच चल रही लड़ाइयों से परेशान है, लेकिन ऐसा लगता है, कि एक और लड़ाई जल्द छिड़ने वाली है और इस बार दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस आमने-सामने हैं।
दक्षिण चीन सागर से एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसमें चीन और फिलीपींस के जहाजों के बीच टक्कर होती देखी जा रही है। ये घटना उस क्षेत्र में हुई है, जिसपर फिलीपींस अपना दावा करता है, लेकिन चीन का कहना है, कि पूरा का पूरा दक्षिण चीन सागर उसका हिस्सा है।

फिलीपींस और चीन के जहाजों में टक्कर
दक्षिण चीन सागर में बीजिंग के साथ फिलीपींस का टकरारा अभी तक की सबसे गंभीर घटना मानी जा रही है, क्योंकि फिलीपींस ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है और चीन की धमकियों के आगे झुकने वाला नहीं है।
दक्षिण चीन सागर में जहाजों की हुई टक्कर के बाद फिलीपींस के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने बुधवार को कहा, फिलीपींस ने अपने संप्रभु अधिकारों से पीछे नहीं हटने की कसम खाई है।
फिलीपींस, चीन के तटरक्षक बल के बार-बार के आक्रामक रवैये से बौखलाया हुआ है और उसने आरोप लगाया है, कि चीनी तटरक्षक जहाजों ने उसके जहाजों पर पानी की बौछार किया और विवादित सेकंड थॉमस शोल में तैनात सैनिकों तक सामान पहुंचाने के उसके मिशन को रोकने की कोशिश की।
आपको बता दें, कि दक्षिण चीन सागर में सेकंड थॉमस शोल एक कम पानी वाला जगह है, जहां फिलीपींस का एक जहाज सालों से फंसा हुआ है, और उस जहाज पर फिलीपींस के दर्जन भर सनिक रहते हैं। फिलीपींस अपने उस जहाज को नहीं निकालता है और उस जगह को अपना बताता है। फिलीपींस उस जहाज पर रहने वाले सैनकों तक लगातार जरूरी सामान पहुंचाता रहता है, जिसको लेकर चीन एतराज जताता है। फिलीपींस का वो जहाज अब जर्जर हो चुका है, लेकिन फिलीपींस उसकी मरम्मत भी नहीं करवाता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है, कि फिलीपींस ने जान-बूझकर सेकंड थॉमस शोल में अपने जहाज को रख छोड़ा है, ताकि चीन उस क्षेत्र पर कब्जा नहीं कर पाए।
फिलीपींस के दक्षिण चीन सागर टास्क फोर्स ने कहा है, कि एक जिस जहाज पर चीनी तटरक्षक बलों ने पानी की बौछारक की है, उसपर उसके शीर्ष एडमिरल भी मौजूद थे और पानी की बौछार से जहाज की विंडशील्ड टूट गई और चार नौसेना कर्मी घायल हो गए। हालांकि, एडमिरल को कोई नुकसान नहीं हुआ।
फिलीपींस टास्क फोर्स के प्रवक्ता जोनाथन मलाया ने कहा, कि "यह अब तक की सबसे गंभीर घटना है।" उन्होंने चीन पर "जानबूझकर परेशानी पैदा करने" और "दुर्भावनापूर्ण तरीके से प्रोपेगेंडा फैलाने" का आरोप लगाया।
जहाजों के टक्कर पर क्या कह रहा है चीन?
चीन ने फिलीपींस पर उसके क्षेत्र में घुसपैठ करने का आरोप लगाया और उसकी मुख्य भूमि से 1,300 किमी दूर सेकेंड थॉमस शोल पर निर्विवाद संप्रभुता का दावा किया है। चीन, दक्षिण चीन सागर के अधिकांश हिस्से पर अपना दावा करता है, बावजूद इसके कि अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पैनल ने निष्कर्ष निकाला है, कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत चीन के दावे का कोई आधार नहीं है।
फिलीपींस के रक्षा सचिव गिल्बर्टो टेओडोरो ने बुधवार को कहा, कि चीन के दावे निराधार हैं और इस सप्ताह उसकी हरकतें "स्पष्ट रूप से अवैध और पूरी तरह से असभ्य" थीं।

टेओडोरो ने एक बयान में कहा, कि "सीधे शब्दों में कहें, तो यह दावा ऐसा है, जिससे दुनिया का कोई भी सही सोच वाला देश सहमत नहीं है और कई लोग इसकी निंदा करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, कि "(चीन की) इस कहानी को बनाने और बेचने का व्यर्थ प्रयास वास्तविक अकाट्य तथ्यों के सामने नाकाम हो जाता है।"
आपको बता दें, कि फिलीपींस ने चीन से अपनी रक्षा के लिए और ड्रैगन के किसी भी हमले का जवाब देने के लिए अमेरिका और भारत से भारी संख्या में ना सिर्फ हथियार खरीदे हैं, बल्कि उसने अमेरिकी सैना को देश में सन्य अड्डा खोलने की भी अनुमति दे रखी है।
फिलीपींस ने हालिया समय में भारत से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस भी खरीदा है, जिसे दुनिया का सबसे खतरनाक क्रूज मिसाइल कहा जाता है। चीन के पास अभी ऐसे एयर डिफेंस सिस्टम नहीं हैं, जिससे ब्रह्मोस को ट्रैक किया जा सके।












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