लेमिनेशन पेपर की कमी से पाकिस्तान में नहीं बन रहे पासपोर्ट, यात्रियों की विदेश यात्रा हुई कैंसिल
पाकिस्तान में लेमिनेशन पेपर की कमी की वजह से लोगों को पासपोर्ट मिलने में संकट का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान पासपोर्ट में उपयोग होने वाला लेमिनेशन पेपर फ्रांस से आयात करता है।
पेपर की कमी की वजह से लगभग लाखों अमुद्रित पासपोर्ट इकठ्ठा हो गए हैं। इस स्थिति ने उन हजारों पाकिस्तानी नागरिकों का भविष्य खतरे में डाल दिया है जिनकी पढ़ाई, काम या आराम के लिए विदेश यात्रा करने की योजना थी।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक पासपोर्ट महानिदेशालय से जुड़े एक शख्स ने कहा कि सरकार संकट से निपटने की पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि स्थिति जल्द ही नियंत्रण में होगी और लोगों को यह आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा।
पाकिस्तान में गुजरात के रहने वाले जैन इजाज ने लंबे समय से यूनाइटेड किंगडम में पढ़ाई करने का सपना देखा था। जब आख़िरकार उन्हें यूके के एक विश्वविद्यालय में प्रवेश मिल गया, तो ऐसा लगा जैसे उनका सपना पूरा हो गया है। लेकिन, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पासपोर्ट मिलने में असाधारण देरी के कारण अब उनके सपने टूटने का खतरा है।
पेशावर की एक छात्र हीर गुल ने पाकिस्तानी मीडिया से शिकायत करते हुए कहा, "इटली के लिए मेरा छात्र वीजा हाल ही में स्वीकृत हुआ था। अक्टूबर में मुझे देश में छोड़न देना था मगर हालांकि, पासपोर्ट की अनुपलब्धता की वजह से मुझे इटली जाने का मौका नहीं मिल पाया। मैं एक सरकारी विभाग की अक्षमता की कीमत चुका रही हूं।"
कराची के रहने वाले मोहम्मद फैजान ने कहा कि उसने पासपोर्ट के लिए दो महीने पहले आवेदन किया था। लेकिन अबतक पासपोर्ट नहीं मिल पाया है। इसके कारण उन्हें अपनी महत्वपूर्ण यात्रा रद करनी पड़ी।
फैजान से सहमति जताते हुए अन्य शख्स आमिर ने कहा कि पासपोर्ट महानिदेशालय की ओर से यात्रा दस्तावेजों के बैकलाग में कमी का दावा किया जाना लोगों को गुमराह करने वाली बात है। अब तक मेरा पासपोर्ट नहीं मिला है। इसके कारण मुझे मजबूरन अपनी विदेश यात्रा रद करनी पड़ी है।
टाइम्स ऑफ कराची ने बताया कि पाकिस्तान में लगभग 7 लाख बिना मुद्रित पासपोर्ट का बैकलॉग है, और एक बार लेमिनेशन पेपर मिल जाने के बाद, खोए हुए समय की भरपाई के लिए सप्ताहांत पर भी छपाई जारी रहेगी।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान इस तरह के संकट का सामना कर रहा है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, 2013 में, डीजीआई एंड पी द्वारा प्रिंटरों को पैसा देने और लेमिनेशन पेपर्स की कमी के कारण पासपोर्ट की छपाई इसी तरह रुक गई थी।












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