पाकिस्तानी सेना और तालिबान के बीच गोलीबारी, डूरंड लाइन पर फेंसिग को लेकर विवाद
नई दिल्ली, 25 दिसंबर: पाकिस्तानी सेना और तालिबान के बीच अफगानिस्तान-पाकिस्तान को अलग करने वाली डूरंड लाइन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी बीच आज डूरंड रेखा पर पाक सैनिकों और तालिबानी लड़ाकों के बीच गोलाबारी की खबरें आ रही हैं। ताजा घटनाएं शुक्रवार को बाजौर इलाके के गांवों गंजगाल, सरकानो और कुनौर में हुई हैं। स्थानीय मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, दोनों पक्ष एक दूसरे पर गोलियां बरसा रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर 30 मिनट तक दोनों ओर से फायरिंग की गई। कथित तौर पर यह गोलीबारी उस समय शुरू हुई जब तालिबान के एक स्नाइपर ने सीमा पर तारबंदी में जुटे दो पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। इसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने यहां बस्तियों पर फायरिंग की। जवाब में तालिबानी लड़ाकों ने भी जमकर गोलीबारी की। तालिबान ने डूरंड लाइन पर लगाए गए बाड़ को ध्वस्त कर दिया है।
स्थानीय रिपोर्टों में आगे कहा गया है कि इलाके में भारी गोलीबारी हुई हैं, कई गोले ग्रामीणों के घरों पर गिरे हैं। जिसमें कई लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है। इस बीच, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने शनिवार को 19 दिसंबर को दर्रा आदम खेल में संघीय मंत्री शिबली फ़राज़ पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली, जिसमें उनका ड्राइवर और अंगरक्षक घायल हो गए थे।
तालिबान और पाकिस्तान के बीच ताजा सीमा संघर्ष ऐसे समय पर सामने आया है, जब दोनों पक्षों ने दावा किया था कि, उन्होंने सीमा पर बाड़ लगाने को लेकर हालिया विवाद को आपसी सहमति से सुलझा लिया है। इस परियोजना पर आम सहमति से काम किया जाएगा। शुक्रवार को पत्रकारों के एक समूह से बात करने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वरिष्ठ स्तर पर यह तय किया गया है कि भविष्य में बाड़ से जुड़े मुद्दों को आपसी सहमति से निपटाया जाएगा। हालांकि, अधिकारी ने यह नहीं बताया कि असल में किस स्तर पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बातचीत हुई है।
पाकिस्तान के अखबार डॉन बुधवार को अपनी खबर में कहा था कि, तालिबानी लड़कों ने तारबंदी में रुकावट डाली थी और काटेदार तार लेकर चले गए थे। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पड़ोसी देश के कड़े विरोध के बावजूद पाकिस्तान 2017 से अफगानिस्तान के साथ 2600 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़ लगा रहा है ताकि आतंकवादी घुसपैठ और तस्करी को समाप्त किया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक इसका 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तारबंदी एक झगड़े की वजह रहा है, क्योंकि अफगानिस्तान यह कहकर इसका विरोध करता है कि सीमा का सीमांकन औपनिवेशिक काल में हुआ था। डूरंड रेखा रूसी और ब्रिटिश साम्राज्यों के बीच 19वीं शताब्दी के ग्रेट गेम की एक विरासत है। तब पूर्व में रूसी विस्तारवाद से बचने के लिए भयभीत ब्रिटिश साम्राज्य ने अफगानिस्तान को एक बफर जोन के रूप में इस्तेमाल किया था।












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