इमरान खान अकेले नहीं हैं बेइमान.. क्या नवाज, क्या शहबाज और क्या जरदारी, हर किसी ने तोशाखाना में लूट मचाई
Imran Khan News: तोशाखाना मामले में सिर्फ इमरान खान को 3 साल की सजा सुनाई गई है, लेकिन रिकॉर्ड्स को खंगालें, तो पाकिस्तान का एक भी ऐसा प्रधानमंत्री नहीं है, जिसने सरकारी खजाने को लूटा नहीं है। चाहे नवाज शरीफ हों, शहबाज शरीफ हों या फिर बिलावल भुट्टो के पिता आसिफ अली जरदारी... हर किसी ने तोशाखाना में लूट मचाई है, लेकिन सिर्फ इमरान खान को जेल की सजा सुनाई गई है।
लाहौर हाइकोर्ट के आदेश के बाद, इसी साल मार्च महीने में शहबाज शरीफ की सरकार को साल 2002 से 2022 तक देश के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों, संघीय कैबिनेट सदस्यों, राजनेताओं, नौकरशाहों, सेवानिवृत्त जनरलों, न्यायाधीशों और पत्रकारों को विदेशों से मिले गिफ्ट का रिकॉर्ड सार्वजनिक करना पड़ा और इस रिकॉर्ड को देखने के बाद पता चलता है, कि बेइमान सिर्फ इमरान खान नहीं हैं।

तोशाखाना के कितने गुनहगार
रिकॉर्ड्स से पता चलता है, कि पाकिस्तान के दर्जनों बड़े नेताओं ने बिना कोई कीमत चुकाए, या काफी कम कीमत चुकाकर वो गिफ्ट ले लिया, जिसे तोशाखाना में जमा करना चाहिए था।
इससे सरकरी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इमरान खान का मामला पिछले एक साल से काफी गरमाया हुआ है, क्योंकि तोशाखाना केस में फंसने के बाद उन्हें जेल की सजा सुनाई गई है, उनके चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया जा चुका है। लेकिन, जब लाहौर हाईकोर्ट की फटकार के बाद पाकिस्तन सरकार ने तोशाखाना के रिकॉर्ड सार्वजनिक किए, तो खुद शहबाज शरीफ के हाथ बेइमानी के रंग में रंगे नजर आए।
पाकिस्तान के बड़े-बड़े नेता बेइमान!
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, तोशाखाना रिकॉर्ड से पता चला है, कि देश के मौजूदा राष्ट्रपति डॉ आरिफ अल्वी, मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, दिवंगत सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ, पूर्व प्रधानमंत्री शौकत अजीज, पूर्व पीएम यूसुफ रजा गिलानी, पूर्व पीएम शाहिद खाकान अब्बासी, पूर्व पीएम राजा परवेज अशरफ, पूर्व पीएम जफरुल्ला खान जमाली, सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी, वित्त मंत्री इशाक डार, विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी, पूर्व गृहमंत्री शेख राशिद अहमद, खुर्शीद कसूरी, अब्दुल हफीज शेख, पूर्व वित्तमंत्री जहांगीर तरीन, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बेइमानी की है और सरकारी खजाने को चूना लगाया है।
यानि, हमाम में सब नंगे निकले हैं और कोई भी ऐसा नेता नहीं है, जो बेदाग निकला हो, लेकिन फंसे सिर्फ इमरान खान हैं, क्योंकि उन्होंने फौज से बगावत कर दी थी।
तोशाखाना रिकॉर्ड से क्या पता चलता है?
दस्तावेजों के मुताबिक, कुछ उपहारों को छोड़कर ज्यादातर उपहार पाकिस्तान के नेताओं ने बिना कोई कीमत चुकाए अपने घर में रख लिए। रिकॉर्ड से पता चलता है, कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पूर्व पीएम नवाज शरीफ को विदेश यात्रा के दौरान एक-एक बुलेटप्रूफ गाड़ी मिली थी और उन्होंने उन गाड़ियों की काफी कम कीमत चुकाकर अपने पास रख ली।
वहीं, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान और उनकी पत्नी को पांच बेशकीमती कलाई घड़ियां, गहने और अन्य सामान मिले थे, जिसे उन्होंने जमा नहीं कराया।
वहीं, परवेज मुशर्रफ और शौकत अजीज ने बिना एक पैसा चुकाए सैकड़ों विदेशी उपहार अपने पास रख लिए। यानि, सिर्फ इमरान खान अकेले ही गुनहगार नहीं हैं, बल्कि जिस नेता और जिन अधिकारियों को जहां भी मौका मिला, उन्होंने पाकिस्तान को लूटा।
तोशाखाना रिकॉर्ड से पता चला है, कि पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 26 जनवरी 2009 को एक बीएमडब्ल्यू 760 ली-व्हाइट को तोशाखाना में जमा कराने के बजाए अपने ही पास रखा था। इस गाड़ी की तत्कालीन कीमत 2 करोड़ 73 लाख रुपये के करीब थी, जबकि इसके लिए आसिफ अली जरदारी ने तोशाखाना को सिर्फ 40 लाख रुपये ही दिए।
नवाज शफीफ को 20 अप्रैल 2008 को एक मर्सिडीज बेंज कार गिफ्ट में मिली थी, जिसकी कीमत उस समय 4.25 मिलियन रुपये थी। लेकिन, दस्तावेज़ के अनुसार, पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने सिर्फ 60 लाख रुपये देकर कार को अपने पास रख लिया।












Click it and Unblock the Notifications